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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   The cow was sacrificed to save the Ganga and roads, gum

गाय, गंगा और सड़कें बचाने को हुआ कुर्बान, गम नहीं

Sun, 07 Aug 2016 11:55 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Sun, 07 Aug 2016 11:55 PM IST
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शहर विधायक आबिद रजा बोले संघर्ष रहेगा जारी 
अदालत का खटखटाएंगे दरवाजा, सीबीआई को देंगे सुबूत 

 समाजवादी पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद वक्फ विकास निगम अध्यक्ष शहर विधायक आबिद रजा ने कहा कि वह गाय, गंगा और शहर की सड़कें बचाने के लिए कुर्बान हुए हैं। इसका उन्हें गम नहीं, बल्कि खुशी है। कहा, कि अल्लाह को कुर्बानी पसंद हैं और उन्होंने नेक राह पर चलते हुए अपने पद की कुर्बानी दी है। 
विधायक रजा ने कहा कि आजाद हिंदुस्तान में बदायूं गुलामी की तरह जी रहा है। परदेस से आया सफेदपोश जिले पर राज करके उसे लूटने का काम कर रहा है, जिसे उन्होंने रोकने की कोशिश की, तो क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह की तरह उन्हें भी सजा दी गई है। कहा, यह सजा उनके लिए सजा न होकर खुशकिस्मती है, वह इंसानों के लिए सजा पाने से भी नहीं डरे। कहा, बेगुनाह को सजा और गुनहगार को गोद में बैठाया गया। इसका फैसला अल्लाह और जिले की जनता चुनाव में करेगी। इस सजा से वह डरे नहीं, बल्कि मजबूत हुए हैं। गाय, गंगा और शहर की सड़कों को कटने से बचाने के लिए वह अपनी जंग जारी रखेंगे। अब वह अदालत में गुहार लगाएंगे और सीबीआई को जिले में हो रहे खनन के सुबूत मुहैया कराएंगे। 
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मुहं छिपाए बैठे हैं सांसद धर्मेंद्र यादव
पालिकाध्यक्ष फात्मा रजा ने सांसद पर किया तीखा प्रहार 

 सांसद धर्मेंद्र यादव से अपने पति और परिवार की जान को खतरा बताने वाली चेयरपर्सन फात्मा रजा ने पार्टी से निलंबित होने के बाद एक बार फिर से सांसद पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहाकि जिले में राजनीति में इतना सब कुछ होने के बावजूद सांसद धर्मेंद्र यादव मुहं छिपाए बैठे हैं और बैठे भी रहेंगे, क्योंकि वह गलत हैं। कहा कि सच में बहुत ताकत होती है और उनके पति ने सफेदपोश पर जो आरोप लगाए हैं। वह सच हैं। 
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चेयरपर्सन फात्मा ने कहा कि शहर की सड़कों, गाय और गंगा को बचाने के लिए शहर विधायक का पद तक दांव पर लगा दिया है। अब पालिकाध्यक्ष पद पर भी घिनौनी सियासत शुरू हो चुकी है। उनके वार्ड मेंबरों और पालिका से जुड़े तमाम कर्मचारियों को लोभ लालच दिया जा रहा है, जिससे कि हमारा नुकसान कराया जा सके। अब उन पर कोई झूठा इल्जाम लगाया जा सकता है। कहा कि यह सिर्फ आबिद रजा की नहीं, बल्कि सच बोलने और जनता की आवाज उठाने वालों की हार हुई है। 
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राजनीतिक सफर में आबिद ने बनाए कई रिकार्ड
सपा में रहकर पार्टी के परदेसी पर लगाए गंभीर आरोप 
जिपं सदस्य से शहर विधायक बनने तक का सफर 

 गाय, गंगा और शहर की सड़कों को बचाने के लिए पार्टी के एक सफेदपोश परदेसी नेता पर गंभीर आरोप लगाने वाले शहर विधायक आबिद रजा का राजनीतिक रिकार्ड बनाने वाला रहा है। छात्र जीवन से राजनीति का सफर शुरू करने वाले सक्रिय राजनीति में वर्ष 2002 से आए थे, तब उन्होंने जिला पंचायत सदस्य पद पर रिकार्ड सात हजार वोटों से जीत दर्ज की थी। वर्ष 2006 में चेयरमैन पद पर भी 7200 वोटों से जीत दर्ज कर रिकार्ड बनाया। 
सदर विधानसभा से 2012 में चुनाव 17000 वोटों से जीते। इसके बाद पार्टी ने वक्फ विकास निगम का अध्यक्ष बनाया। वहीं, उनकी पत्नी फात्मा रजा ने उपचुनाव में 27 हजार वोटों से जीत दर्ज कर रिकार्ड बनाया। इसके बाद अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाकर जिले की राजनीति में रिकार्ड बनाया। अब वह किस पार्टी में शामिल होंगे, इस बारे में अभी बताने से इंकार कर रहे हैं। 
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अब हाथी की सावारी करेंगे आबिद रजा
बसपा के एक बड़े नेता बनाए हुए हैं संपर्क

 सपा से निष्कासन के बाद आबिद रजा किस पार्टी का दामन थामेंगे इस पर वह तो कुछ बोलने से इंकार कर रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आबिद रजा अब हाथी की सवारी करेंगे। वह बसपा के एक बड़े नेता के संपर्क में लगातार हैं। उस बड़े मुस्लिम नेता से राय-मशविरा करने के बाद ही रजा ने अपनी ही पार्टी के बड़े नेता पर हमला बोला था।
सपा के टिकट पर पहली बार में ही शहर विधायक चुने गए आबिद रजा इससे पहले भी बसपा और कांग्रेस की नाव में सवार हो चुके हैं। जाहिर सी बात है कि जिले में कांग्रेस की स्थिति कुछ खास नहीं है। बसपा ही ऐसी पार्टी है जो भाजपा और सपा को टक्कर देने की स्थिति में है। हालांकि, आबिद से जब इस बारे में बात की गई कि उनका आगे का कदम क्या होता, कौन सी पार्टी में जाएंगे। इस सवाल को वह बहुत ही साफगोई से टाल गए। बोले, पहले अपने समर्थकों से बात करूंगा, उसके बाद ही आगे का कोई कदम उठाऊंगा। हालांकि, आबिद के बसपा में शामिल होने की खबरों को फिलहाल बसपा जिलाध्यक्ष हेमेंद्र गौतम ने खारिज कर दिया है।

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दो मौजूदा विधायकों को हराकर दर्ज की थी जीत
बदायूं। आबिद रजा ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में आबिद रजा ने दो मौजूदा विधायकों को हराकर शहर सीट जीती थी। शहर सीट से उस समय मौजूदा विधायक महेश गुप्ता भाजपा और बिनावर से मौजूदा विधायक रामसेवक सिंह पटेल बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में थे। आबिद रजा ने इन दोनों को शिकस्त दी थी।
 
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