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Budaun News: काम की रफ्तार देखिए... छह महीने में बनना था वन स्टाॅप सेंटर, सवा साल में भी नहीं बन सका
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जिला अस्पताल में निर्माणाधीन वन स्टाप सेंटर। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल परिसर में बन रहा वन स्टाॅप सेंटर का भवन सवा साल में भी नहीं बन सका है, जबकि शासन ने निर्माण कार्य पूरा करने की अवधि छह माह तय की थी। काम की रफ्तार को देखकर लगता है कि इसे पूरा होने में अभी छह महीने का वक्त और लग जाएगा। हालांकि जिम्मेदार दो महीने में काम पूरा हो जाने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में वन स्टॉप सेंटर अस्थायी भवन में ही संचालित करने की मजबूरी है। इससे यहां रह रही युवतियों और किशोरियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
महिला अस्पताल में पांच साल से अस्थायी रूप से वन स्टाॅप सेंटर संचालित हो रहा है। पिछले साल यहां से चार युवतियां चकमा देकर भाग निकली थीं। इसके बाद तत्कालीन डीएम दीपा रंजन ने शासन को पत्र भेजकर वन स्टाॅप सेंटर का भवन बनवाने की मांग की थी। शासन ने 48 लाख रुपये स्वीकृत कर भवन निर्माण का काम छह माह में पूरा करने को कहा था।
कार्यदायी संस्था ने सिंतबर 2022 में काम शुरू कर दिया। इसे जनवरी के अंत तक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन सवा साल बाद भी भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अभी करीब 30 फीसदी काम बाकी है। सेंटर में ऐसी युवतियों और किशोरियों को रखा जाता है जो अपने घर से भाग जाती हैं। पुलिस उन्हें बरामद कर यहां रखती है। वन स्टाप सेंटर से भी उनके भागने का डर बना रहता है। लोगों का कहना है कि जब तक वन स्टाॅप सेंटर अपने भवन में शिफ्ट नहीं होगा तब तक यहां रुकने युवतियों और किशोरियों की सुरक्षा को खतरा बना रहेगा।
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बाहर से मंगाकर खिलाया जाता है खाना
सेंटर में रहने वाली युवतियों और किशोरियों को सुरक्षा के लिहाज से सेंटर में ही बना खाना देने का प्रावधान है, लेकिन यहां पांच सालों से बाहर से खाना मंगाकर खिलाया जा रहा है। युवतियों और किशोरियों को यहां तैनात महिला कांस्टेबल के साथ बाहर जाकर खाना खाने की भी छूट रहती है।
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पूरा बजट मिल चुका फिर भी लापरवाही
वन स्टाप सेंटर के भवन निर्माण के लिए दो किस्ताें में 48 लाख रुपये कार्यदायी संस्था को मिल चुके हैं लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते एक साल बाद भी भवन तैयार नहीं हो सका है। जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार ने बताया कि दो माह के अंदर सभी काम पूरा कराने के साथ ही वन स्टॉप सेंटर का संचालन नए भवन में शुरू कर दिया जाएगा।
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महिला अस्पताल में पांच साल से अस्थायी रूप से वन स्टाॅप सेंटर संचालित हो रहा है। पिछले साल यहां से चार युवतियां चकमा देकर भाग निकली थीं। इसके बाद तत्कालीन डीएम दीपा रंजन ने शासन को पत्र भेजकर वन स्टाॅप सेंटर का भवन बनवाने की मांग की थी। शासन ने 48 लाख रुपये स्वीकृत कर भवन निर्माण का काम छह माह में पूरा करने को कहा था।
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कार्यदायी संस्था ने सिंतबर 2022 में काम शुरू कर दिया। इसे जनवरी के अंत तक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन सवा साल बाद भी भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अभी करीब 30 फीसदी काम बाकी है। सेंटर में ऐसी युवतियों और किशोरियों को रखा जाता है जो अपने घर से भाग जाती हैं। पुलिस उन्हें बरामद कर यहां रखती है। वन स्टाप सेंटर से भी उनके भागने का डर बना रहता है। लोगों का कहना है कि जब तक वन स्टाॅप सेंटर अपने भवन में शिफ्ट नहीं होगा तब तक यहां रुकने युवतियों और किशोरियों की सुरक्षा को खतरा बना रहेगा।
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बाहर से मंगाकर खिलाया जाता है खाना
सेंटर में रहने वाली युवतियों और किशोरियों को सुरक्षा के लिहाज से सेंटर में ही बना खाना देने का प्रावधान है, लेकिन यहां पांच सालों से बाहर से खाना मंगाकर खिलाया जा रहा है। युवतियों और किशोरियों को यहां तैनात महिला कांस्टेबल के साथ बाहर जाकर खाना खाने की भी छूट रहती है।
पूरा बजट मिल चुका फिर भी लापरवाही
वन स्टाप सेंटर के भवन निर्माण के लिए दो किस्ताें में 48 लाख रुपये कार्यदायी संस्था को मिल चुके हैं लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते एक साल बाद भी भवन तैयार नहीं हो सका है। जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार ने बताया कि दो माह के अंदर सभी काम पूरा कराने के साथ ही वन स्टॉप सेंटर का संचालन नए भवन में शुरू कर दिया जाएगा।