{"_id":"68b2079fbac2275e3f05dd9f","slug":"message-given-to-increase-affinity-not-distance-from-police-badaun-news-c-123-1-sbly1001-145988-2025-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: पुलिस से दूरी नहीं, अपनापन बढ़ाने का दिया संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: पुलिस से दूरी नहीं, अपनापन बढ़ाने का दिया संदेश
विज्ञापन
शहर कोतवाली पहुंची श्रीराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्राएं। संवाद
बदायूं। आमतौर पर छात्र-छात्राओं के मन में पुलिस और थाने के प्रति झिझक रहती है। कई बार अनभिज्ञता के कारण बच्चे पुलिस को सख्त मानते हैं और थाने के नाम से ही सहम जाते हैं। इस सोच को बदलने की जरूरत है। कानून पर भरोसा जगाने के उद्देश्य से अमर उजाला फाउंडेशन के तहत श्रीराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्राओं को शहर कोतवाली का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मी संजली, सुमन ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने बताया कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं है, बल्कि समाज में शांति और विश्वास कायम करना भी है। छात्राओं को पुलिसिंग, शिकायत दर्ज कराने की विधि और अपराध नियंत्रण के बारे में बताया। खास तौर पर साइबर क्राइम से बचाव की जानकारी दी।
ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया से जुड़े खतरों के बारे में समझाया गया। इससे सतर्क रहने के तरीके बताए गए। उन्होंने पुलिस की विभिन्न शाखाओं को देखा और पुलिसकर्मियों से बातचीत की। छात्राओं ने स्वीकार किया कि अब उनकी पुलिस को लेकर बनी धारणा टूटी है और उन्हें महसूस हुआ कि पुलिस समाज की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
विश्वास बढ़ाने की पहल
इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं और पुलिस के बीच की दूरी मिटाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर युवा पीढ़ी पुलिस को सहयोगी के रूप में देखेगी तो समाज में अपराध नियंत्रण आसान होगा। उन्होंने फाउंडेशन की इस पहल की सराहना की और कहा कि यह अनुभव उनके जीवन भर काम आएगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मी संजली, सुमन ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने बताया कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं है, बल्कि समाज में शांति और विश्वास कायम करना भी है। छात्राओं को पुलिसिंग, शिकायत दर्ज कराने की विधि और अपराध नियंत्रण के बारे में बताया। खास तौर पर साइबर क्राइम से बचाव की जानकारी दी।
विज्ञापन
ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया से जुड़े खतरों के बारे में समझाया गया। इससे सतर्क रहने के तरीके बताए गए। उन्होंने पुलिस की विभिन्न शाखाओं को देखा और पुलिसकर्मियों से बातचीत की। छात्राओं ने स्वीकार किया कि अब उनकी पुलिस को लेकर बनी धारणा टूटी है और उन्हें महसूस हुआ कि पुलिस समाज की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है।
विज्ञापन
विश्वास बढ़ाने की पहल
इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं और पुलिस के बीच की दूरी मिटाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर युवा पीढ़ी पुलिस को सहयोगी के रूप में देखेगी तो समाज में अपराध नियंत्रण आसान होगा। उन्होंने फाउंडेशन की इस पहल की सराहना की और कहा कि यह अनुभव उनके जीवन भर काम आएगा।