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Budaun News: साजिश रच वादी के घर दबिश देने वाले निलंबित चारों सिपाही बुलंदशहर के निवासी
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बदायूं। जरीफनगर थाना क्षेत्र की मालपुर चौकी क्षेत्र में 7 सितंबर की रात बस्तोई सीकरी चौकी के निलंबित प्रभारी एसआई मनीष भारद्वाज के साथ दबिश देने गए चारों पुलिस कर्मी बुलंदशहर के निवासी हैं। चारों में अच्छा दोस्ताना है। एक साथ खाना-पीना करने की बात भी सामने आई है। बृहस्पतिवार को निलंबित पुलिस कर्मियों के एसपी सिटी के सामने बयान हुए। विभागीय जांच पूरी होने के बाद मामले में कुछ और पुलिस कर्मियों के नाम सामने आ सकते हैं, जो कार्रवाई की जद में आएंगे।
साजिश रचते हुए आरोपी पक्ष से डील कर वादी को डोडा में फंसाने के लिए बिना अनुमति दूसरी चौकी क्षेत्र में दबिश देने के मामले में एसएसपी अंकिता शर्मा ने प्रारंभिक जांच के आधार पर उपनिरीक्षक मनीष भारद्वाज के साथ आरक्षी हरीश, लोकेश, सुरजीत और संदीप को रविवार को निलंबित किया था। इसके बाद विभागीय जांच एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह कर रहे हैं।
एसपी सिटी ने निलंबित पांचों पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं, अब मामले में यह भी जांच की जा रही है कि दरोगा के साथ दबिश देने वाले बुलंदशहर के निवासी चारों पुलिस कर्मियों की तैनाती चौकी पर एक साथ कैसे हो गई।
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थाना प्रभारी की भूमिका भी रही संदिग्ध
जनपद के संभल बॉर्डर पर स्थित जरीफनगर थाना का प्रभार हाल में संभल से गैर जनपद से ट्रांसफर होकर आए निरीक्षक बाबूराम गौतम को मिला है। पीड़ित परिवार को पीछे की दीवार से थाने लाकर मारपीट करने, फिर उन्हें दाखिल करने के प्रयास सफल नहीं होने पर पीछे की दीवार कुदाकर वापस कराने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ितों के परिजनों के थाने पहुंचने पर निरीक्षक बाबूराम को जानकारी होने के बाद को दो दिन तक उच्च अधिकारियों को नहीं बताया था। दो दिन बाद पीड़ितों ने एसएसपी से मिलकर घटनाक्रम से पर्दा उठाया था।
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वादी उदयप्रकाश बुलंदशहर में डोडा संग पकड़े जाने पर जा चुका है जेल
पुलिस की ओर से दियोहरा शेखपुर गांव में जिस उदयप्रकाश के घर दबिश दी गई थी वह बुलंदशहर में डोडा पकड़ने के मामले में जेल जा चुका है। सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह के अनुसार, टीम उनके पास डोडा की जानकारी होने पर दबिश देने गई थी। उदयप्रकाश बुलंदशहर में जेल से कुछ माह पहले बाहर आया था। ऐसे में दबिश में बुलंदशहर के सिपाहियों के जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किस-किस की भूमिका संदिग्ध है।
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प्रकरण में विभागीय जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। निलंबित पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जल्द ही जांच पूरी कर जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी जाएगी। - अभिषेक कुमार सिंह, एसपी सिटी
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साजिश रचते हुए आरोपी पक्ष से डील कर वादी को डोडा में फंसाने के लिए बिना अनुमति दूसरी चौकी क्षेत्र में दबिश देने के मामले में एसएसपी अंकिता शर्मा ने प्रारंभिक जांच के आधार पर उपनिरीक्षक मनीष भारद्वाज के साथ आरक्षी हरीश, लोकेश, सुरजीत और संदीप को रविवार को निलंबित किया था। इसके बाद विभागीय जांच एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह कर रहे हैं।
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एसपी सिटी ने निलंबित पांचों पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं, अब मामले में यह भी जांच की जा रही है कि दरोगा के साथ दबिश देने वाले बुलंदशहर के निवासी चारों पुलिस कर्मियों की तैनाती चौकी पर एक साथ कैसे हो गई।
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थाना प्रभारी की भूमिका भी रही संदिग्ध
जनपद के संभल बॉर्डर पर स्थित जरीफनगर थाना का प्रभार हाल में संभल से गैर जनपद से ट्रांसफर होकर आए निरीक्षक बाबूराम गौतम को मिला है। पीड़ित परिवार को पीछे की दीवार से थाने लाकर मारपीट करने, फिर उन्हें दाखिल करने के प्रयास सफल नहीं होने पर पीछे की दीवार कुदाकर वापस कराने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ितों के परिजनों के थाने पहुंचने पर निरीक्षक बाबूराम को जानकारी होने के बाद को दो दिन तक उच्च अधिकारियों को नहीं बताया था। दो दिन बाद पीड़ितों ने एसएसपी से मिलकर घटनाक्रम से पर्दा उठाया था।
वादी उदयप्रकाश बुलंदशहर में डोडा संग पकड़े जाने पर जा चुका है जेल
पुलिस की ओर से दियोहरा शेखपुर गांव में जिस उदयप्रकाश के घर दबिश दी गई थी वह बुलंदशहर में डोडा पकड़ने के मामले में जेल जा चुका है। सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह के अनुसार, टीम उनके पास डोडा की जानकारी होने पर दबिश देने गई थी। उदयप्रकाश बुलंदशहर में जेल से कुछ माह पहले बाहर आया था। ऐसे में दबिश में बुलंदशहर के सिपाहियों के जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किस-किस की भूमिका संदिग्ध है।
प्रकरण में विभागीय जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। निलंबित पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जल्द ही जांच पूरी कर जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी जाएगी। - अभिषेक कुमार सिंह, एसपी सिटी