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एमडीएम न खिलाने को एकजुट हुए शिक्षक

Sat, 23 May 2015 07:53 PM IST
badaun
badaun Updated Sat, 23 May 2015 07:53 PM IST
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शिक्षक संगठनों के नेता और उनसे जुड़े शिक्षक अपने हितों की रक्षा के लिए एक जैसे स्वर बोलने लगे हैं। मामला है ग्रीष्मकालीन अवकाश के दिनों में बच्चों को भोजन खिलाने का। सो प्रदेश स्तर पर सभी शिक्षक संगठनों द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है। ऐलान भी कर दिया गया है यदि इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बंद नहीं किया गया तो 25 मई से आंदोलन की शुरुआत कर दी जाएगी। सभी शिक्षक नेताओं ने साफ शब्दों में कहा है कि वह शिक्षकों का उत्पीड़न और शोषण सहन नहीं करेंगे।

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काबिले गौर हो कि जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर पर प्राथमिक शिक्षक संघ के अलग-अलग गुट हैं। वह अपने राग अलापते हैं लेकिन ग्रीष्मकालीन अवकाश के दिनों में बच्चों को मध्याह्न भोजन खिलाने की नई व्यवस्था के विरोध में यह सभी संगठन एकजुट नजर आने लगे हैं। पहले दिन से ही इस नई व्यवस्था का विरोध शुरू हो गया। शनिवार को भी शिक्षक संगठनों ने डीएम को ज्ञापन देकर साफ कर दिया कि यदि इस मामले में आदेश को तत्काल वापस नहीं लिया गया तो वह 25 मई से आंदोलन की शुरुआत कर देंगे। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रेश यादव ने अपने पदाधिकारियों के संग डीएम को ज्ञापन दिया। कहा कि स्कूलों में 20 मई से ग्रीष्मावकाश शुरु हो गए हैं किंतु जून भर बच्चों को भोजन खिलाने के आदेश कर दिए हैं जो सहीं नहीं है। कहा है कि जिले के शिक्षकों को शिक्षण कार्य के अलावा  गैर शैक्षणिक कार्यों में संलग्न किया जा रहा है। जो पूर्णतया शासनादेश एवं शिक्षक हितों के विरुद्ध है। उनके साथ जिला मंत्री शैलेंद्र पाल सिंह, दामोदर सिंह, सलमान खां, अवनीश्वर सिंह, धर्मेंद्र कुमार, विजेंद्र सिंह, अशोक यादव, नरेंद्र सिंह, राजीव सोलंकी, हरीश यादव, रजनी यादव, इंद्रपाल सिंह, पुष्पा आदि रहे। इधर, प्राथमिक शिक्षक संघ के दूसरे जिलाध्यक्ष एवं  प्रांतीय उपाध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्र के यहां हुई बैठक में भी इस नई व्यवस्था का विरोध किया गया। मिश्र ने कहा कि इस मामले में 25 मई को डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के जरिए शासन से शिक्षकों से दूसरे अन्य कार्य न लिए जाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा है कि भोजन की व्यवस्था शिक्षकों से हटाकर किसी एजेंसी से कराई जाए। इस मौके पर जिला मंत्री गयाराम भारती, अशोकबाबू शर्मा, अनुज शर्मा, राजीव कुमार, राजन यादव, रनविजय सिंह, दिलीश शर्मा, संजय यादव, राजेंद्र गुलाटी, अरविंद दीक्षित, फरहत हुसैन, देवेंद्र गुप्ता आदि थे।े
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जूनियर शिक्षकों ने भी विरोध जताया
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की बैठक में भी छुटिट्यों के दिनों में बच्चों को भोजन खिलाने की नई व्यवस्था का विरोध किया गया। इस बीच सात सूत्रीय सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। अध्यक्ष कृपाल सिंह गौतम, जिला महामंत्री असरार अहमद, रोशन लाल गोविल, कल्यान दास गुप्ता,रंजीत यादव, महेंद्र पाल गुप्ता, गगन जीत, अब्बास अहमद खां, अंजुम आरा, भवनेश कुमार गोविल आदि थे।
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रसोइया पहुंचीं, नहीं आए बच्चे
छुट्टियों के दिनों में बच्चों को भोजन खिलाने की नई व्यवस्था के बाद तमाम स्कूलों में देखा गया है कि वहां पर भोजन करने को बच्चे ही नहीं पहुंचे। रसोइया जरूर पहुंच गईं। लिहाजा, बच्चों के न होने के कारण भोजन भी नहीं बना।

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