फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Seven malnourished children found in April by spending five lakh rupees

Budaun News: पांच लाख रुपये खर्च करके अप्रैल में ढूंढ़े सात कुपोषित

Thu, 15 May 2025 01:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 15 May 2025 01:22 AM IST
विज्ञापन
Seven malnourished children found in April by spending five lakh rupees
सहसवान के प्राथमिक विद्यालय में परीक्षण करने को मौजूद टीम व खड़े बच्चे। स्रोत स्वास्थ्य विभाग
बदायूं। कुपोषण के खिलाफ चल रही लड़ाई में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की खानापूर्ति कर रही है। कुपोषित बच्चों को ढूंढ़ने वाली टीम पर हर माह पांच लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह टीम अप्रैल महीने में सिर्फ सात कुपोषित बच्चे ही टीम ढूंढ पाई है।
विज्ञापन

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के 15 ब्लॉकों में डॉक्टर, फार्मासिस्ट व अन्य स्टाफ की तैनाती की गई है। इस टीम को गांव-गांव व विद्यालयों में जाकर बच्चों का परीक्षण करना होता है। वहां से मिले कुपोषित बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में कराना होता है। इसके अलावा एएनएम को भी कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनका इलाज करवाना होता है, ताकि बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके। इस कार्यक्रम में लगी टीम के वेतन से लेकर उनके आने जाने सहित अन्य व्यवस्था पर हर माह करीब पांच लाख रुपये का खर्च हो रहा है, लेकिन इसका परिणाम बेहतर नहीं है। पोषण ट्रैकर की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में पांच वर्ष व उससे नीचे के सिर्फ 20 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। उसमें से सिर्फ सात बच्चे कुपोषित मिले हैं। इसके अलावा सात ब्लॉक ऐसे हैं, जहां पर स्क्रीनिंग करने के लिए बच्चे ही नहीं मिलें। इतनी अव्यवस्था के बीच अधिकारी कार्यक्रम की समीक्षा विधिवत नहीं कर रहे हैं। इस वजह से योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। इस संबंध में आरबीएसके के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. मोहन झा का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन उठाया नहीं है।
विज्ञापन

--
मई में अभी तक मिले सिर्फ चार कुपोषित बच्चे
मई का आधा माह खत्म होने को है, लेकिन अभी तक सिर्फ चार कुपोषित बच्चे ही खोजे जा सके हैं। इसमें दहगवां, कादरचौक, वजीरगंज और इस्लामनगर ब्लॉक का एक-एक बच्चा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


--
स्क्रीनिंग और कुपोषित बच्चों की संख्या
ब्लॉक स्क्रीनिंग मिला कुपोषण
अंबियापुर 2 0
आसफपुर 1 1
बिसौली 0 0
बदायूं 10 3
दहगवां 1 0
दातागंज 1 1
इस्लामनगर 1 0
जगत 0 0
म्याऊं 0 0
कादरचौक 1 1
सहसवान 2 1
सलारपुर 0 0
समरेर 0 0
उझानी 0 0
उसावां 1 0
वजीरगंज 1 0
--
नोट - रिपोर्ट पोषण ट्रैकर की
---
- आरबीएसके टीम के नोडल अधिकारी इस संबंध में जानकारी दे पाएंगे। वह मीटिंग में गए हैं, आने पर पूछताछ की जाएगी। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
---
यह है कुपोषण के लक्षण
- बच्चों के शारीरिक विकास में देरी
- मांसपेशियों में कमजोरी
- वजन कम होना
- सिर का आकार बड़ा होना
- बालों का रंग बदलना
---
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed