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अनुसूचित जाति के दूल्हा-दुल्हन को मंदिर में प्रवेश से रोका, हंगामा
Sat, 15 Feb 2020 02:56 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 02:56 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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शहर से सटे ग्राम भगवतीपुर में शुक्रवार को अनुसूचित जाति के दूल्हा-दुल्हन को मंदिर में घुसने नहीं दिया गया। करीब तीन घंटे दोनों मंदिर परिसर में खड़े रहे और गेट की चाबी मांगते रहे। अंत में उन्होंने पुलिस को फोन किया और परिवार वालों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने जैसे तैसे मामले को संभाला और मंदिर का गेट खुलवाकर पूजा अर्चना कराई।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम भगवतीपुर निवासी अनुसूचित जाति के सोनू पुत्र ओम प्रकाश की शादी मूसाझाग के मौसमपुर गांव निवासी अनामिका के साथ हुई है। शुक्रवार को उसकी बरात गांव लौटी थी। शाम को करीब पांच बजे सोनू अपनी पत्नी को लेकर गांव के पश्चिम दिशा में स्थित ग्राम देवता के मंदिर पर पूजा अर्चना कराने ले गया था।
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बताते हैं कि उस वक्त मंदिर के गेट पर ताला पड़ा हुआ था। सोनू और उसके परिवार वालों ने मंदिर के पास रहने वाले लोगों से चाबी मांगी लेकिन उन्होंने अनुसूचित जाति के लोग होने की वजह से मंदिर की चाबी नहीं दी। उनसे साफ कह दिया गया कि उन्हें मंदिर में घुसने नहीं दिया जाएगा। परिवार वाले उनसे गुजारिश करते रहे लेकिन उनके दिल नहीं पसीजे।
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करीब तीन घंटे तक नव दंपती मंदिर परिसर में खड़े। तब तक गांव के दर्जनों लोग मौके पर जमा हो गए। बाद में परिवार वालों ने हंगामा शुरू कर दिया। उसके बाद सोनू ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई की बात कहते हुए मोहल्ले के एक व्यक्ति से चाबी ली। तब कहीं मंदिर का गेट खोला गया और नव दंपती ने पूजा की।
बताते हैं कि गांव में अनुसूचित जाति के केवल तीन परिवार हैं। उनका आरोप है कि ये लोग आज भी छुआछूत मानते हैं। इससे उन्हें चाबी नहीं दी गई। उन्होंने कोई तहरीर नहीं दी है और न ही पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है। दूल्हा दुल्हन अपने घर चले गए हैं।
अनुसूचित जाति के परिवार को पूजा करने से रोका गया। यह गलत बात है। मंदिर तो सभी धर्मों का है। दरअसल मंदिर की चाबी नहीं मिली थी। इससे ताला नहीं खुल सका था और दंपती को इंतजार करना पड़ा।
- आशीष पटेल उर्फ बंगाली बाबू, ग्राम प्रधान
हमने गांव में पता किया था। लोगों ने बताया कि मंदिर में काफी सामान रखा है। इससे ताला लगा दिया जाता है। कुछ लोग राजनीति करके गांव का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
- प्रमोद कुमार यादव, चौकी इंचार्ज खेड़ा नवादा