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बैठक का बहाना बनाकर डाक्टर साहब कर रहे लखनऊ की सैर
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बदायूं। डीएम ने शनिवार को सीएमओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां मिलीं। दो डॉक्टर लखनऊ में मीटिंग की बात कहकर नदारद थे, जबकि शनिवार और रविवार को लखनऊ में कोई बैठक न होने की बात सामने आई। वहीं सुधा देवी 15 जुलाई से अब तक बिना किसी अवकाश प्रार्थना पत्र के अनुपस्थित पाई गईं, जबकि 17 से 19 जुलाई तक का इनका आकस्मिक अवकाश का प्रार्थना पत्र पंजिका में मौजूद था। इसके बावजूद इन तीनों दिनों में इनकी उपस्थिति दर्ज की गई। डीएम ने ऐसे लापरवाह डॉक्टर और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए इनके वेतन आहरण पर रोक लगा दी है, साथ ही इनके निलंबन के संबंध में भी लिखने के निर्देश दिए हैं।
डीएम सुबह सीएमओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पाया कि डॉ. सुनील कुमार व डॉ. प्रमोद कुमार लखनऊ में मीटिंग का बहाना बनाकर कार्यालय से गायब हैं। डीएम ने कहा कि शनिवार और रविवार सचिवालय बंद रहता है और इन दिवसों में कोई बैठक भी नहीं की जाती है। वहीं इनके अलावा डॉ. केके जौहरी समेत सुधादेवी, रफत हुसैन, ऊषा दास मौर्य, विजय कुमार मिश्रा, नेमचंद गैरहाजिर मिले। डीएम ने एसीएमओ डॉ. गोविंद स्वर्णकार से कहा कि इन्हीं लापरवाह चिकित्सकों की वजह से संचारी रोग अभियान सहित जिले की अन्य स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं, क्यों न इनकी सेवाओं पर ही रोक लगा दी जाए। उन्होंने ऐसे लापरवाह चिकित्सकों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए इनके वेतन आहरण पर भी रोक लगा दी, साथ ही इनके निलंबन के संबंध में भी लिखने के निर्देश दिए।
गंदगी और टूटी कुर्सियां देखकर जताई नाराजगी
- कार्यालय में टूटी कुर्सी और गंदी अलमारियों को देखकर नाराजगी जताते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि अलमारियों पर पेंट कराया जाए। कार्यालय में कोई टूटी कुर्सी नजर नहीं आना चाहिए। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि यह बीमारियों का समय है। इसमें किसी भी चिकित्सक, कर्मचारी की लापरवाही को माफ नहीं किया जाएगा।
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डीएम सुबह सीएमओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पाया कि डॉ. सुनील कुमार व डॉ. प्रमोद कुमार लखनऊ में मीटिंग का बहाना बनाकर कार्यालय से गायब हैं। डीएम ने कहा कि शनिवार और रविवार सचिवालय बंद रहता है और इन दिवसों में कोई बैठक भी नहीं की जाती है। वहीं इनके अलावा डॉ. केके जौहरी समेत सुधादेवी, रफत हुसैन, ऊषा दास मौर्य, विजय कुमार मिश्रा, नेमचंद गैरहाजिर मिले। डीएम ने एसीएमओ डॉ. गोविंद स्वर्णकार से कहा कि इन्हीं लापरवाह चिकित्सकों की वजह से संचारी रोग अभियान सहित जिले की अन्य स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं, क्यों न इनकी सेवाओं पर ही रोक लगा दी जाए। उन्होंने ऐसे लापरवाह चिकित्सकों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए इनके वेतन आहरण पर भी रोक लगा दी, साथ ही इनके निलंबन के संबंध में भी लिखने के निर्देश दिए।
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गंदगी और टूटी कुर्सियां देखकर जताई नाराजगी
- कार्यालय में टूटी कुर्सी और गंदी अलमारियों को देखकर नाराजगी जताते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि अलमारियों पर पेंट कराया जाए। कार्यालय में कोई टूटी कुर्सी नजर नहीं आना चाहिए। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि यह बीमारियों का समय है। इसमें किसी भी चिकित्सक, कर्मचारी की लापरवाही को माफ नहीं किया जाएगा।
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