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32 रुपये में पहुंचेंगे अब मेला ककोड़ा
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मेला ककोड़ा। श्रद्धालुुओं को मेला आने-जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए परिवहन निगम की ओर से मेला ककोड़ा में 21 बसें लगाए जाने का फैसला किया गया है। बदायूं से मेला स्थल की दूरी 32 किलोमीटर होने की वजह से इस बार परिवहन निगम की ओर से 32 रुपये किराया निर्धारित किया गया हैं। अब मेला ककोड़ा में अस्थायी रोडवेज बस अड्डा बनाने की तैयारिया शुरू कर दी गई हैं।
वैसे तो हर साल ककोड़ा मेला आने-जाने को रोडवेज बसें संचालित होती हैं, लेकिन किराया हर बार अलग तय होता है। परिवहन निगम ककोड़ा मेले से लेकर बदायूं की दूरी के आधार पर किराया निर्धारित करता है। इस बार निगम की ओर से 21 बसों को चलाने का निर्णय किया गया है। इसके लिए अस्थायी रोडवेज बस अड्डा तैयार किया जा रहा है, जो मेला स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर होगा। वहीं परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक ककोड़ा मेला में बसें लगने से उन यात्रियों को भी लाभ मिल सकेगा, जो गंजडुडवारा पुल के आसपास गांव के रहने वाले हैं।
पिछले साल के मुकाबले इस बार भीड़ अधिक रहने की संभावना हैं। ऐसे में अभी 21 बसों को चलाने का फैसला किया गया है। जरूरत पड़ी तो और भी बसें लगाई जाएंगी। यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
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-राजेश कुमार, एआरएम
सात सेक्टरों में बांटा गया मेला ककोड़ा, होगी सफाई
मेला ककोड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छता को लेकर काफी जोर रहा है। इसका असर मेला ककोड़ा में प्रशासनिक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। स्वच्छता के मद्देनजर मेले को सात सेक्टरों में बांटा गया है, साथ ही मेले मेें सफाई व्यवस्था के लिए पांच सौ सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं। इसके अलावा सौ स्वच्छग्राही लगाए जा रहे हैं, जो लोगों को खुले में शौच करने से रोकेंगे।
प्रशासनिक अधिकारी मेला ककोड़ा में सफाई व्यवस्था को लेकर बेहद ही चौकन्ने हैं। इस कड़ी में उनके द्वारा बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि मेले के दौरान कहीं पर भी गंदगी न मिले। इसके लिए डीपीआरओ कार्यालय द्वारा 400 कर्मचारियों की ड्यूटी मेले में लगाई जा रही है, साथ ही नगर पंचायत द्वारा भी सौ सफाई कर्मचारियों को मेले में सफाई व्यवस्था पर लगाया जा रहा है। इधर शासन की प्राथमिकता में शामिल योजना खुले से शौच मुक्त (ओडीएफ) पर भी प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से 100 स्वच्छग्राही लगाए गए हैं, जो मेले मे लोगों को खुले से शौच मुक्त कराने के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि मेले में लोग शौचालय का प्रयोग कर सकें। इसको लेकर डीएम ने डीपीआरओ समेत अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया है।
साइकिल पर हेलमेट लगाकर पहुंचे बाबा रामबहादुर
देश में सबसे ज्यादा मौत मार्ग दुर्घटनाओं की वजह से हो रही हैं। इनमें भी अधिकतर दोपहिया सवार लोगों की मौत बिना हेलमेट की वजह से हो रही है। इसको देखते हुए पूरे देश में हेलमेट को जरूरी कर दिया गया है। पिछले कुछ समय से यूपी में इस पर बेहद सख्ती दिखाई गई। इसका असर अब लोगों को दिखने लगा हैं, लेकिन अब भी काफी लोग हेलमेट का उपयोग नहीं कर रहे है। उन लोगों को नसीहत देते हुए 68 वर्षीय बाबा रामबहादुर शर्मा बदायूं से ककोड़ा मेला साइकिल से पहुंचे। इसमेें खास बात ये थे कि वह साइकिल से यात्रा करने के दौरान भी हेलमेट पहने हुए थे। जब लोगों ने इसके बारे में उनसे बात की, तो उन्होंने बताया कि हर दोपहिया मोटर वाहन पर बैठने वाले के लिए हेलमेट जरूरी है, क्योंकि हेलमेट पहनने से सड़क पर होनी वाली दुर्घटना को रोका तो नहीं जा सकता है, लेकिन सिर पर लगने वाली चोट की तीव्रता से बचा जरूर जा सकता है, क्योंकि अधिकतर मौत सिर पर चोट लगने की वजह से होती हैं।
मोबाइल नेटवर्क की नहीं आएगी दिक्कत
ककोड़ा मेले में मोबाइल नेटवर्क बहुत दिक्कत पैदा करता है। इसको लेकर डीएम ने मोबाइल नेटवर्क कंपनियों से व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि हर साल यहां नेटवर्क जबरदस्त व्यस्त हो जाता है, जिससे लोगों के मोबाइल तो चालू रहते हैं लेकिन वह एक-दूसरे से बात नहीं कर पाते। खासकर यह नेटवर्क पूर्णिमा से एक दिन पहले से खराब होने लगता है और ये समस्या तीन दिनों तक बनी रहती है।
बनाया जाएगा पुलिस कर्मियों का ग्रुप
इस बार मेले में तैनात हर पुलिस कर्मी ककोड़ा मेला ग्रुप से जोड़ा जाएगा। इसके एडमिन सीओ और मेला कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव कुमार शर्मा रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था या कोई वारदात होने पर यह ग्रुप संदेश का आदान-प्रदान करेगा। इससे सभी अधिकारियों को फोन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसी से सभी को जानकारी मिलती रहेगी।
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वैसे तो हर साल ककोड़ा मेला आने-जाने को रोडवेज बसें संचालित होती हैं, लेकिन किराया हर बार अलग तय होता है। परिवहन निगम ककोड़ा मेले से लेकर बदायूं की दूरी के आधार पर किराया निर्धारित करता है। इस बार निगम की ओर से 21 बसों को चलाने का निर्णय किया गया है। इसके लिए अस्थायी रोडवेज बस अड्डा तैयार किया जा रहा है, जो मेला स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर होगा। वहीं परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक ककोड़ा मेला में बसें लगने से उन यात्रियों को भी लाभ मिल सकेगा, जो गंजडुडवारा पुल के आसपास गांव के रहने वाले हैं।
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पिछले साल के मुकाबले इस बार भीड़ अधिक रहने की संभावना हैं। ऐसे में अभी 21 बसों को चलाने का फैसला किया गया है। जरूरत पड़ी तो और भी बसें लगाई जाएंगी। यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
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-राजेश कुमार, एआरएम
सात सेक्टरों में बांटा गया मेला ककोड़ा, होगी सफाई
मेला ककोड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छता को लेकर काफी जोर रहा है। इसका असर मेला ककोड़ा में प्रशासनिक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। स्वच्छता के मद्देनजर मेले को सात सेक्टरों में बांटा गया है, साथ ही मेले मेें सफाई व्यवस्था के लिए पांच सौ सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं। इसके अलावा सौ स्वच्छग्राही लगाए जा रहे हैं, जो लोगों को खुले में शौच करने से रोकेंगे।
प्रशासनिक अधिकारी मेला ककोड़ा में सफाई व्यवस्था को लेकर बेहद ही चौकन्ने हैं। इस कड़ी में उनके द्वारा बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि मेले के दौरान कहीं पर भी गंदगी न मिले। इसके लिए डीपीआरओ कार्यालय द्वारा 400 कर्मचारियों की ड्यूटी मेले में लगाई जा रही है, साथ ही नगर पंचायत द्वारा भी सौ सफाई कर्मचारियों को मेले में सफाई व्यवस्था पर लगाया जा रहा है। इधर शासन की प्राथमिकता में शामिल योजना खुले से शौच मुक्त (ओडीएफ) पर भी प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से 100 स्वच्छग्राही लगाए गए हैं, जो मेले मे लोगों को खुले से शौच मुक्त कराने के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि मेले में लोग शौचालय का प्रयोग कर सकें। इसको लेकर डीएम ने डीपीआरओ समेत अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया है।
साइकिल पर हेलमेट लगाकर पहुंचे बाबा रामबहादुर
देश में सबसे ज्यादा मौत मार्ग दुर्घटनाओं की वजह से हो रही हैं। इनमें भी अधिकतर दोपहिया सवार लोगों की मौत बिना हेलमेट की वजह से हो रही है। इसको देखते हुए पूरे देश में हेलमेट को जरूरी कर दिया गया है। पिछले कुछ समय से यूपी में इस पर बेहद सख्ती दिखाई गई। इसका असर अब लोगों को दिखने लगा हैं, लेकिन अब भी काफी लोग हेलमेट का उपयोग नहीं कर रहे है। उन लोगों को नसीहत देते हुए 68 वर्षीय बाबा रामबहादुर शर्मा बदायूं से ककोड़ा मेला साइकिल से पहुंचे। इसमेें खास बात ये थे कि वह साइकिल से यात्रा करने के दौरान भी हेलमेट पहने हुए थे। जब लोगों ने इसके बारे में उनसे बात की, तो उन्होंने बताया कि हर दोपहिया मोटर वाहन पर बैठने वाले के लिए हेलमेट जरूरी है, क्योंकि हेलमेट पहनने से सड़क पर होनी वाली दुर्घटना को रोका तो नहीं जा सकता है, लेकिन सिर पर लगने वाली चोट की तीव्रता से बचा जरूर जा सकता है, क्योंकि अधिकतर मौत सिर पर चोट लगने की वजह से होती हैं।
मोबाइल नेटवर्क की नहीं आएगी दिक्कत
ककोड़ा मेले में मोबाइल नेटवर्क बहुत दिक्कत पैदा करता है। इसको लेकर डीएम ने मोबाइल नेटवर्क कंपनियों से व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि हर साल यहां नेटवर्क जबरदस्त व्यस्त हो जाता है, जिससे लोगों के मोबाइल तो चालू रहते हैं लेकिन वह एक-दूसरे से बात नहीं कर पाते। खासकर यह नेटवर्क पूर्णिमा से एक दिन पहले से खराब होने लगता है और ये समस्या तीन दिनों तक बनी रहती है।
बनाया जाएगा पुलिस कर्मियों का ग्रुप
इस बार मेले में तैनात हर पुलिस कर्मी ककोड़ा मेला ग्रुप से जोड़ा जाएगा। इसके एडमिन सीओ और मेला कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव कुमार शर्मा रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था या कोई वारदात होने पर यह ग्रुप संदेश का आदान-प्रदान करेगा। इससे सभी अधिकारियों को फोन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसी से सभी को जानकारी मिलती रहेगी।