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Budaun News: एसडीएम बिल्सी समेत तीन लोगों को अदालत ने जारी किया नोटिस
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बदायूं। एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल बिल्सी को स्थायी लोक अदालत ने नोटिस जारी किया है। कस्बा के मोहल्ला नंबर तीन निवासी जयमंती ने एक जनवरी को वाद दायर किया था। इस मामले में अदालत ने चार फरवरी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद वाद का निस्तारण किया जाएगा।
जयमंती ने बताया कि उसके पति बीमार रहते हैं। उनका 19 साल का बेटा प्रमोद अपने पिता की जमीन पर खेती करके परिवार का पालन पोषण करता आ रहा था। बेटे की आठ जनवरी 2021 को सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद उसके सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।
पति की हालत खराब होने की वजह से वह कमाने लायक नहीं हैं। बेटे की मौत के बाद उसने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि लेखपाल ने आवेदन पास कराने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की। कहा कि रुपये न देने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
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इसकी शिकायत तहसीलदार बिल्सी से की। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो एसडीएम बिल्सी से मामले की शिकायत की गई। अधिकारियों ने कहा कि योजना का लाभ मिल जाएगा। एक महीने के बाद आवेदन के बारे में जानकारी ली गई तो पता लगा कि आवेदन निरस्त कर दिया गया है।
हादसे से पहले बेटा खेती करके ही परिवार का भरण-पोषण करता था। भूस्वामी होने का प्रमाण भी आवेदन के साथ लगाया गया था। इसके बाद भी उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने बीमा राशि के पांच लाख रुपये 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से व 11 हजार रुपये अधिवक्ता खर्चा भी दिलाने की मांग की है। वाद दायर हाेने के बाद अदालत ने नोटिस जारी कर चार फरवरी को अपना पक्ष रखने की तिथि निर्धारित की है।
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जयमंती ने बताया कि उसके पति बीमार रहते हैं। उनका 19 साल का बेटा प्रमोद अपने पिता की जमीन पर खेती करके परिवार का पालन पोषण करता आ रहा था। बेटे की आठ जनवरी 2021 को सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद उसके सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।
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पति की हालत खराब होने की वजह से वह कमाने लायक नहीं हैं। बेटे की मौत के बाद उसने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि लेखपाल ने आवेदन पास कराने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की। कहा कि रुपये न देने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
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इसकी शिकायत तहसीलदार बिल्सी से की। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो एसडीएम बिल्सी से मामले की शिकायत की गई। अधिकारियों ने कहा कि योजना का लाभ मिल जाएगा। एक महीने के बाद आवेदन के बारे में जानकारी ली गई तो पता लगा कि आवेदन निरस्त कर दिया गया है।
हादसे से पहले बेटा खेती करके ही परिवार का भरण-पोषण करता था। भूस्वामी होने का प्रमाण भी आवेदन के साथ लगाया गया था। इसके बाद भी उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने बीमा राशि के पांच लाख रुपये 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से व 11 हजार रुपये अधिवक्ता खर्चा भी दिलाने की मांग की है। वाद दायर हाेने के बाद अदालत ने नोटिस जारी कर चार फरवरी को अपना पक्ष रखने की तिथि निर्धारित की है।