फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   No relief from jam in Budaun

जाम: गंदा है पर धंधा है यह

Tue, 29 Aug 2017 07:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं Updated Tue, 29 Aug 2017 07:20 PM IST
विज्ञापन
No relief from jam in Budaun
- फोटो : file pic
योगी सरकार बनते ही शहर जाम से मुक्त दिखाई दे रहा था। पुलिस भी उस वक्त सख्त दिखाई दे रही थी। तब लोगों में एक उम्मीद जगी थी कि सरकार बदलने के बाद वाकई परिवर्तन होने लगा है, लेकिन समय के साथ-साथ पांच महीने में सब कुछ बदल गया। बस, गुंडों और ठेकेदारों के आका बदलकर सब कुछ पुराने ढर्रे पर आ गया।  
विज्ञापन

जिले के हर कोने में ऑटो, टेंपो, ई-रिक्शा और डग्गामार वाहनों के जाम लगाने के लिए पहले की तरह स्टैंड की बोली लगी गई। ठेकेदारों के गुंडों ने मनचाहे स्थानों पर वाहन खड़ा कर सवारियां भरने की खुली छूट दे रखी है। सार्वजनिक समारोहों में जो अफसर ये कहते नहीं थकते थे  कि अगर अतिक्रमण होगा तो गरीबों का क्या होगा, सही बात तो यह है कि उनकी भावुकता गरीबों पर नहीं उगाही सिस्टम में जमे नेताओं-गुडों के प्रति है। हर माह करीब एक करोड़ से ज्यादा की कमाई ऑटो, टेंपो, मैजिक और बसों से जुटाकर इस सिंडीकेट के आकाओं का पेट भरवाते हैं। अब ये अफसर नेताओं के सिंडीकेट से बचने को भावुकता दिखाते हैं या खुद अपने हितों के लिए, यह तो जांच में भी साबित होना मुश्किल है। किस स्टैंड पर ठेकेदार के गुंडे और आवारा किस्म के आसमाजिक तत्व टेंपों चालकों से वसूली करते है। इस पर किसी के पास कोई जवाब नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed