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Budaun News: दो दिन से बढ़ रहा रामगंगा का जलस्तर, तटवर्ती ग्रामीण भयभीत

Thu, 16 Jul 2026 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 12:40 AM IST
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Ramganga water level rising for two days; villagers in riverside areas fearful.
रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान रोकने को लगाए कट्टे भी डूब रहे। संवाद
दातागंज। अब तक गंगा में पानी बढ़ रहा था, लेकिन दो दिनों से रामगंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होने लगी है।
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अभी तक तहसील क्षेत्र में बह रही गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा था, अब पानी की बढ़ोतरी में कमी आई तो अब रामगंगा में दो दिनों से पानी की वृद्धि से डर फैलने लगा है। बढ़ते पानी को देखते हुए रामगंगा के किनारे बसे गांव वालों ने संभावित बाढ़ से निपटने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
ग्राम प्रधान मजरा तपन सिंह और नौनी के प्रधान लालू ने बताया कि दो दिन पहले राम गंगा का जलस्तर काफी कम चल रहा था, लोग ऐसे ही पानी में पैदल निकलकर नदी पार कर रहे थे, लेकिन पिछले 24 घंटे से जलस्तर में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। अभी नदी का पेट ही खाली चल रहा है इसलिए बाढ़ जैसे हालात नहीं है, लेकिन जलस्तर जिस तेजी से बढ़ रहा है, बाढ़ की आशंका से लोग डरने लगे हैं।
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सखतपुर गांव को रामगंगा ने पूरी तरह से घेरा

दातागंज। मौसमपुर ग्राम पंचायत का मजरा सखतपुर रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से चारों तरफ से घिर गया है। इस गांव के लोगों के आवागमन का एकमात्र साधन नाव है। एक हजार से अधिक आबादी वाला यह गांव हर साल रामगंगा में पानी बढ़ने के बाद टापू में तब्दील हो जाता है। ग्राम पंचायत के पास एक छोटी नाव है, जो एक साल से पानी में पड़े रहने से कंडम हो गई है। प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई नाव ही इनका सहारा रहती है। डेढ़ दशक पहले यह गांव मौसमपुर गांव के पास बसा था। उस जगह पर अब रामगंगा की मुख्य धारा बह रही है। संवाद
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रामगंगा में कटान रोकने के लिए लगीं रेत की बोरियां बहीं
दातागंज। ग्राम पंचायत मौसमपुर के मजरा सिमरिया में कटान रोकने के लिए रामगंगा नदी में लगाई रेत की बोरियों की ढांग जलस्तर बढ़ने से बह गई। ग्रामीणों का कहना है कि पानी बढ़ने पर अभी यह हाल है, तो बाढ़ आने पर सुरक्षा के इंतजाम का क्या हश्र होगा। सिमरिया गांव में पिछले वर्ष भी जबरदस्त कटान हुआ था। रामगंगा ने दर्जनों बीघा कृषि भूमि को काटते हुए गांव की सीमा में कटान किया था। इस वर्ष गांव को रामगंगा के कहर से बचाने के लिए लोहे के जाल में रेत के बोरे भरकर लगाए गए हैं, लेकिन नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से बोरे खिसकने शुरू हो गए हैं। ग्रामीणों काे आशंका है कि रेत की बोरियां बाढ़ की मामूली टक्कर भी नहीं झेल पाएंगी। संवाद












बाढ़ क्षेत्र के इलाकों में राजस्व व बाढ़ खंड की टीमें लगी हुई हैं। जलस्तर को लेकर पूरी निगरानी बरती जा रही है। जहां भी कोई समस्या होगी तत्काल उसका समाधान कराया जाएगा। सखत पुर गांव में जरूरत पड़ने पर नाव व स्टीमर की व्यवस्था कराई जाएगी। -विनोद कुमार सिंह, एसडीएम, दातागंज









एसडीएम ने किया संवेदनशील गांवों का निरीक्षण







उसहैत। बाढ़ के दृष्टिगत संवेदनशील गांवों का बुधवार को एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने दौरा किया। बाढ़ अधिकारियों से बात की। हालातों पर नजर रखने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को भी बचाव के लिए जागरूक किया।







तहसील क्षेत्र के गंगा किनारे के गांव जटा व ठाकुरी नगला पिछले वर्ष बाढ़ में सर्वाधिक प्रभावित हुए थे। इन गांवों में कई फुट तक पानी घुस आया था। गांव का मुख्य मार्ग भी पूरी तरह डूब गया था। मुख्य सड़क की पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। इन गांवों में पहुंचकर एसडीएम ने पिछले बाढ़ के हालातों की जानकारी ली। इस पुलिया का मरम्मत का कार्य पूरा मिला। उन्होंने ग्रामीणों को भी बाढ़ आने पर खुद के बचाव को लेकर जागरूक किया। इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ क्षेत्रीय कानूनगो एवं लेखपाल भी मौजूद रहे।




कांग्रेस ने जरतोली में लिया बाढ़-कटान का जायजा
दातागंज। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अजीत यादव के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने बुधवार को रामगंगा की बाढ़ से प्रभावित जरतोली गांव का दौरा कर डूबती फसलों और कटान का मुआयना किया। जरतोली और मौसमपुर आनंदपुर में ग्रामीणों से संवाद कर समस्याएं सुनीं। अजीत यादव ने कहा कि हर साल बाढ़ से दर्जनों परिवार पलायन कर रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय गिरने की कगार पर है। सैकड़ों बीघा बाजरा, तिली, उड़द की फसलें डूब गईं हैं। उन्होंने दातागंज क्षेत्र को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए मानपुर से सिमरिया और रूपपुर से भाऊ नगला तक 30 किमी बांध-तटबंध बनवाने के लिए संघर्ष तेज करने का एलान किया। संवाद

रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान रोकने को लगाए कट्टे भी डूब रहे। संवाद

रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान रोकने को लगाए कट्टे भी डूब रहे। संवाद

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