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Budaun: गंगा एक्सप्रेसवे के गड्ढों में डूबने से बच्चों की मौत पर मानवाधिकार आयोग ने मांगी जांच रिपोर्ट
Sat, 22 Jul 2023 01:27 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jul 2023 01:27 PM IST
सार
एनएचआरसी ने यूपी के मुख्य सचिव, यूपीडा के सीईओ और डीएम बदायूं को नोटिस भेजा है, जिसमें बच्चों की मौत के मामलों की जांच करने और कार्रवाई कर छह हफ्ते में रिपोर्ट को आयोग के समक्ष पेश करने का आदेश दिया गया है।
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इसी गड्ढे में डूबकर हुई थी बच्चों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे के गड्ढों में भरे बारिश के पानी में डूबकर बच्चों की मौत के मामलों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, यूपीडा के सीईओ और डीएम बदायूं को नोटिस भेजकर बच्चों की मौत के मामलों की जांच करने और कार्रवाई कर छह हफ्ते में रिपोर्ट को आयोग के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है।
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कांग्रेस नेता अजीत सिंह यादव ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की थी। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे का ठेका अडानी ग्रुप को दिया है, इसीलिए सरकार अनियमितताओं पर पर्दा डाल रही है। उन्होंने उघैती थानाक्षेत्र के गांव ऐपुरा के बच्चों फुरकान और आमीन की डूबकर हुई मौत के मामले समेत गंगा एक्सप्रेसवे के गड्ढों में डूबकर बच्चों की लगातार हो रही मौतों के मामलों पर एनएचआरसी में शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर तीन जुलाई को आयोग ने केस दर्ज किया था।
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आयोग ने दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव डहरपुर निवासी रंजीत की गंगा एक्सप्रेसवे में डूबने से हुई मौत के मामले पर उत्तर प्रदेश के राज्य मानवाधिकार आयोग के सचिव को कार्यवाही करने का आदेश दिया है। उन्होंने दोषी अधिकारियों -कर्मचारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने, गंगा एक्सप्रेसवे की संबंधित निर्माण एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर काम से हटाने और पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।