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Budaun News: कैसे जीतेंगे कुपोषण से जब एनआरसी नहीं पहुंच रहे बच्चे

Tue, 28 Jan 2025 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2025 12:40 AM IST
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How will we win against malnutrition when children are not reaching NRC
जिला अस्पताल के एनआरसी वार्ड में भर्ती बच्चे। संवाद
बदायूं। जिले में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित तो कर लिया जा रहा है, लेकिन उनका विकास हो और वह सामान्य बच्चों की तरह स्वस्थ रहें, इसके लिए उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र पहुंचाने में जिम्मेदार हिचक रहे हैं। जिला अस्पताल के एनआरसी केंद्र की रिपोर्ट तस्दीक कर रही है कि जिम्मेदारों की लापरहावी के कारण जनवरी में यहां सिर्फ दो बच्चे ही भर्ती किए गए, जबकि जिले में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की संख्या 33 हजार के करीब है।
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शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए सरकार जन्म लेने बाद उन्हें टीके के साथ ही पौष्टिक आहार आंगनबाड़ी और आशा के माध्यम से पहुंचा रही है। इसमें भी अगर कोई बच्चा पौष्टिक आहार के बिना उम्र के हिसाब से कमजोर है और जांच में कुपोषित और अति कुपोषित मिल रहा है तो उसकी सेहत सुधारने के लिए आशा और आंगनबाड़ी की मदद से खून से संबंधित जांच करवाती हैं।
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जरुरत पड़ने पर जिला अस्पताल पर बने एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में 14 दिन रखा जाता है। यहां पर उनकी नियमित जांच और नियमित पौष्टिक आहार दिया जाता है। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते जिला अस्पताल के एनआरसी से मिले आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में केवल दो बच्चे वार्ड में भर्ती किए गए हैं।
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जिले में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की संख्या
जिले की आबादी लगभग 30 लाख है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 3,58,112 बच्चे हैं, जिनकी उम्र पांच वर्ष से कम है। इनमें 32,498 कुपोषित हैं, जबकि 7,112 अतिकुपोषित बच्चे हैं। उन्हें पौष्टिक आहार नियमित देना आवश्यक है, जिससे कुपोषण से मुक्ति पा सकें।

10 बेड का है वार्ड
जिला अस्पताल में स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र 10 बेड का है। यहां पांच वर्ष तक के कुपोषित बच्चे के साथ ही उनकी मां भी रहती हैं। यहां पर बच्चों के रहने, खाने के साथ ही उनके स्वास्थ्य की देखभाल की जाती है। बच्चे के साथ रहने वाली मां को निशुल्क भोजन के साथ रहने का 100 रुपये प्रतिदिन भत्ता भी मिलता है। एंबुलेंस लाने और ले जाने की सुविधा है। अगर आशा और आंगनबाड़ी वर्कर लाती हैं तो उन्हें भी भत्ता दिया जाता है।


मेन्यू के अनुसार मिलता है पौष्टिक आहार
जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र पर मेन्यू के हिसाब से बच्चों को पोषक तत्व दिया जाता है। इसमें दूध, नियमित दलिया, फल, ब्रेड सहित अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ दिए जाते हैं, जिससे बच्चा जल्द स्वस्थ होकर सामान्य श्रेणी में आ जाए।


पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चे कम पहुंच रहे हैं। इसका कारण सर्दी अधिक होना हो सकता है। जनवरी में दो बच्चे ही भर्ती हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। -डॉ. अलंकार सोलंकी, प्रभारी, पोषण पुनर्वास केंद्र
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