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Budaun News: टीम ने अस्पताल के बोर्ड उतारे, ताले डाले, फिर भी रात में हो रहे प्रसव
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बदायूं। न्यू अपोलो अस्पताल में मरीज की हालत बिगड़ने पर अप्रशिक्षित युवक मौके से भाग गया था। पीड़ित की शिकायत पर जैसे-तैसे स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची तो मरीज भर्ती मिले, जबकि उसका पंजीयन नवीनीकृत नहीं मिला। फर्जी ढंग से अस्पताल संचालित किए जाने से टीम ने बोर्ड हटवा दिए और ताले डलवा दिए थे। सूत्र बताते हैं कि इसके बाद भी रात में अस्पताल के ताले खोलकर प्रसव कराए जा रहे हैं।
यहां बता दें कि सिविल लाइन क्षेत्र के गांव नवादा पर न्यू अपोलो अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दिखावे के लिए बंद करा दिया था, लेकिन रात में अस्पताल संचालित हो रहा है। शनिवार की रात दो प्रसूताओं को भर्ती किया गया। रात में ही प्रसव कराए गए और सुबह होने से पहले ही उनको घर भेज दिया गया।
नियम यह है कि प्रसूता को ऑपरेशन के बाद कम से कम पांच दिन अस्पताल में ही भर्ती रहना होता है। दवा के साथ ही रोज उसकी ड्रेसिंग कराई जाती है, लेकिन फर्जी अस्पताल प्रसूताओं के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। चार से पांच घंटे में ही प्रसूताओं को घर भेज दिया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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न्यू अपोलो अस्पताल को बंद करा दिया गया है। अगर अस्पताल रात में संचालित हो रहा है जो जांच कराके दोषी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।- डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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यहां बता दें कि सिविल लाइन क्षेत्र के गांव नवादा पर न्यू अपोलो अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दिखावे के लिए बंद करा दिया था, लेकिन रात में अस्पताल संचालित हो रहा है। शनिवार की रात दो प्रसूताओं को भर्ती किया गया। रात में ही प्रसव कराए गए और सुबह होने से पहले ही उनको घर भेज दिया गया।
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नियम यह है कि प्रसूता को ऑपरेशन के बाद कम से कम पांच दिन अस्पताल में ही भर्ती रहना होता है। दवा के साथ ही रोज उसकी ड्रेसिंग कराई जाती है, लेकिन फर्जी अस्पताल प्रसूताओं के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। चार से पांच घंटे में ही प्रसूताओं को घर भेज दिया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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न्यू अपोलो अस्पताल को बंद करा दिया गया है। अगर अस्पताल रात में संचालित हो रहा है जो जांच कराके दोषी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।- डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ