{"_id":"70435a1d43083b34a84013e2af151c4f","slug":"no-investigation-no-50-250-copies-to-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोई 50 तो कोई जांच रहा 250 कॉपियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोई 50 तो कोई जांच रहा 250 कॉपियां
badaun
Updated Sun, 19 Apr 2015 08:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर जिले से बदायूं आईं बची हुईं 42 हजार कॉपियों को झटपट चेक कराने की होड़ भी नजर आ रही है। शिक्षक भी बिना रूचि लिए कॉपियां जांचने में लगे हैं। सूत्र बताते हैं कि एक केंद्र पर कोई शिक्षक पचास कॉपी जांच रहा है तो किसी को मेहरबानी के चलते 250 कॉपियां जांचने के लिए दे दी गई हैं। ऐसे में सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं आज तक जीआईसी और एसके केंद्र पर 22668 उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन कर दिया गया है। मंगलवार तक इसके समाप्त होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि जिले में 31 मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ था। तीन दिन बहिष्कार के बाद कॉपियां चेक होना शुरू की गई थीं। जो 15 अप्रैल तक कर दी गईं। वहीं शाहजहांपुर जिले में चेक न हो पाने के कारण कॉपियों को बदायूं में चेक कराने के लिए भेज दिया गया। जहां इंटर की जीआईसी तथा हाईस्कूल की एसके इंटर कॉलेज में भेजा गया। दो दिन में जीआईसी में साढ़े 19 हजार कॉपियां चेक हो चुकी हैं। जबकि वहीं एसके में बत्तीस सौ कॉपियां जांची जा चुकी हैं। इधर, मूल्यांकन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि कॉपियां चेक कराने में मेहरबानी बरती जा रही है। किसी को 50 कॉपियां दी जा रही है तो किसी को 250 कॉपियां देकर चेक कराई जा रही हैं। बताते हैं कि ऐसे में एक शिक्षक का 250 कॉपियां जांचे जाना मुश्किल है। अगर वह जांचता भी है तो वह ढंग से चेक नहीं कर सकेगा। हालांकि मूल्यांकन प्रभारियों ने इस तरह मूल्यांकन कराने से इंकार किया है। उनका कहना है कि शिक्षकों को निर्धारित कॉपियां ही चेक करने के लिए दी जा रही हैं।
विज्ञापन