{"_id":"69c42fbb522c7e91db01781a","slug":"the-entire-family-drinking-tea-was-shocked-to-see-a-dead-lizard-in-the-pan-badaun-news-c-123-1-sbly1035-160118-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: भगौने में मृत छिपकली देख चाय पीने वाले पूरे परिवार के होश उड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: भगौने में मृत छिपकली देख चाय पीने वाले पूरे परिवार के होश उड़े
Thu, 26 Mar 2026 12:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 26 Mar 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
उझानी अस्पताल पहुंची तेजपाल के परिवार ककी महिलाएं और बच्चे। स्रोत: स्वास्थ्य विभाग
- फोटो : 1
उझानी (बदायूं)। बर्तन साफ करते समय भगौने में मृत छिपकली देख परिवार के होश उड़ गए। परिजन ने उसी भगौने में रखे दूध से बनी चाय पी थी। सभी का सीएचसी में प्राथमिक उपचार कराया गया है।
मामला कोतवाली उझानी क्षेत्र में कटरी से जुड़े गांव पिपरौल पुख्ता निवासी तेजपाल के घर का है। पत्नी कमलेश ने मंगलवार शाम दूध खौलाकर भगौने में रख दिया था, जबकि ढक्कने के लिए कोई प्लेट वगैरह नहीं लगाई थी। बुधवार सुबह में उसी दूध से बनी चाय पूरे के सभी सदस्यों और दो दिन पहले आए रिश्तेदारों ने भी पी ली। कमलेश ने इसके बाद बर्तन साफ करने के लिए भगौने की तरफ हाथ बढ़ाया तो उसमें मृत छिपकली पड़ी दिखाई दी।
गृहस्वामिनी ने जैसे ही परिवार के लोगों को मृत छिपकली के बारे में बताया, सभी के होश उड़ गए। पड़ोसियों ने उन्हें इलाज कराने की सलाह दी। पड़ोसियों के जरिये कमलेश (30), उनके सात वर्षीय बेटे सुशांत, रविशंकर (42), उनकी पत्नी भगवती (40), रिश्तेदारों में बरेली जिले में ढका निवासी लक्ष्मी (26) पत्नी दुर्वेश, उनकी चार साल की बेटी सोनम, बिनावर निवासी आरती (28) पत्नी श्रवण, उनकी बेटी पूजा (6) और डेढ़ साल के मयंक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में लाया गया। पूरे परिवार समेत उनके रिश्तेदारों को करीब पांच घंटे तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को दोपहर में घर भेज दिया गया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
पिपरौल के रायते ने भी फैलाई थी दहशत
पिपरौल पुख्ता गांव में करीब पांच महीने पहले एक तेरहवीं संस्कार में बने रायते पीने से दो सौ से अधिक महिला, पुरुष और बच्चों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने पड़े थे। दरअसल, तेरहवीं संस्कार में भैंस के जिस दूध के दही से रायता बना था, उसे कुत्ते ने काट लिया था। पहले कुत्ते फिर भैंस की मौत हुई तो तेरहवीं भोज में दावत खाने वाले लोगों में हड़कंप मच गया था। यहां तक रिश्तेदारों ने अपने-अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लिया। उझानी के अलावा कासगंज जाकर भी एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने पड़े थे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
बुधवार सुबह पिपरौल निवासी तेजपाल के परिवार की महिलाएं और बच्चे अस्पताल आए थे। वह भगौना में मिली मृत छिपकली को लेकर डरे हुए थे। सभी की हालत सामान्य थी, फिर भी उन्हें प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। - डॉ. सर्वेश कुमार, चिकित्साधीक्षक
विज्ञापन
मामला कोतवाली उझानी क्षेत्र में कटरी से जुड़े गांव पिपरौल पुख्ता निवासी तेजपाल के घर का है। पत्नी कमलेश ने मंगलवार शाम दूध खौलाकर भगौने में रख दिया था, जबकि ढक्कने के लिए कोई प्लेट वगैरह नहीं लगाई थी। बुधवार सुबह में उसी दूध से बनी चाय पूरे के सभी सदस्यों और दो दिन पहले आए रिश्तेदारों ने भी पी ली। कमलेश ने इसके बाद बर्तन साफ करने के लिए भगौने की तरफ हाथ बढ़ाया तो उसमें मृत छिपकली पड़ी दिखाई दी।
विज्ञापन
गृहस्वामिनी ने जैसे ही परिवार के लोगों को मृत छिपकली के बारे में बताया, सभी के होश उड़ गए। पड़ोसियों ने उन्हें इलाज कराने की सलाह दी। पड़ोसियों के जरिये कमलेश (30), उनके सात वर्षीय बेटे सुशांत, रविशंकर (42), उनकी पत्नी भगवती (40), रिश्तेदारों में बरेली जिले में ढका निवासी लक्ष्मी (26) पत्नी दुर्वेश, उनकी चार साल की बेटी सोनम, बिनावर निवासी आरती (28) पत्नी श्रवण, उनकी बेटी पूजा (6) और डेढ़ साल के मयंक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में लाया गया। पूरे परिवार समेत उनके रिश्तेदारों को करीब पांच घंटे तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को दोपहर में घर भेज दिया गया।
विज्ञापन
पिपरौल के रायते ने भी फैलाई थी दहशत
पिपरौल पुख्ता गांव में करीब पांच महीने पहले एक तेरहवीं संस्कार में बने रायते पीने से दो सौ से अधिक महिला, पुरुष और बच्चों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने पड़े थे। दरअसल, तेरहवीं संस्कार में भैंस के जिस दूध के दही से रायता बना था, उसे कुत्ते ने काट लिया था। पहले कुत्ते फिर भैंस की मौत हुई तो तेरहवीं भोज में दावत खाने वाले लोगों में हड़कंप मच गया था। यहां तक रिश्तेदारों ने अपने-अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लिया। उझानी के अलावा कासगंज जाकर भी एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने पड़े थे।
बुधवार सुबह पिपरौल निवासी तेजपाल के परिवार की महिलाएं और बच्चे अस्पताल आए थे। वह भगौना में मिली मृत छिपकली को लेकर डरे हुए थे। सभी की हालत सामान्य थी, फिर भी उन्हें प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। - डॉ. सर्वेश कुमार, चिकित्साधीक्षक