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राज्य सरकार कर्मचारियाें की तरह मिलें सुविधाएं
उझानी।
Updated Mon, 25 Jan 2016 08:05 PM IST
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स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ ने निकाय कर्मियों की समस्याओं पर आवाज बुलंद करते हुए उन्हें विशेष सुविधाएं मुहैया कराने की वकालत की है। महासंघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश कुमार जौहरी ने बताया कि महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
श्री जौहरी के अनुसार, स्थानीय निकायों में कार्यरत कर्मियों को तमाम तरह की समस्याओं से दो- चार होना पड़ रहा है। अकेंद्रीयत पेंशन नियमावली में व्याप्त विसंगतियां, अकेंद्रीयत नियमावली प्रख्यापित किए जाने, सभी संवर्ग के रिक्त पदों को भरे जाने लिपिक संवर्ग के कर्मियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों की तरह पदनाम और वेतनमान दिए जाने और भुगतान के चेकों पर लेखाकार के हस्ताक्षर कराए जाने की मांग काफी समय से उठाई जाती रही है। महासंघ और नगर विकास विभाग के अफसरों के बीच कई बार इसे लेकर वार्ता भी हो चुकी है लेकिन अभी तक शासन स्तर से समाधान की दिशा में पहल नहीं की गई है। महासंघ के मंडलीय उपाध्यक्ष तौसीफ अहमद ने बताया कि महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बालेश्वर मिश्र ने इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में निकाय कर्मियों को अपने हक की लड़ाई के लिए आगे आना होगा। जिलाध्यक्ष विनोद पाल सिंह और महामंत्री उपेंद्र उपाध्याय ने भी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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श्री जौहरी के अनुसार, स्थानीय निकायों में कार्यरत कर्मियों को तमाम तरह की समस्याओं से दो- चार होना पड़ रहा है। अकेंद्रीयत पेंशन नियमावली में व्याप्त विसंगतियां, अकेंद्रीयत नियमावली प्रख्यापित किए जाने, सभी संवर्ग के रिक्त पदों को भरे जाने लिपिक संवर्ग के कर्मियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों की तरह पदनाम और वेतनमान दिए जाने और भुगतान के चेकों पर लेखाकार के हस्ताक्षर कराए जाने की मांग काफी समय से उठाई जाती रही है। महासंघ और नगर विकास विभाग के अफसरों के बीच कई बार इसे लेकर वार्ता भी हो चुकी है लेकिन अभी तक शासन स्तर से समाधान की दिशा में पहल नहीं की गई है। महासंघ के मंडलीय उपाध्यक्ष तौसीफ अहमद ने बताया कि महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बालेश्वर मिश्र ने इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में निकाय कर्मियों को अपने हक की लड़ाई के लिए आगे आना होगा। जिलाध्यक्ष विनोद पाल सिंह और महामंत्री उपेंद्र उपाध्याय ने भी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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