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हिंदू महासभा का दावा: जामा मस्जिद में मौजूद हैं मंदिर के अवशेष, सुनवाई से पहले कराया जाए सर्वे

Mon, 16 Jan 2023 09:52 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 16 Jan 2023 09:52 PM IST
सार

इंतजामिया कमेटी के वकील अनवर आलम की ओर से एक बार फिर से एतराज दाखिल किया गया है। उन्होंने कहा है कि यह मामला सुनवाई के योग्य नहीं है।

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Hindu Mahasabha claims remains of temple present in Badaun Jama Masjid survey should be done before hearing
बदायूं जामा मस्जिद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोमवार को जामा मस्जिद की सुनवाई के दौरान हिंदू महासभा के वकीलों ने दावा किया कि जामा मस्जिद में मंदिर के तमाम अवशेष मौजूद हैं। हालांकि आक्रांताओं ने उसका स्वरूप बदलने की पूरी कोशिश की और बाद में राजा महीपाल के किले को जामा मस्जिद नाम दे दिया गया। उन्होंने जामा मस्जिद का सर्वे कराने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए एक फरवरी की तारीख तय की गई है।

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बदायूं के जामा मस्जिद के मुकदमे में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान हिंदू महासभा, इंतजामिया कमेटी और बौद्ध महासभा के वकील मौजूद रहे। हिंदू महासभा के वकील वेदप्रकाश साहू, विवेक रैंदर और अर्पित श्रीवास्तव ने न्यायालय में जामा मस्जिद की संपूर्ण स्थिति लाने के लिए कमीशन का प्रार्थना पत्र दिया। 

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इस संबंध में वकील वेदप्रकाश साहू ने बताया कि यह मुकदमा ही भगवान नीलकंठ महादेव मंदिर पर आधारित है। यह मंदिर राजा महीपाल के किले में मौजूद था। उस मंदिर की जो स्थिति और प्रकृति है, उसे परिवर्तित न करने के लिए ही वाद दायर कराया गया था। 

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मंदिर के साथ लगा भंडारी कुआं है। मंदिर में जो चढ़ावा आता था। वह भंडारी कुआं में एकत्र किया जाता था। बाद में वहीं से भंडारा आयोजित कराया जाता था। आज भी उसे भंडारी कुआं कहा जाता है। हिंदू महासभा का कहना है कि इस मस्जिद में आज भी मंदिर के तमाम अवशेष हैं। इसकी विस्तृत आख्या अदालत अमीन या कमिश्नर द्वारा कराई जाए। इसके बाद मामले की सुनवाई हो। 

इसके अलावा हिंदू महासभा ने बौद्ध महासभा के प्रार्थना पत्र का एतराज दाखिल किया। इस दौरान बौद्ध महासभा ने मुकदमे की कॉपी मांगी, जिस पर न्यायालय ने एतराज करते हुए अभी उन्हें पक्षकार स्वीकार नहीं किया। इसमें इंतजामिया कमेटी के वकील को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया है। इसकी सुनवाई के लिए एक फरवरी तारीख लगाई गई है।

सोमवार को भी हाजिर नहीं हुए चार पक्षकार
जामा मस्जिद के मुकदमे में चार पक्षकार यूनियन ऑफ इंडिया, पुरातत्व विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार प्रमुख सचिव और सुन्नी सेंट्रल वक्फ वोर्ड को पक्षकार बनाने के लिए पिछली तारीख पर गजट पेश हुआ था लेकिन चारों पक्षकारों की ओर से सोमवार को भी कोई हाजिर नहीं हुआ।

इंतजामिया कमेटी ने फिर पेश किया एतराज
इंतजामिया कमेटी के वकील अनवर आलम की ओर से एक बार फिर से एतराज दाखिल किया गया है। उन्होंने कहा है कि यह मामला सुनवाई के योग्य नहीं है। इस पर भी हिंदू महासभा के वकीलों ने एतराज किया है। उन्होंने कहा है कि इंतजामिया कमेटी ऐसा प्रार्थना पहले भी दे चुकी है।

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