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दुष्कर्मी गुफरान को फांसी की सजा: पिता ने जिसे गुजारे के लिए दिया काम, उसी ने मासूम बेटी से की हैवानियत

Sun, 30 Jul 2023 12:36 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sun, 30 Jul 2023 12:36 PM IST
सार

सिविल लाइन क्षेत्र के एक गांव में 11 अप्रैल 2021 को आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म कर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। गुफरान मजदूरी पर गेहूं की कटाई करने यहां आया था। दो साल बाद कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई है। 

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Death Sentence To Gufran for killing Girl After Misdeeds In Budaun
दुष्कर्मी गुफरान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं में दुष्कर्म के बाद आठ साल की बच्ची का हत्यारा गुफरान को मासूम के पिता ने अपने खेत पर गुजारे के लिए काम दिया था, लेकिन उसके अंदर छिपे हैवान को पहचान नहीं पाए। उसने न सिर्फ उनकी छोटी बेटी से दरंदिंगी की, साथ ही बेरहमी से कत्ल भी कर दिया था। दो साल बाद हत्यारे गुफरान को फांसी की सजा सुनाई गई तो मृतका के माता-पिता के कलेजे को ठंड पहुंची। 

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उत्तराखंड के जनपद ऊधमसिंह नगर के थाना बाजपुर क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर पट्टी निवासी गुफरान के पिता शफीक की मृत्यु हो चुकी है। बताते हैं कि गुफरान की गलत आदतों के कारण उसके भाई भी उसे अपने साथ नहीं रखते। वह बदायूं में काम की तलाश में आया था। 
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ये भी पढ़ें- UP News: दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या करने वाले गुफरान को फांसी की सजा, दो साल बाद आया फैसला
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काम की तलाश में वह थाना सिविल लाइन क्षेत्र के गांव में पहुंचा। यहां उसने बालिका के पिता से काम मांगा, जिस पर तरस खाकर उन्होंने गुफरान को गेहूं काटने के काम पर रख लिया। इसी दौरान उसके शैतानी दिमाग में हैवानियत आ गई। 11 अप्रैल 2021 को उसने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। 

गुफरान बेशर्म बनकर बोला- कोई पछतावा नहीं

मुजरिम गुफरान के जब कोर्ट में बयान लिए गए, तब उसने कहा कि उसको किसी प्रकार का कोई पश्चाताप नहीं है। उसके खिलाफ वादी ने जो रिपोर्ट लिखाई और बयान दिए हैं वह सही हैं। कोर्ट से फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद जब कोर्ट मुहर्रिर नीरज कुमार और देवश्री ने गुफरान के मृत्युदंड के वारंट पर निशानी अंगूठा लगवाया तो उसके चेहरे पर कोई शिकन नजर नहीं आया। वह बेफिक्र होकर पुलिस के साथ जेल चला गया। इस दौरान गुफरान के परिवार का कोई भी व्यक्ति न तो उससे मिलने आया न ही उसके मुकदमे की पैरवी की।

स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने कहा कि दोष सिद्ध गुफरान द्वारा पीड़िता के साथ पैशाचिक व्यवहार करते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। दोषसिद्ध की दरिंदगी यही समाप्त नहीं हुई उसने पीड़िता के नाक व मुंह को दबाकर उसकी आवाज बंद करने के लिए उसका दम घोंटकर हत्या कर दी। 

ऐसी दरिंदगी जंगली हिंसक जानवर अपने या अन्य जानवरों के बच्चों के साथ भी नहीं करते। ऐसी घटनाएं समाज को हिला कर रख देती हैं। समाज की प्रशासन और न्यायपालिका से यह आशा रहती है कि ऐसे जघन्य वर्णित अपराध को अंजाम देने वाले को कठोरतम दंड दिया जाए। इसलिए मेरी राय में मुजरिम गुफरान को मृत्युदंड दिया जाना उचित है।

परिजन बोले- अदालत ने किया न्याय

अदालत में जिस दौरान न्यायाधीश दीपक यादव ने दुष्कर्म और हत्या के मामले में मुजरिम गुफरान को फांसी की सजा सुनाई उस वक्त बालिका के माता-पिता भी वहां मौजूद थे। अदालत का फैसला सुनकर उनकी आंखों में आंसू आ गए। वह बोले कि उनकी बेटी तो वापस नहीं मिल सकती लेकिन अदालत ने पूरा न्याय किया है। हत्यारोपी गुफरान को फांसी की सजा सुनाई है। कम से कम उसे अपने कर्मों की सजा तो मिली। 
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