{"_id":"593acfb64f1c1b51039c8ed5","slug":"riteke-has-leaped-high-jump-and-got-sixth-position-in-the-state","type":"story","status":"publish","title_hn":"रितेक ने लगाई ऊंची छलांग, प्रदेश में छठा स्थान भी पाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रितेक ने लगाई ऊंची छलांग, प्रदेश में छठा स्थान भी पाया
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Fri, 09 Jun 2017 11:55 PM IST
विज्ञापन
रितेक टापर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
द्रोपदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में है हाईस्कूल का छात्र
यूपी बोर्ड हाईस्कूल में द्रोपदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के रितेक सक्सेना ने 94.67 फीसदी अंकों का आंकड़ा छूकर प्रदेश के टॉप 10 लिस्ट में छलांग लगा दी। जिले ही नहीं मंडल टॉपर बनने के साथ ही रितेक ने प्रदेश में छठा स्थान भी हासिल किया है। रिजल्ट आने के बाद रितेक के साथ ही उनका परिवार ही नहीं द्रोपदी देवी स्कूल के सारे शिक्षक भी खुशी जताते दिखे।
रितेक शहर की विवेक विहार कॉलोनी में रहने वाले अनुराग सक्सेना और राखी का बेटा है। अनुराग विज्ञानानंद कॉलेज में केमिस्ट्री के शिक्षक हैं। रिजल्ट आने के बाद रितेक अपनी कामयाबी का श्रेय परिवार और शिक्षकों को दिया। वह इंजीनियर बनना चाहता है। रितेक ने बताया कि उसने कॉलेज के बाद छह घंटे नियमित पढ़ाई का शेड्यूल बना रखा था। हालांकि उसको इतने नंबर मिलने की उम्मीद नहीं थी। रितेक की मां राखी ने बताया कि क्रिकेट खेलने का उसे बेहद शौक है। परीक्षाओं के दिनों में भी वह क्रिकेट खेलता था लेकिन उन्हें खुशी है कि इससे उसकी पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई।
विज्ञापन
यूपी बोर्ड हाईस्कूल में द्रोपदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के रितेक सक्सेना ने 94.67 फीसदी अंकों का आंकड़ा छूकर प्रदेश के टॉप 10 लिस्ट में छलांग लगा दी। जिले ही नहीं मंडल टॉपर बनने के साथ ही रितेक ने प्रदेश में छठा स्थान भी हासिल किया है। रिजल्ट आने के बाद रितेक के साथ ही उनका परिवार ही नहीं द्रोपदी देवी स्कूल के सारे शिक्षक भी खुशी जताते दिखे।
रितेक शहर की विवेक विहार कॉलोनी में रहने वाले अनुराग सक्सेना और राखी का बेटा है। अनुराग विज्ञानानंद कॉलेज में केमिस्ट्री के शिक्षक हैं। रिजल्ट आने के बाद रितेक अपनी कामयाबी का श्रेय परिवार और शिक्षकों को दिया। वह इंजीनियर बनना चाहता है। रितेक ने बताया कि उसने कॉलेज के बाद छह घंटे नियमित पढ़ाई का शेड्यूल बना रखा था। हालांकि उसको इतने नंबर मिलने की उम्मीद नहीं थी। रितेक की मां राखी ने बताया कि क्रिकेट खेलने का उसे बेहद शौक है। परीक्षाओं के दिनों में भी वह क्रिकेट खेलता था लेकिन उन्हें खुशी है कि इससे उसकी पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई।
विज्ञापन