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Budaun News: राजकीय लाइब्रेरी में पढ़े हिंदी, उर्दू, संस्कृत, उड़िया और कन्नड़ रामायण
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पुस्तकालय में रखी रामायण। संवाद
बदायूं। राजकीय लाइब्रेरी अब फिर से पाठकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। लंबे समय से उपेक्षा की शिकार यह लाइब्रेरी अब नए रूप में नजर आ रही है। बीते आठ महीनों में यहां करीब 700 नई किताबें लाई गईं हैं। यहां पर हिंदी, उर्दू, संस्कृत, उड़िया और कन्नड़ भाषा में रामायण उपलब्ध है। इससे पुस्तकालय का वातावरण फिर से जीवंत हो गया है।
राजकीय पुस्तकालय में धार्मिक साहित्य के साथ-साथ साहित्यिक और शैक्षणिक पुस्तकें भी लाई गईं हैं। कबीर, तुलसीदास, सूरदास और जयशंकर प्रसाद जैसे कवियों की रचनाएं अब पाठकों को उपलब्ध कराई गईं हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए नीट, यूपीएससी, एसएससी से संबंधित पुस्तकें भी रखी गई हैं। पुस्तकालय में रामायण की पांच भाषाओं में संस्करण लाए गए हैं। यह हिंदी, उर्दू, संस्कृत, उड़िया, कन्नड़ में हैं। खास बात यह है कि इन सभी भाषाओं के साथ हिंदी अनुवाद भी उपलब्ध है, ताकि हर पाठक उसका आनंद ले सके।
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माह-- इतनी लाई गईं पुस्तक
दिसंबर 2024- 125
मार्च 2025- 250
जुलाई 2025- 300
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वर्जन-
- पुस्तकालय में पाठकों की मांग और रुचि को प्राथमिकता दी जा रही है। भविष्य में पुस्तकालय में डिजिटल और ई-पुस्तक सुविधा शुरू करने की योजना पर भी विचार चल रहा है। - विकास कुमार मिश्रा, प्रभारी अधिकारी पुस्तकालय
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राजकीय पुस्तकालय में धार्मिक साहित्य के साथ-साथ साहित्यिक और शैक्षणिक पुस्तकें भी लाई गईं हैं। कबीर, तुलसीदास, सूरदास और जयशंकर प्रसाद जैसे कवियों की रचनाएं अब पाठकों को उपलब्ध कराई गईं हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए नीट, यूपीएससी, एसएससी से संबंधित पुस्तकें भी रखी गई हैं। पुस्तकालय में रामायण की पांच भाषाओं में संस्करण लाए गए हैं। यह हिंदी, उर्दू, संस्कृत, उड़िया, कन्नड़ में हैं। खास बात यह है कि इन सभी भाषाओं के साथ हिंदी अनुवाद भी उपलब्ध है, ताकि हर पाठक उसका आनंद ले सके।
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माह
दिसंबर 2024- 125
मार्च 2025- 250
जुलाई 2025- 300
वर्जन-
- पुस्तकालय में पाठकों की मांग और रुचि को प्राथमिकता दी जा रही है। भविष्य में पुस्तकालय में डिजिटल और ई-पुस्तक सुविधा शुरू करने की योजना पर भी विचार चल रहा है। - विकास कुमार मिश्रा, प्रभारी अधिकारी पुस्तकालय

पुस्तकालय में रखी रामायण। संवाद

पुस्तकालय में रखी रामायण। संवाद
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