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फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे शिक्षकों पर नहीं हुई एफआईआर तो बीएसए ने बीईओ को दिए नोटिस
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बदायूं। फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे 42 शिक्षकों कोबीएसए ने बर्खास्त कर दिया था, लेकिन बाद में कोर्ट से स्टे के आधार पर सभी शिक्षक नौकरी लौट आए। इस मामले में महानिदेशक शिक्षा ने 20 जनवरी को सभी आरोपी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। मगर बीईओ रिपोर्ट दर्ज कराने से कतरा रहे हैं। अब बीएसए ने संबंधित बीईओ को नोटिस जारी किया है।
शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर तमाम शिक्षक नौकरी कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद शासन ने इनकी जानकारी मांगी तो बदायूं में कई शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करते मिले। शासन ने इन सभी को बर्खास्त करने के निर्देश दिए, लेकिन बाद में यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। दोबारा सरकार ने मामले में सख्ती की तो बीएसए ने सभी बीईओ से फर्जी शिक्षकों की रिपोर्ट दोबारा मांगी। इसमें बीईओ ने 42 शिक्षकों की लिस्ट दी थी, जो जिले मेें फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे थे। इन सभी को बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने बर्खास्त कर दिया था, लेकिन बाद में बर्खास्त शिक्षकों ने कोर्ट से स्टे हासिल कर दोबारा नौकरी हथिया ली। 20 जनवरी को महानिदेशक शिक्षा ने इन सभी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद में बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को इसके बारे में अवगत कराते हुए एफआईआर दर्ज कराने को कहा, लेकिन बीईओ ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसको लेकर बीएसए ने नोटिस जारी कर फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देेश दिए हैं।
महानिदेशक शिक्षा ने फर्जी अभिलेखों पर नौकरी करने वाले को शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, इसके बारे सभी बीईओ को निर्देशित कर दिया गया है, लेकिन उनके स्तर से लापरवाही की जा रही है। इसको लेकर बीईओ को नोटिस जारी किए हैं।
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- रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
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शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर तमाम शिक्षक नौकरी कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद शासन ने इनकी जानकारी मांगी तो बदायूं में कई शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करते मिले। शासन ने इन सभी को बर्खास्त करने के निर्देश दिए, लेकिन बाद में यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। दोबारा सरकार ने मामले में सख्ती की तो बीएसए ने सभी बीईओ से फर्जी शिक्षकों की रिपोर्ट दोबारा मांगी। इसमें बीईओ ने 42 शिक्षकों की लिस्ट दी थी, जो जिले मेें फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे थे। इन सभी को बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने बर्खास्त कर दिया था, लेकिन बाद में बर्खास्त शिक्षकों ने कोर्ट से स्टे हासिल कर दोबारा नौकरी हथिया ली। 20 जनवरी को महानिदेशक शिक्षा ने इन सभी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद में बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को इसके बारे में अवगत कराते हुए एफआईआर दर्ज कराने को कहा, लेकिन बीईओ ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसको लेकर बीएसए ने नोटिस जारी कर फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देेश दिए हैं।
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महानिदेशक शिक्षा ने फर्जी अभिलेखों पर नौकरी करने वाले को शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, इसके बारे सभी बीईओ को निर्देशित कर दिया गया है, लेकिन उनके स्तर से लापरवाही की जा रही है। इसको लेकर बीईओ को नोटिस जारी किए हैं।
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- रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए