{"_id":"613e46948ebc3ef9761d3f89","slug":"health-badaun-news-bly459396845","type":"story","status":"publish","title_hn":"मलेरिया के 24 मरीज और मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मलेरिया के 24 मरीज और मिले
विज्ञापन
तालाब में गंबूजिया मछली छोड़ते मलेरिया विभाग के कर्मी।संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। जिले में रविवार को भी मलेरिया के नए 24 रोगी मिले हैं। इनमें एक को फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो इस समय जिले में मलेरिया के 248 और फैल्सीपेरम मलेरिया के सात सक्रिय रोगी हैं। इसके साथ ही जिले में वायरल फीवर का प्रकोप है।
रविवार को जिले में अलग-अलग 24 स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंपों का आयोजन किया गया। इस दौरान 1536 लोगों की जांच की गई। इनमें 23 लोगों को मलेरिया और एक को फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। मलेरिया और डेंगू के रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों में 120 बेड आरक्षित किए गए हैं। फिलहाल किसी रोगी की हालत गंभीर नहीं है। ऐसे में यह बेड अभी खाली हैं। रविवार को जगत, वजीरगंज, आसफपुर, दातागंज, समरेर, बिसौली, कादरचौक समेत 24 स्थानों पर कैंप लगाकर बुखार पीड़ितों की जांच की गई। जिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी जांच की गईं। मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग की 39 टीमों ने अभियान चलाकर जिले भर में 497 स्थानों पर मच्छरों का लार्वा नष्ट कराया। बुखार और मलेरिया प्रभावित गांवों में स्प्रे के साथ डीडीटी घोल का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
इधर रविवार को जगत के टिकलपुरा और उसावां के रसूलपुर गांव में भी स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लोगों की जांच की। इन दोनों गांवों में चौबीस घंटे के भीतर बुखार से तीन लोगों की मौत हुई थी। अधिकारियों ने अपनी जांच पड़ताल का हवाला देकर दावा किया कि यह मौतें मलेरिया से नहीं हुई हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चलाकर मच्छरजनित बीमारियों पर काबू कर रहा है। पिछले वर्षों के मुकाबले मलेरिया रोगी कम मिल रहे हैं। जहां भी वायरल फीवर के प्रकोप की शिकायत मिल रही है वहां कैंप लगाए जा रहे हैं। -डॉ. अनिल शर्मा, एसीएमओ/नोडल अधिकारी संक्रामक रोग
विज्ञापन
रविवार को जिले में अलग-अलग 24 स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंपों का आयोजन किया गया। इस दौरान 1536 लोगों की जांच की गई। इनमें 23 लोगों को मलेरिया और एक को फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। मलेरिया और डेंगू के रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों में 120 बेड आरक्षित किए गए हैं। फिलहाल किसी रोगी की हालत गंभीर नहीं है। ऐसे में यह बेड अभी खाली हैं। रविवार को जगत, वजीरगंज, आसफपुर, दातागंज, समरेर, बिसौली, कादरचौक समेत 24 स्थानों पर कैंप लगाकर बुखार पीड़ितों की जांच की गई। जिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी जांच की गईं। मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग की 39 टीमों ने अभियान चलाकर जिले भर में 497 स्थानों पर मच्छरों का लार्वा नष्ट कराया। बुखार और मलेरिया प्रभावित गांवों में स्प्रे के साथ डीडीटी घोल का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
विज्ञापन
इधर रविवार को जगत के टिकलपुरा और उसावां के रसूलपुर गांव में भी स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लोगों की जांच की। इन दोनों गांवों में चौबीस घंटे के भीतर बुखार से तीन लोगों की मौत हुई थी। अधिकारियों ने अपनी जांच पड़ताल का हवाला देकर दावा किया कि यह मौतें मलेरिया से नहीं हुई हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चलाकर मच्छरजनित बीमारियों पर काबू कर रहा है। पिछले वर्षों के मुकाबले मलेरिया रोगी कम मिल रहे हैं। जहां भी वायरल फीवर के प्रकोप की शिकायत मिल रही है वहां कैंप लगाए जा रहे हैं। -डॉ. अनिल शर्मा, एसीएमओ/नोडल अधिकारी संक्रामक रोग