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वाटर प्यूरीफायर प्लांट लगाकर उपलब्ध कराएं साफ पानी
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बदायूं/उझानी। गांव नरऊ में गंदे पानी की वजह से बीमार होने के बाद एक के बाद एक जब चार लोगों की मौत हो गई, तब जाकर प्रशासन की नींद खुली। पहले तहसील स्तर के अधिकारी गांव में पहुंचे थे। स्थिति गंभीर होने पर जिला स्तर के अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। गुरुवार को जिले के नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद भी गांव पहुंचे और समस्याओं को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने वाटर प्यूरीफायर प्लांट लगाकर गंदे पानी को शुद्ध करने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद ने डीएम कुमार प्रशांत, एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य आदि के साथ गांव नरऊ का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने आयुक्त को बताया कि उझानी के बीचोंबीच चिप्स बनाने का कार्य हर साल किया जाता है। यह कार्य प्रत्येक वर्ष होली के ही दिनों में होता है, जिससे जहरीला कैमिकल मिश्रित पानी नालियों से गुजरता है। इससे भी विभिन्न प्रकार के रोग फैलते हैं। आयुक्त ने ईओ उझानी को ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, वाटर प्यूरीफायर प्लांट लगाकर गंदे पानी को शुद्ध करने के लिए भी कहा। इसके बाद में मंडलायुक्त ने कृषक मनोज कुमार थरेजा के मशरूम प्लांट का निरीक्षण किया। आयुक्त ने उप कृषि निदेशक रामवीर कटारा व जिला उद्यान अधिकारी मुकेश कुमार को निर्देशित किया कि ओएस्टर मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में प्रचार-प्रसार कर कृषकों को प्रशिक्षण दिया जाए। वहीं, आयुक्त ने उप्र राज्य सेतु निगम लिमिटेड द्वारा बरेली-मथुरा मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास पर सोत नदी के बीच 16.0737 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन फोरलेन सेतु का निरीक्षण किया। आयुक्त ने निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
आश्रय आवासों में मिली खामियां
आयुक्त ने वजीरगंज में कार्यदायी संस्था सीएनडीएस द्वारा 1276.44 लाख रुपए की लागत से बने आश्रय आवासों का निरीक्षण किया। यहां 276 आवास बने हुए हैं। आयुक्त ने पाया कि निर्माण कराए गए कमरों की चौड़ाई मानक से कम है। कहीं कहीं पर फर्श टूटा, तो कहीं इंटरलॉकिंग का ढलान भी सही नहीं मिला। आयुक्त ने 15 मार्च से पूर्व इन कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं।
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नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद ने डीएम कुमार प्रशांत, एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य आदि के साथ गांव नरऊ का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने आयुक्त को बताया कि उझानी के बीचोंबीच चिप्स बनाने का कार्य हर साल किया जाता है। यह कार्य प्रत्येक वर्ष होली के ही दिनों में होता है, जिससे जहरीला कैमिकल मिश्रित पानी नालियों से गुजरता है। इससे भी विभिन्न प्रकार के रोग फैलते हैं। आयुक्त ने ईओ उझानी को ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, वाटर प्यूरीफायर प्लांट लगाकर गंदे पानी को शुद्ध करने के लिए भी कहा। इसके बाद में मंडलायुक्त ने कृषक मनोज कुमार थरेजा के मशरूम प्लांट का निरीक्षण किया। आयुक्त ने उप कृषि निदेशक रामवीर कटारा व जिला उद्यान अधिकारी मुकेश कुमार को निर्देशित किया कि ओएस्टर मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में प्रचार-प्रसार कर कृषकों को प्रशिक्षण दिया जाए। वहीं, आयुक्त ने उप्र राज्य सेतु निगम लिमिटेड द्वारा बरेली-मथुरा मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास पर सोत नदी के बीच 16.0737 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन फोरलेन सेतु का निरीक्षण किया। आयुक्त ने निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
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आश्रय आवासों में मिली खामियां
आयुक्त ने वजीरगंज में कार्यदायी संस्था सीएनडीएस द्वारा 1276.44 लाख रुपए की लागत से बने आश्रय आवासों का निरीक्षण किया। यहां 276 आवास बने हुए हैं। आयुक्त ने पाया कि निर्माण कराए गए कमरों की चौड़ाई मानक से कम है। कहीं कहीं पर फर्श टूटा, तो कहीं इंटरलॉकिंग का ढलान भी सही नहीं मिला। आयुक्त ने 15 मार्च से पूर्व इन कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं।
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