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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Only two board meetings in nine months, seven proposals tabled... yet not a single one related to development work.

Budaun News: नौ माह में सिर्फ दो बोर्ड बैठकें, पटल पर सात प्रस्ताव आए ... पर विकास कार्य से जुड़े एक भी नहीं

Tue, 15 Sep 2026 02:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 02:07 AM IST
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Only two board meetings in nine months, seven proposals tabled... yet not a single one related to development work.
पुलिस लाइन के पास टूटा पड़ा नाला। संवाद
पिछले पांच महीने से नगर पालिका में बोर्ड बैठक नहीं कराई गई, नाला निर्माण और जर्जर सड़कों के कार्य रुके, विकास कार्य ठहरने पर नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली पर लोगों ने लगाए प्रश्न चिह्न
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बदायूं। शहर में विकास कार्य कराने के लिए नगर पालिका परिषद गंभीर नहीं है। नौ माह में सिर्फ दो बोर्ड बैठकें ही हो पाईं, जिसमें सात प्रस्ताव रखे गए। इनमें से कोई भी विकास कार्य से संबंधित नहीं था। विकास कार्य ठहरने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। प्रति माह बोर्ड बैठकें नहीं होने पर लोगों ने जिम्मेदारों की कार्य प्रणालियों पर प्रश्न चिह्न खड़े किए हैं। फिलहाल, पिछले पांच माह से नगर पालिका में बोर्ड बैठक नहीं कराई गई। इससे नाला निर्माण और जर्जर सड़कों के निर्माण संबंधित कार्य आगे नहीं बढ़ पाए।
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नगर पालिका बदायूं में 29 वार्ड हैं। पालिका के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल 20 फरवरी को पहली बोर्ड बैठक आयोजित की गई, जिसमें चार प्रस्ताव जरूर रखे गए, लेकिन शहर में सड़कों, चौराहे के सौंदर्यीकरण के संबंध में प्रस्ताव नहीं रखा गया। बैठक में शामिल चार प्रस्तावों में से तीन प्रस्ताव शहर के बाजार कारमेंकलगंज की दुकानों के नाम परिवर्तन को लेकर थे, जिनमें चर्चा हुई थी। तीनों में नाम परिवर्तन हो चुके हैं। एक प्रस्ताव संपत्तियों पर टैक्स दर बढ़ाने को लेकर था, जिसे शहर में लागू किया जा चुका है। इसके बाद 13 अप्रैल को दूसरी बोर्ड बैठक हुई। इसमें तीन प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखे गए। इसमें भी दो दुकानों में वारिसान नाम परिवर्तन को लेकर थे। इसमें नाम परिवर्तन हो चुके हैं। तीसरा प्रस्ताव अग्निकांड में जली दुकान के नवनिर्माण से जुड़ा हुआ था। इसमें दुकान का निर्माण कराया जा रहा है।
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मई से बोर्ड की बैठक न कराने पर सवाल उठे हैं। शहर की मूलभूत समस्याओं से जुड़े प्रस्ताव बोर्ड के सामने ही नहीं आ पा रहे हैं। नगर पालिका परिषद में बोर्ड का उद्देश्य शहर की जरूरतों और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी देना है। इसके बाद में संबंधित विभागों के माध्यम से काम आगे बढ़ता है, लेकिन लगातार पांच माह से बैठक न होने के कारण शहर के कई जरूरी मुद्दे बोर्ड के सामने नहीं पहुंच सके हैं।
खासतौर पर नाला और सड़क निर्माण से संबंधित एक भी नया प्रस्ताव इस साल बोर्ड बैठक में नहीं रखा गया। इधर, नौ महीने में दो बोर्ड बैठकें कराने के संबंध में जब ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि जब चेयरमैन और सभासद समय देते हैं, तो उन्हीं के अनुसार ही बैठक की जाती है। संवाद
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विकास कार्यों के प्रस्ताव गायब
बारिश के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था भी जरूरी होती है। इसके बावजूद इन कार्याें को लेकर बोर्ड में कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया। इसके लिए जरूरी कार्यों को बोर्ड के सामने प्रस्ताव के रूप में लाया जाता है, लेकिन इस साल अब तक नाला निर्माण और सड़क निर्माण से संबंधित एक भी प्रस्ताव बोर्ड बैठक में नहीं रखा गया। इससे सवाल उठता है कि आखिर शहर की इन मूलभूत जरूरतों पर बोर्ड स्तर पर चर्चा कब होगी।
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बोर्ड बैठकें न होने से अटके रहेंगे विकास के फैसले
बोर्ड बैठकों में सभासद अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं भी रखते हैं। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाता है, यदि बैठक ही नियमित नहीं होगी तो नए प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी की प्रक्रिया भी प्रभावित होगी। लंबे समय से बैठक न होने के कारण कई स्थानीय समस्याएं अब तक बोर्ड के एजेंडे में शामिल नहीं हो सकी हैं।
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बोर्ड की बैठक में एक तिहाई सदस्य होना जरूरी
शासन के नियमों के अनुसार, बोर्ड की बैठक को तभी पूर्ण माना जाएगा। जब उनमें नामित सदस्यों में से एक तिहाई सदस्य होना बेहद जरूरी है। क्योंकि शहर नगर पालिका में 29 वार्ड है। ऐसे में 10 सदस्यों का बोर्ड की बैठक में होना जरूरी है।
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नगर पालिका परिषद बदायूं में इतनी कम बोर्ड बैठक क्यों आयोजित की गई हैं, इसके बारे में जानकारी नहीं है। इसको दिखाया जाएगा कि आखिर इसके पीछे क्या वजह रही है। संबंधित ईओ से बात की जाएगी।

-अरुण कुमार, नोडल अधिकारी नगर निकाय/ एडीएम प्रशासन
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- नगर पालिका बोर्ड की बैठक के लिए सभी की सहमति जरूरी होती है। सहमति बन जाने के बाद में बैठक बुलाई जाती है। इसमें सदस्यों की ओर से उठाएं गए मुद्दों के अनुसार काम होता है। जल्द बोर्ड बैठक बुलाने पर चर्चा की जाएगी।
- फात्मा रजा, चेयरमैन, नगर पालिका
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पुलिस लाइन के पास टूटा पड़ा नाला। संवाद

पुलिस लाइन के पास टूटा पड़ा नाला। संवाद

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