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Budaun News: रंग पंचमी पर धनूपुरा और भोजपुर में बरसा रंग-गुलाल
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कादरचौक क्षेत्र के गांव धनूपुरा में रंगपंचमी पर होली खेलते युवा। संवाद
कादरचौक। सालों पहले राजस्थान से राजपुरा जाट समाज के लोग धनूपुरा और भोजपुर में आकर बस गए थे। हर साल वह राजस्थानी परंपरा से होली के पांचवें दिन रंग पंचमी मनाते हैं।
रविवार को धूमधाम से दोनों गांव में राजवोरा जाट समाज के लोगों ने विधि विधान से पहले पूजा अर्चना की। इसके बाद रंग और गुलाल खेलना शुरू किया। पूरे दिन नाचते-गाते होली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया।
मान्यता है कि उनके समाज में पांच दिन तक लगातार होली की रस्म चलती है। भक्त प्रह्लाद की कथा को जोड़ते हुए वह मानते हैं कि रंग पंचमी के दिन हिरण्यकश्यप का वध करने के बाद नृसिंह भगवान ने भक्त प्रह्लाद का राज्याभिषेक किया था। इसी परंपरा के अनुरूप गांव धनूपुरा और भोजपुर में हर्षोल्लास के साथ होली का उत्सव मनाया जाता है। सभी ने एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
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रविवार को धूमधाम से दोनों गांव में राजवोरा जाट समाज के लोगों ने विधि विधान से पहले पूजा अर्चना की। इसके बाद रंग और गुलाल खेलना शुरू किया। पूरे दिन नाचते-गाते होली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया।
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मान्यता है कि उनके समाज में पांच दिन तक लगातार होली की रस्म चलती है। भक्त प्रह्लाद की कथा को जोड़ते हुए वह मानते हैं कि रंग पंचमी के दिन हिरण्यकश्यप का वध करने के बाद नृसिंह भगवान ने भक्त प्रह्लाद का राज्याभिषेक किया था। इसी परंपरा के अनुरूप गांव धनूपुरा और भोजपुर में हर्षोल्लास के साथ होली का उत्सव मनाया जाता है। सभी ने एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
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