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प्रवासी मजदूर किसी भी कोटे की दुकान से ले सकेंगे राशन
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बदायूं। कोराना संकट के चलते देश के विभिन्न हिस्सों से अपने जनपद लौटे रहे प्रवासी मजदूरों को सरकारी राशन उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी सिस्टम लागू कर दिया गया है। ऐसे में सक्रिय राशन कार्ड धारक किसी भी कोटेदार से राशन ले सकते हैं।
लॉकडाउन में देशभर में उद्योग, परिवहन आदि सेवाएं बंद हो गईं। रोजी रोटी का संकट खड़ा होने के बाद दूसरे राज्यों में मजदूरी कर रहे लोगों ने अपने घरों की ओर पैदल ही रुख कर दिया। प्रदेश सरकार ने अन्य जनपदों और राज्यों में फंसे लोगों को उनके संबंधित जिलों में भेजने की बात कही और उसके बाद में स्पेशल बस और ट्रेनों को चलाकर उन लोगों को घर भेजने का काम शुरू कर दिया। घर लौटने वाले श्रमिकों को सरकार कुछ दिनों का राशन मुहैया करा रही है। वहीं इस बीच दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों व प्रवासी मजदूरों के लिए वन नेशन वन कार्ड (राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी) सुविधा लागू कर दी है। इसके बाद किसी भी राज्य का राशन कार्डधारक प्रदेश के जिस गांव का रहने वाला है, वहां के किसी भी कोटे की दुकान से राशन कार्ड का नंबर बताकर राशन ले सकेगा। लेकिन यह सुविधा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनके राशन कार्ड पिछले छह महीने से सक्रिय हैं।
सरकार की तरफ से राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी सिस्टम लागू कर दिया गया है। इससे श्रमिकों को काफी फायदा मिलेगा। जो अन्य राज्यों से अपने गांवों में पहुंचे हैं, यहां उन्हें आसानी से राशन उपलब्ध हो जाएगा। - रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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लॉकडाउन में देशभर में उद्योग, परिवहन आदि सेवाएं बंद हो गईं। रोजी रोटी का संकट खड़ा होने के बाद दूसरे राज्यों में मजदूरी कर रहे लोगों ने अपने घरों की ओर पैदल ही रुख कर दिया। प्रदेश सरकार ने अन्य जनपदों और राज्यों में फंसे लोगों को उनके संबंधित जिलों में भेजने की बात कही और उसके बाद में स्पेशल बस और ट्रेनों को चलाकर उन लोगों को घर भेजने का काम शुरू कर दिया। घर लौटने वाले श्रमिकों को सरकार कुछ दिनों का राशन मुहैया करा रही है। वहीं इस बीच दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों व प्रवासी मजदूरों के लिए वन नेशन वन कार्ड (राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी) सुविधा लागू कर दी है। इसके बाद किसी भी राज्य का राशन कार्डधारक प्रदेश के जिस गांव का रहने वाला है, वहां के किसी भी कोटे की दुकान से राशन कार्ड का नंबर बताकर राशन ले सकेगा। लेकिन यह सुविधा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनके राशन कार्ड पिछले छह महीने से सक्रिय हैं।
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सरकार की तरफ से राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी सिस्टम लागू कर दिया गया है। इससे श्रमिकों को काफी फायदा मिलेगा। जो अन्य राज्यों से अपने गांवों में पहुंचे हैं, यहां उन्हें आसानी से राशन उपलब्ध हो जाएगा। - रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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