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मिनी कुंभ: मुख्य मार्ग से पांच किलोमीटर दूर होगा गंगा घाट
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बदायूं/कादरचौक। रुहेलखंड के मिनी कुंभ मेला ककोड़ा के आयोजन के लिए तैयारियां युद्घ स्तर पर चल रही हैं, लेकिन मुख्य मार्ग का काम समय से पूूरा होता नहीं दिख रहा। इस बार गंगा घाट तक पहुंचने के लिए लोगों को गंजडुंडवारा रोड से कच्चे रास्तों पर पांच किमी तक का सफर पूरा करना होगा। अब तक मुख्य मार्ग का काम पूरा नहीं हो सका है। मुख्य मार्ग का काम पूरा होने के बाद ही मेला स्थल पर दुकानदारों आदि का पहुंचना श़ुरू होगा।
कासगंज की ओर से आनेे वाले वाहन बाईपास से निकलेंगे
मिनी कुंभ का आयोजन एक से 15 नवंबर तक होना है। एक नवंबर को झंडी स्थापना के बाद सात नवंबर को मेले का उदघाटन होगा और आठ नवंवर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान है। तीन दिन पहले डीएम दीपा रंजन ने मेले की तैयारियों का जायजा लिया था। उन्होंने दिवाली तक मुख्य मार्ग के निर्माण का काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी अब तक मुख्य मार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। दरअसल, इस बार मुख्य मार्ग से गंगा घाट की दूरी करीब पांच किमी होगी। मुख्य मार्ग से दो बाईपास भी बनाए जा रहे हैं। इनमें एक वीआईपी रोड होगा। मुख्य मार्ग टू लेन रहेगा। बाईपास की चौड़ाई छह-छह मीटर की होगी। कासगंज की ओर से आने वाले वाहनों को बाईपास से निकाला जाएगा।
इनसेट--
कोतवाली की नहीं हुई स्थापना, अस्थाई मार्ग के लिए नहीं मिली पतेल
अब तक मुख्य मार्ग का काम पूरा न होने के कारण मेला स्थल तक टेंट आदि का पहुंचना शुरू नहीं हो सका है। मेला कोतवाली की स्थापना भी नहीं हो सकी है। अस्थाई मार्ग के निर्माण के लिए इस बार पतेल भी नहीं मिल रही है। 2019 में जो पतेल का डनलप 350 का मिलता था वह अब 700 का मिल रहा है। 2020 में कोराना संक्रमण के कारण मेला का आयोजन नहीं हुआ था।
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मेले को लेकर समय से काम पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य मार्ग का काम लगभग पूरा हो चुका है। बाईपास और वीआईपी मार्गों के निर्माण का काम चल रहा है। कुछ स्थानों पर भूमि दलदली होने के कारण काम में रुकावट आ रही है। मेले का आयोजन दिव्य और भव्य रूप से होगा। श्रद्घालुओं को किसी तरह की कोई समस्या नहीं होगी।
-मनोज कुमार, एएमए जिला पंचायत
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कासगंज की ओर से आनेे वाले वाहन बाईपास से निकलेंगे
मिनी कुंभ का आयोजन एक से 15 नवंबर तक होना है। एक नवंबर को झंडी स्थापना के बाद सात नवंबर को मेले का उदघाटन होगा और आठ नवंवर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान है। तीन दिन पहले डीएम दीपा रंजन ने मेले की तैयारियों का जायजा लिया था। उन्होंने दिवाली तक मुख्य मार्ग के निर्माण का काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी अब तक मुख्य मार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। दरअसल, इस बार मुख्य मार्ग से गंगा घाट की दूरी करीब पांच किमी होगी। मुख्य मार्ग से दो बाईपास भी बनाए जा रहे हैं। इनमें एक वीआईपी रोड होगा। मुख्य मार्ग टू लेन रहेगा। बाईपास की चौड़ाई छह-छह मीटर की होगी। कासगंज की ओर से आने वाले वाहनों को बाईपास से निकाला जाएगा।
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कोतवाली की नहीं हुई स्थापना, अस्थाई मार्ग के लिए नहीं मिली पतेल
अब तक मुख्य मार्ग का काम पूरा न होने के कारण मेला स्थल तक टेंट आदि का पहुंचना शुरू नहीं हो सका है। मेला कोतवाली की स्थापना भी नहीं हो सकी है। अस्थाई मार्ग के निर्माण के लिए इस बार पतेल भी नहीं मिल रही है। 2019 में जो पतेल का डनलप 350 का मिलता था वह अब 700 का मिल रहा है। 2020 में कोराना संक्रमण के कारण मेला का आयोजन नहीं हुआ था।
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मेले को लेकर समय से काम पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य मार्ग का काम लगभग पूरा हो चुका है। बाईपास और वीआईपी मार्गों के निर्माण का काम चल रहा है। कुछ स्थानों पर भूमि दलदली होने के कारण काम में रुकावट आ रही है। मेले का आयोजन दिव्य और भव्य रूप से होगा। श्रद्घालुओं को किसी तरह की कोई समस्या नहीं होगी।
-मनोज कुमार, एएमए जिला पंचायत