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Budaun News: एक घंटे बाद आई एंबुलेंस, घायल के दोस्तों ने किया हंगामा
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उझानी। बकरियां बाजार में शनिवार रात करीब आठ बजे सांड़ के हमले में एक युवक घायल हो गया था। सीएचसी से उसे हॉयर सेंटर के लिए रेफर किया। करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई तो घायल युवक के दोस्तों ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया।
कस्बे के गौतमपुरी मुहल्ला निवासी तरवेंद्र (26) पुत्र रामदास पर घर लौटते समय बकरियां बाजार में सांड़ ने हमला कर दिया। घायल तरवेंद्र काफी देर तक मौके पर ही पड़े रहे। किसी राहगीर के जरिये दोस्तों को घायल तरवेंद्र के बारे में पता लगा तो वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने तरवेंद्र को निजी वाहन से सीएचसी ले गए।
सिर में अंदरुनी चोट होने की वजह से वह बार-बार बेहोश होने लगे तो चिकित्साधीक्षक राजकुमार गंगवार ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद उसके दोस्त डिंपल गुप्ता और लोकेश ने एंबुलेंस बुलाने के लिए अपने मोबाइल से दो- तीन बार कॉल किया। एंबुलेंस के आने में देरी हुई तो नाराज दोस्तों ने अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया। उन्होंने एंबुलेंस की सुविधा मुहैया कराने में देरी का आरोप लगाते हुए व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। घायल के दोस्त लालू और लोकेश ने बताया कि जब भी वह फोन करते हैं तो हर बार ही चिकित्साधीक्षक से बात कराने को कहा जाता रहा। बात करा देने के बाद भी एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो पाई। एक घंटे बाद एंबुलेंस आई तो घायल को राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि एंबुलेंस लेट आई थी। बार- बार फोन किए जाने से दिक्कत सामने आई। वहीं, एंबुलेंस सेवा के मैनेजर सूर्य प्रताप का कहना है कि मामला मेरी जानकारी में नहीं है।
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कस्बे के गौतमपुरी मुहल्ला निवासी तरवेंद्र (26) पुत्र रामदास पर घर लौटते समय बकरियां बाजार में सांड़ ने हमला कर दिया। घायल तरवेंद्र काफी देर तक मौके पर ही पड़े रहे। किसी राहगीर के जरिये दोस्तों को घायल तरवेंद्र के बारे में पता लगा तो वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने तरवेंद्र को निजी वाहन से सीएचसी ले गए।
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सिर में अंदरुनी चोट होने की वजह से वह बार-बार बेहोश होने लगे तो चिकित्साधीक्षक राजकुमार गंगवार ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद उसके दोस्त डिंपल गुप्ता और लोकेश ने एंबुलेंस बुलाने के लिए अपने मोबाइल से दो- तीन बार कॉल किया। एंबुलेंस के आने में देरी हुई तो नाराज दोस्तों ने अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया। उन्होंने एंबुलेंस की सुविधा मुहैया कराने में देरी का आरोप लगाते हुए व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। घायल के दोस्त लालू और लोकेश ने बताया कि जब भी वह फोन करते हैं तो हर बार ही चिकित्साधीक्षक से बात कराने को कहा जाता रहा। बात करा देने के बाद भी एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो पाई। एक घंटे बाद एंबुलेंस आई तो घायल को राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि एंबुलेंस लेट आई थी। बार- बार फोन किए जाने से दिक्कत सामने आई। वहीं, एंबुलेंस सेवा के मैनेजर सूर्य प्रताप का कहना है कि मामला मेरी जानकारी में नहीं है।
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