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Budaun News: लिफ्ट बनी शोपीस, गर्भवती और बीमारों को होती है दिक्कत

Sat, 16 Dec 2023 12:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 16 Dec 2023 12:38 AM IST
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Lift becomes showpiece, pregnant women face problems
महिला अस्पताल की बंद पड़ी लिफ्ट। संवाद
बदायूं। जिला महिला अस्पताल में गर्भवती और बीमारों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए लिफ्ट लगवाई गई थी लेकिन सालों से लिफ्ट शोपीस बनी हुई है। ऐसे में महिलाओं को ऊपर की मंजिलों तक पहुंचने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी होने पर भी जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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मरीजों व शिशुओं को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए महिला अस्पताल का विस्तार करते हुए एनआरएचएम की ओर से सार्वजनिक निर्माण विभाग के समीप मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल का साल 2014 में सपा सरकार में निर्माण कराया गया था। करीब 18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने तीन मंजिला अस्पताल में सौ से अधिक बेड की व्यवस्था की गई।
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इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर (ओटी), आठ पलंग वाला आईसीयू, लेबर रूम बनाया गया। साथ ही अस्पताल में चढ़ने-उतरने के लिए लिफ्ट लगाई गई। लिफ्ट सिर्फ एक साल चल सकी, इसके बाद बंद हो गई। लिफ्ट खराब होने के कारण अब सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को आ रही है। ऐसे में ऐसी महिलाओं को ऊपर की मंजिलों तक जाने के लिए रैंप पर व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ता है।
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पीएनसी, आंचल मदर मिल बैंक वार्ड हैं द्वितीय तल पर



महिला अस्पताल में सामान्य डिलीवरी प्रथम तल पर किए जाने की सुविधा है। इसके बाद प्रसूताओं को व्हीलचेयर के माध्यम से द्वितीय तल पर शिफ्ट किया जाता है। पीएनसी, पोस्ट ऑपरेटिव आदि वार्ड दूसरी मंजिल पर होने के कारण प्रसूताओं और उनके तीमारदारों को भी सीड़ियों से जाना व आना पड़ता है। इसके साथ ही अस्पताल की तीसरी मंजिल पर आंचल मदर मिल्क बैंक संचालित होने कारण वहां जाने में भी दिक्कत होती है।

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मामला -1
रघुनाथपुर पीपरी निवासी सीमा की पिछले दिनों नार्मल डिलीवरी हुई। नवजात की हालत कमजोर मानते हुए चिकित्सकों ने तीसरे तल पर आईसीयू में भर्ती कर लिया, जबकि प्रसूता द्वितीय तल पर संचालित वार्ड में भर्ती है। ऐसे में दिन में तीन से चार बार नवजात को दूध पिलाने व अन्य कार्यों से ऊपर-नीचे जाने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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मामला -2
नवादा निवासी सोनी को जुड़वा बच्चे हुए। 12 घंटे बाद चिकित्सा कर्मियों ने उन्हें द्वितीय तल पर भर्ती करने के लिए भेज दिया। एक बच्चे को तीसरे तल पर बने एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। महिला को वहां आने-जाने में काफी दिक्कत आई। बाद में इस बच्चे की मौत हो गई। एक बच्चा स्वस्थ है।

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छह माह पहले ही कार्यभार संभाला है। अस्पताल की लिफ्ट खराब होने की जानकारी है। लिफ्ट ठीक कराने के लिए पत्राचार किया है। उम्मीद है कि यह जल्द ही ठीक हो जाएगी।
- डॉ. इंदुकांत, सीएमएस, महिला अस्पताल
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