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शिक्षामित्राें ने फिर घेरा बीएसए दफ्तर, हंगामा किया
बदायूं।
Updated Sun, 19 Apr 2015 12:33 AM IST
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शनिवार को शिक्षामित्रों में दो फाड़ नजर आए। एक तरफ जहां दो दिन बीएसए दफ्तर पर धरना प्रदर्शन कर एक साथ शिक्षामित्रों के समायोजन की मांग करते हुए पहले प्रमोशन कराए जाने को लेकर आवाज बुलंद की। वहीं 650 की जारी हो चुकी काउंसिलिंग तिथि अग्रिम आदेश तक स्थगित करने पर सूची में आ रहे शिक्षामित्रों ने दफ्तर को घेर हंगामा काटा। उन्होंने शिक्षामित्र नेताओं पर काउंसिलिंग टालने का आरोप भी लगाया। इसके बाद उन्होंने अपनी व्यथा डीएम के समक्ष भी रखी।
काउंसिलिंग कराने के लिए करीब तीस से पैतीस की संख्या में पहुंची शिक्षामित्रों ने कहा कि 15 अप्रैल को जारी विज्ञप्ति के अनुसार 18 अप्रैल को डायट परिसर में काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया था। बाद में पता चला कि पहले प्रमोशन की मांग करते हुए 650 शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए प्रकाशित विज्ञप्ति को स्थगित कर दिया गया। जो न्यायोचित नहीं है। कहा कि क्योंकि शासनादेश के क्रम में रिक्तियों के सापेक्ष समायोजन की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए और पदोन्नति के उपरांत अवशेष शिक्षामित्रों का समायोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने डीएम, बीएसए को ज्ञापन सौंप मांग की कि अगर 30 अप्रैल तक समायोजन कर नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाते हैं वह अनशन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर सुनील कुमार, राकेश कुमार, सर्वेश कुमारी, मीनाक्षी गुप्ता, कमलेश, कल्पना सक्सेना, अजय सिंह, पन्नालाल सिंह, बबिता माहेश्वरी, कुलदीप, जगदीश चंद्र आदि मौजूद रहे।
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काउंसिलिंग कराने के लिए करीब तीस से पैतीस की संख्या में पहुंची शिक्षामित्रों ने कहा कि 15 अप्रैल को जारी विज्ञप्ति के अनुसार 18 अप्रैल को डायट परिसर में काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया था। बाद में पता चला कि पहले प्रमोशन की मांग करते हुए 650 शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए प्रकाशित विज्ञप्ति को स्थगित कर दिया गया। जो न्यायोचित नहीं है। कहा कि क्योंकि शासनादेश के क्रम में रिक्तियों के सापेक्ष समायोजन की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए और पदोन्नति के उपरांत अवशेष शिक्षामित्रों का समायोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने डीएम, बीएसए को ज्ञापन सौंप मांग की कि अगर 30 अप्रैल तक समायोजन कर नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाते हैं वह अनशन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर सुनील कुमार, राकेश कुमार, सर्वेश कुमारी, मीनाक्षी गुप्ता, कमलेश, कल्पना सक्सेना, अजय सिंह, पन्नालाल सिंह, बबिता माहेश्वरी, कुलदीप, जगदीश चंद्र आदि मौजूद रहे।
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