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Budaun News: रुड़की की टीम ने किया मुड़ा पुल का सर्वे
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दातागंज क्षेत्र के मुड़ा पुल का निरीक्षण करती आईआईटी रुड़की की टीम। स्रोत-विभाग
दातागंज। मुड़ा पुल पर सर्वे के लिए मंगलवार को आईआईटी रुड़की की टीम बदायूं पहुंची। टीम ने पुल पर जाकर निरीक्षण किया। यहां से मिट्टी के नमूने लिए। पुल के साथ-साथ गंगा नहर को भी देखा। तमाम अध्ययन करने के बाद टीम चली गई। अब टीम अपनी रिपोर्ट देगी इसके बाद ही आगे का काम शुरू होगा।
दातागंज तहसील के गांव मुड़ा पुख्ता और फरीदपुर के बीच रामगंगा नदी पर बने पुल का संपर्क 2023 में मार्ग बह गया था। रामगंगा के जगह बदलने के कारण पीडब्ल्यूडी व सेतु निगम दोनों ही विभाग परेशान थे कि पुल को आगे बढ़ाया जाए या एप्रोच रोड को। इसके लिए रुड़की से विशेषज्ञों की टीम बुलाने का निर्णय लिया गया। रुड़की से टीम आने के लिए 29.30 लाख रुपये खर्च होने थे। मामला शासन में अटका हुआ था।
दो माह पूर्व एक कार के पुल से गिरने पर तीन लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद शासन ने सुध ली। पिछले दिनों सर्वे के लिए बजट पास कर दिया गया। इसके बाद मंगलवार को आईआईटी रुड़की की टीम यहां पहुंची। उनके साथ सेतु निगम, सिंचाई विभाग, लोकनिर्माण विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। टीम ने पहले पुल का निरीक्षण किया। इसके बाद पुल के नीचे उतरकर रामगंगा की तरफ का इलाका देखा। पुल से रामगंगा पार तक की जगह देखी गई। नाव से रामगंगा पार करके फरीदपुर की तरफ भी गई। टीम ने मिट्टी के नमूने लिए। अधिकारियों से विचार विमर्श के बाद टीम चली गई। अब विशेषज्ञों की टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी तब आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
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रुड़की से इंजीनियरों की टीम आई थी। टीम ने यहां सर्वे किया है। टीम अब रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि यहां पर पुल आगे बढ़ाया जाएगा या फिर एप्रोच रोड डाली जाएगी। - नरेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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दातागंज तहसील के गांव मुड़ा पुख्ता और फरीदपुर के बीच रामगंगा नदी पर बने पुल का संपर्क 2023 में मार्ग बह गया था। रामगंगा के जगह बदलने के कारण पीडब्ल्यूडी व सेतु निगम दोनों ही विभाग परेशान थे कि पुल को आगे बढ़ाया जाए या एप्रोच रोड को। इसके लिए रुड़की से विशेषज्ञों की टीम बुलाने का निर्णय लिया गया। रुड़की से टीम आने के लिए 29.30 लाख रुपये खर्च होने थे। मामला शासन में अटका हुआ था।
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दो माह पूर्व एक कार के पुल से गिरने पर तीन लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद शासन ने सुध ली। पिछले दिनों सर्वे के लिए बजट पास कर दिया गया। इसके बाद मंगलवार को आईआईटी रुड़की की टीम यहां पहुंची। उनके साथ सेतु निगम, सिंचाई विभाग, लोकनिर्माण विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। टीम ने पहले पुल का निरीक्षण किया। इसके बाद पुल के नीचे उतरकर रामगंगा की तरफ का इलाका देखा। पुल से रामगंगा पार तक की जगह देखी गई। नाव से रामगंगा पार करके फरीदपुर की तरफ भी गई। टीम ने मिट्टी के नमूने लिए। अधिकारियों से विचार विमर्श के बाद टीम चली गई। अब विशेषज्ञों की टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी तब आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
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रुड़की से इंजीनियरों की टीम आई थी। टीम ने यहां सर्वे किया है। टीम अब रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि यहां पर पुल आगे बढ़ाया जाएगा या फिर एप्रोच रोड डाली जाएगी। - नरेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी