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बिजली की हाईटेंशन लाइन की चपेट में साइकिल सवार युवक की मौत
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सुधीश की मौत के उसके घर पर जुटीं ग्रामीण महिलाएं। संवाद
- फोटो : BADAUN
उझानी (बदायूं)। घर से खेत पर जाने के लिए साइकिल से निकला सुधीश यादव पड़ोसी गांव के कच्चे संपर्क मार्ग पर टूटे पड़ी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों की सूचना के बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
सुधीश (18) कोतवाली क्षेत्र के गांव पतौरा निवासी वीरेंद्र यादव की तीन संतान में सबसे बड़ा था। उसके पिता ने कादरचौक क्षेत्र में जलालपुर के पास खेत बटाई पर ले रखा था। खेत में सरसों की फसल देखने के लिए सुधीश घर से साइकिल पर निकला था। कच्चे संपर्क मार्ग पर पहले से ही टूटे पड़े तार पर उसकी नजर नहीं पड़ी। पहिये में तार उलझ जाने से वह उसी पर गिर पड़ा। उस तारों में करंट प्रवाहित हो रहा था। थोड़ी ही देर में सुधीश ने दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद जुटे लोगों ने उसकी पहचान कर परिवार के लोगों को भी बुलाया।
राहगीरों की सूचना के बाद ही बिजली सप्लाई बंद हुई, लेकिन हादसे के बाद भी बिजली कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने हंगामा भी किया। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। मृतक के परिजनों ने सुधीश की मौत के लिए बिजली कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया है।
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रात में दो बजे टूटी थी हाईटेंशन लाइन
मौके पर मिले ग्रामीणों में पतौरा निवासी लल्लाबाबू ने बताया कि बुधवार रात करीब दो बजे लाइन में फॉल्ट हुआ था। इससे तार टूट गया। रात में ही असरासी उपकेंद्र पर फोन करके तार टूटने के बारे में अवगत करा दिया गया, लेकिन सप्लाई बंद नहीं की गई। कर्मचारी भले ही रात में तार ठीक करने नहीं आते, लेकिन सप्लाई तो बंद कर सकते थे। इसके लिए लल्लाबाबू समेत कई और ग्रामीणों ने भी बिजली विभाग के कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाया। कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
हादसा हुआ है और एक जान भी गई है। यह दुर्भाग्य की बात है कि जिस वक्त युवक वहां से गुजर रहा था उसी समय लाइन में फॉल्ट हुआ था। किसी तरह से वह उसकी चपेट में आ गया। बृहस्पतिवार सुबह एचटी लाइन में ट्रिपिंग भी हुई थी। विद्युत सुरक्षा निदेशालय को नियमानुसार सूचना दी जा रही है। जांच और औपचारिकताओं के बाद मृतक के परिवार को जो भी मुआवजा स्वीकृत किया जाता है, वह दिलाया जाएगा। -राजनाथ सिंह, एक्सईएन चतुर्थ खंड।
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सुधीश (18) कोतवाली क्षेत्र के गांव पतौरा निवासी वीरेंद्र यादव की तीन संतान में सबसे बड़ा था। उसके पिता ने कादरचौक क्षेत्र में जलालपुर के पास खेत बटाई पर ले रखा था। खेत में सरसों की फसल देखने के लिए सुधीश घर से साइकिल पर निकला था। कच्चे संपर्क मार्ग पर पहले से ही टूटे पड़े तार पर उसकी नजर नहीं पड़ी। पहिये में तार उलझ जाने से वह उसी पर गिर पड़ा। उस तारों में करंट प्रवाहित हो रहा था। थोड़ी ही देर में सुधीश ने दम तोड़ दिया।
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हादसे के बाद जुटे लोगों ने उसकी पहचान कर परिवार के लोगों को भी बुलाया।
राहगीरों की सूचना के बाद ही बिजली सप्लाई बंद हुई, लेकिन हादसे के बाद भी बिजली कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने हंगामा भी किया। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। मृतक के परिजनों ने सुधीश की मौत के लिए बिजली कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया है।
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रात में दो बजे टूटी थी हाईटेंशन लाइन
मौके पर मिले ग्रामीणों में पतौरा निवासी लल्लाबाबू ने बताया कि बुधवार रात करीब दो बजे लाइन में फॉल्ट हुआ था। इससे तार टूट गया। रात में ही असरासी उपकेंद्र पर फोन करके तार टूटने के बारे में अवगत करा दिया गया, लेकिन सप्लाई बंद नहीं की गई। कर्मचारी भले ही रात में तार ठीक करने नहीं आते, लेकिन सप्लाई तो बंद कर सकते थे। इसके लिए लल्लाबाबू समेत कई और ग्रामीणों ने भी बिजली विभाग के कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाया। कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
हादसा हुआ है और एक जान भी गई है। यह दुर्भाग्य की बात है कि जिस वक्त युवक वहां से गुजर रहा था उसी समय लाइन में फॉल्ट हुआ था। किसी तरह से वह उसकी चपेट में आ गया। बृहस्पतिवार सुबह एचटी लाइन में ट्रिपिंग भी हुई थी। विद्युत सुरक्षा निदेशालय को नियमानुसार सूचना दी जा रही है। जांच और औपचारिकताओं के बाद मृतक के परिवार को जो भी मुआवजा स्वीकृत किया जाता है, वह दिलाया जाएगा। -राजनाथ सिंह, एक्सईएन चतुर्थ खंड।

सुधीश यादव। (फाइल फोटो)- फोटो : BADAUN