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10 दिन में कैसे होगा 108 करोड़ का भुगतान
badaun
Updated Sat, 04 Jul 2015 10:54 PM IST
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गन्ना किसान की मुसीबत कम नहीं हो रही है। आठ चीनी मिलों पर किसानों का 108 करोड़ रुपया फंसा हुआ है। चीनी मिलें नोटिस मिलने के बाद भी सुध नहीं ले रहीं। हाईकोर्ट ने मिलों को 15 जुलाई तक शत प्रतिशत भुगतान का आदेश दिया है। अगले 10 दिन में चीनी मिलों को 108 करोड़ का भुगतान करना है। भुगतान की गति देखकर नहीं लगता कि यह संभव हो सकेगा।
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जिले के गन्ना किसान सहकारी गन्ना संघ के जरिए आठ चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई करते हैं। पेराई सत्र 2014-15 में किसानों ने इन मिलों को गन्ना तो दिया, लेकिन मिलें किसानों के भुगतान से कतरा रही हैं। किसानों का सबसे ज्यादा बिसौली की यदु शुगर मिल पर 37.85 करोड़ रुपया बाकी है। रजपुरा की डीएसएम शुगर मिल पर 35.76 करोड़ और शेखूपुर चीनी मिल पर गन्ना किसानों की 18.15 करोड़ रुपये की देनदारी है। गन्ना विभाग मिलों को कई बार नोटिस जारी कर चुका है। इसके बाद भी चीनी मिलें भुगतान की दिशा में पहल नहीं कर रही हैं।
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बिसौली, रजपुरा मिल पर सबसे ज्यादा बकाया
बदायूं। बिसौली की यदु शुगर मिल और रजपुरा की डीएसएम शुगर मिल पर किसानों का सबसे ज्यादा बाकी है। निजी क्षेत्र की दोनों मिलें चीनी की बिक्री भी नहीं कर रही। दोनों मिलों पर किसानों का 73.62 करोड़ रुपया बाकी है। गन्ना विभाग के नोटिसों को अनदेखा करना इन दोनों मिलों का सबब बन गया है। हालांकि गन्ना विभाग का दावा है कि मिलों पर भुगतान के लिए दवाब बनाया जा रहा है।
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मिलों को नोटिस दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने 15 जुलाई तक का समय दिया है। यह बात सही है कि भुगतान की दिशा में मिलों ने अब तक ठोस कदम नहीं उठाए हैं। 15 जुलाई तक भुगतान न करने वाली मिलों के खिलाफ आरसी की कार्रवाई होगी।-रामकिशन, सचिव गन्ना सहकारी संघ
बकाया की स्थिति लाख रुपये में
यदु शुगर मिल 3785.80 लाख
रजपुरा चीनी मिल 3576.44 लाख
शेखूपुर चीनी मिल 1815.12 लाख
करीमगंज चीनी मिल 556.80 लाख
न्योली शुगर मिल 337.15 लाख
फरीदपुर चीनी मिल 273.85 लाख
मीरगंज चीनी मिल 115.95 लाख
रूपापुर चीनी मिल 97.45 लाख