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Budaun News: वीडियो वायरल होते ही चर्चा में आई मुठभेड़
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मुठभेड़ के दौरान खेत में पड़ा घायल हत्यारोपी गौरव माहेश्वरी।स्रोत-वायरल वीडियो से लिया फोटो
जमीन पर पड़ा घायल आरोपी, दूसरी ओर चल रही गोलियां, आ रही चीखने की आवाज
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। ई-रिक्शा चालक के हत्यारोपी पर 25 हजार का इनाम घोषित होने के 24 घंटे के अंदर हुई मुठभेड़ वीडियो वायरल होते ही चर्चा में आ गई। वजह वीडियो में पुलिस की गोली से घायल हत्यारोपी का जमीन पर पड़े होने के साथ पास ही ललकारने और गोली चलने की आवाज का सुनाई देना है। हालांकि पुलिस ने इसे उसके साथी को दबोचने की कार्रवाई बता रही है।
चार फरवरी से लापता मुजरिया थाने के गांव सगराय निवासी ई-रिक्शा चालक सत्यवीर उर्फ बंटू की लाश 11 फरवरी को एक मकान में मिली थी। पुलिस ने 24 घंटे में घटना का खुलासा करते हुए दो लोगों को आरोपी बताया। जिसमें से सहसवान के मोहल्ला रुस्तम टोला के इकबाल उर्फ इकबालुद्दीन को गिरफ्तार भी कर लिया।
वहीं दूसरे आरोपी बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव खैरी निवासी गौरव माहेश्वरी को फरार बताते हुए मंगलवार को उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। खास बात यह कि अगले ही दिन बुधवार की रात मुजरिया पुलिस ने रमपुरा रोड के खेतों में मुठभेड़ के दौरान गौरव को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में गौरव के पैर में गोली लगी, वहीं दरोगा विजय धामा के भी कंधे से छूते हुए गोली निकल गई और वह घायल हो गए।
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चर्चा है कि
हत्यारोपी गौरव माहेश्वरी के पैर में गोली लगी है। वह घायल अवस्था में जमीन पर पड़ा है। उसके पास दो बैटरियां भी पड़ी हैं। इन बैटरियों को उठाकर कोई खेतों में कैसे भाग सकता है?
मुठभेड़ स्थल से पुलिस को दो तमंचे, चार जिंदा कारतूस और दो खोखे मिले हैं। सवाल यह उठ रहा है कि दो फायर में ही गोली दरोगा के कंधे को छूते हुए निकल गई? वहीं पुलिस की गोली उसके पैर में लगी।
हत्याराेपी गौरव माहेश्वरी पर मंगलवार को ही पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके 24 घंटे में ही मुठभेड़ में उसका पकड़ा जाना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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... वहीं पुलिस कहती है
एसपी देहात राम मोहन सिंह का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान गौरव के साथ सहसवान के मोहल्ला अकबराबाद का करन भी था। गौरव के घायल होने के बाद करन पुलिस से मुचैटा ले रहा था। उसे घेराबंदी करके दबोचा गया है। उसके पास से तमंचा और कारतूस भी मिले हैं। इसमें करन को पुलिस ने ई-रिक्शा चालक की हत्या का आरोपी नहीं माना है। ऐसे में उसे मुठभेड़ और साक्ष्य मिटाने की धाराओं तो गौरव को हत्या, पुलिस से मुठभेड़, लूट, साजिश आदि की धाराओं में जेल भेजा गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। ई-रिक्शा चालक के हत्यारोपी पर 25 हजार का इनाम घोषित होने के 24 घंटे के अंदर हुई मुठभेड़ वीडियो वायरल होते ही चर्चा में आ गई। वजह वीडियो में पुलिस की गोली से घायल हत्यारोपी का जमीन पर पड़े होने के साथ पास ही ललकारने और गोली चलने की आवाज का सुनाई देना है। हालांकि पुलिस ने इसे उसके साथी को दबोचने की कार्रवाई बता रही है।
चार फरवरी से लापता मुजरिया थाने के गांव सगराय निवासी ई-रिक्शा चालक सत्यवीर उर्फ बंटू की लाश 11 फरवरी को एक मकान में मिली थी। पुलिस ने 24 घंटे में घटना का खुलासा करते हुए दो लोगों को आरोपी बताया। जिसमें से सहसवान के मोहल्ला रुस्तम टोला के इकबाल उर्फ इकबालुद्दीन को गिरफ्तार भी कर लिया।
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वहीं दूसरे आरोपी बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव खैरी निवासी गौरव माहेश्वरी को फरार बताते हुए मंगलवार को उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। खास बात यह कि अगले ही दिन बुधवार की रात मुजरिया पुलिस ने रमपुरा रोड के खेतों में मुठभेड़ के दौरान गौरव को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में गौरव के पैर में गोली लगी, वहीं दरोगा विजय धामा के भी कंधे से छूते हुए गोली निकल गई और वह घायल हो गए।
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चर्चा है कि
हत्यारोपी गौरव माहेश्वरी के पैर में गोली लगी है। वह घायल अवस्था में जमीन पर पड़ा है। उसके पास दो बैटरियां भी पड़ी हैं। इन बैटरियों को उठाकर कोई खेतों में कैसे भाग सकता है?
मुठभेड़ स्थल से पुलिस को दो तमंचे, चार जिंदा कारतूस और दो खोखे मिले हैं। सवाल यह उठ रहा है कि दो फायर में ही गोली दरोगा के कंधे को छूते हुए निकल गई? वहीं पुलिस की गोली उसके पैर में लगी।
हत्याराेपी गौरव माहेश्वरी पर मंगलवार को ही पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके 24 घंटे में ही मुठभेड़ में उसका पकड़ा जाना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
... वहीं पुलिस कहती है
एसपी देहात राम मोहन सिंह का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान गौरव के साथ सहसवान के मोहल्ला अकबराबाद का करन भी था। गौरव के घायल होने के बाद करन पुलिस से मुचैटा ले रहा था। उसे घेराबंदी करके दबोचा गया है। उसके पास से तमंचा और कारतूस भी मिले हैं। इसमें करन को पुलिस ने ई-रिक्शा चालक की हत्या का आरोपी नहीं माना है। ऐसे में उसे मुठभेड़ और साक्ष्य मिटाने की धाराओं तो गौरव को हत्या, पुलिस से मुठभेड़, लूट, साजिश आदि की धाराओं में जेल भेजा गया है।