कुंवरगांव। क्षेत्र के फरीदपुर चकोलर गांव में पेयजल पाइप लाइन डालने को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि बिना ओवरहेड टैंक और बोरिंग का निर्माण कराए पाइप लाइन डालना व्यर्थ है। यदि पहले की तरह सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं तो बरसात के मौसम में पूरा गांव कीचड़ और गड्ढों से परेशान होगा।
संजीव, मोहन लाल, विनोद कुमार, हेमराज आदि ने कहा कि पास के गांव औरंगाबाद खालसा में ओवरहेड टैंक का निर्माण होना है, लेकिन यह काम पिछले दो वर्षों से अधर में लटका हुआ है। योजना के अनुसार टंकी से आसपास के गांवों को पानी की आपूर्ति की जानी है। ऐसे में जब तक टंकी और बोरिंग का काम पूरा नहीं होता, पाइप लाइन डालने का कोई औचित्य नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग अधूरा काम करके केवल खानापूर्ति कर रहा है। गंगा राम, महेंद्र पाल, बांके लाल, लालाराम आदि ने उदाहरण देते हुए कहा कि पड़ोस के कई गांवों में पहले ही पाइप लाइन डाली गई थी, लेकिन सड़कों को ठीक नहीं कराया गया। बरसात आते ही वहां की सड़कों पर पानी भर गया और गहरे गड्ढे बन गए। जिससे लोगों को आने-जाने में भारी मुश्किलें झेलनी पड़ीं। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति उनके गांव में भी बनी तो रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो जाएगी। कहा कि पेयजल योजना का मकसद जनता को राहत देना है, लेकिन अधूरी योजना उल्टा परेशानी का कारण बन रही है।