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Budaun News: सोलर पैनल गांवों को करेगा रोशन, महिलाओं को मिलेगा रोजगार
Sun, 28 Dec 2025 01:40 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 28 Dec 2025 01:40 AM IST
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बिल्सी में लगा सोलर पैनल। संवाद
बदायूं। सोलर स्ट्रीट लाइट न सिर्फ गांवों को रोशन करेंगी, बल्कि ग्रामीण अंचल के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं इन सोलर स्ट्रीट लाइटों की देखरेख व मरम्मत की जिम्मेदारी भी निभाएंगी। रोजगार पाकर महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगी।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रहीं हैं। इसके तहत समूहों की महिलाओं को विभिन्न प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। समूहों की अनेक महिलाएं विद्युत सखी बनकर रोजगार पा रही हैं। विद्युत सखी बकाया बिजली बिल जमा कराकर अच्छा कमीशन भी पा रहीं हैं।
अब इसी क्रम में गांवों में सोलर पैनल वाली लाइटें स्थापित की जाएंगी। इनकी देखरेख व मरम्मत आदि कार्य भी समूहों से जुड़ी महिलाओं को दिया जाएगा। इन महिला का नाम सूर्य सखी रखा जाएगा।
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योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि वे सोलर पैनल लगाने, रखरखाव करने, चार्जिंग जैसे काम सीखकर आत्मनिर्भर बन सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दें। इससे जनपद की महिलाओं को रोजगार मिलेगा और वे तकनीकी रूप से सशक्त होंगी।
योजना का मुख्य उद्देश्य
- महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें नए रोजगार के अवसर देना।
- सौर ऊर्जा (सोलर लाइट, चार्जिंग प्वाइंट) के उपयोग और स्थापना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना।
- महिलाओं को सोलर उपकरणों की स्थापना, मरम्मत और रखरखाव का प्रशिक्षण देना
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सूर्य सखी बनाया जा रहा है। ये महिलाएं सोलर लाइटों की निगरानी करने का काम करेंगी। इससे वह आत्मनिर्भर बनेंगी, साथ ही उन्हें रोजगार भी मिल सकेगा। इसके लिए काम चल रहा है। जल्द ही इनको प्रशिक्षित कराने का काम शुरू होगा।-अखिलेश चौबे, डीडीओ, बदायूं
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राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रहीं हैं। इसके तहत समूहों की महिलाओं को विभिन्न प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। समूहों की अनेक महिलाएं विद्युत सखी बनकर रोजगार पा रही हैं। विद्युत सखी बकाया बिजली बिल जमा कराकर अच्छा कमीशन भी पा रहीं हैं।
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अब इसी क्रम में गांवों में सोलर पैनल वाली लाइटें स्थापित की जाएंगी। इनकी देखरेख व मरम्मत आदि कार्य भी समूहों से जुड़ी महिलाओं को दिया जाएगा। इन महिला का नाम सूर्य सखी रखा जाएगा।
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योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि वे सोलर पैनल लगाने, रखरखाव करने, चार्जिंग जैसे काम सीखकर आत्मनिर्भर बन सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दें। इससे जनपद की महिलाओं को रोजगार मिलेगा और वे तकनीकी रूप से सशक्त होंगी।
योजना का मुख्य उद्देश्य
- महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें नए रोजगार के अवसर देना।
- सौर ऊर्जा (सोलर लाइट, चार्जिंग प्वाइंट) के उपयोग और स्थापना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना।
- महिलाओं को सोलर उपकरणों की स्थापना, मरम्मत और रखरखाव का प्रशिक्षण देना
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सूर्य सखी बनाया जा रहा है। ये महिलाएं सोलर लाइटों की निगरानी करने का काम करेंगी। इससे वह आत्मनिर्भर बनेंगी, साथ ही उन्हें रोजगार भी मिल सकेगा। इसके लिए काम चल रहा है। जल्द ही इनको प्रशिक्षित कराने का काम शुरू होगा।-अखिलेश चौबे, डीडीओ, बदायूं