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Budaun News: पति की तेहरवीं के बाद पत्नी का फंदे से लटका मिला शव
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घटना की जानकारी देते सोहनपाल। संवाद
उघैती। गांव रधुनाथपुर में रविवार को पति रिंकू की मौत के 13दिन बाद पत्नी प्रवेश की ससुराल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। महिला का शव परिजनों को घर के छत वाले कमरे में फंदे से लटका मिला। महिला की मौत के समय घर पर उसके तीन बच्चे और उसकी जेठानी ही थी। पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
महिला के ससुर सोहन पाल ने बताया कि उनके बेटे रिंकू की 20 सितंबर को मौत हो गई थी। बेटे की मौत से 15 दिन पहले बहू प्रवेश तीनों बच्चों को छोड़कर मायके उझानी थाना क्षेत्र के गांव फुलासी चली गई थी। बेटे के कई बार बुलाने पर वह नहीं आई थी। इसके बाद बेटे ने कुछ खा लिया था और उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद से बहू ससुराल में रह रही थी।
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रिंकू की मौत के मामले में बिल्सी में किया जा रहा समझौता
राजेश ने रिंकू के ससुराल वालों पर भाई को विषाक्त पदार्थ देकर मार डालने का आरोप लगाया था। इन्हीं आरोपों को लेकर दोनों पक्षों में बिल्सी के गांव कटिन्ना में रिश्तेदार के यहां समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी दौरान सोहनपाल को फोन पर जानकारी मिली कि उनकी बहू प्रवेश की भी मौत हो गई है। सूचना पर मायके और ससुराल पक्ष के लोगों ने घर पहुंचकर सूचना पुलिस को दी।
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परिजनोंं की सूचना पर महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तहरीर मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। आलोक सिद्धू, सीओ बिल्सी
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बाबा-दादी की मजदूरी के भरोसे रह गया तीनों मासूमों का भविष्य
बदायूं। तीन मासूमों के ऊपर से पिता का साया उठे अभी 14 दिन भी नहीं बीते थे कि उनके ऊपर से माता का भी साया उठ गया। 20 सितंबर को पिता की मौत होने के बाद 4 अक्टूबर को मां की भी मौत होने से तीन मासूमों का भविष्य अब बाबा-दादी और परिवार के लोगों के भरोसे रह गया है। तीन बच्चों में दो मासूमों को तो यह जानकारी भी नहीं है कि उनकी मां और पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।
तीनों मासूम एक कोने में बैठकर घर आने वाले लोगों को देख रहे थे। तीनों में सबसे बड़े बेटे अक्षित की उम्र 12 वर्ष है। सात वर्ष की बेटी नीतू और फिर उससे छोटा दो वर्ष का बेटा गौरव है। अक्षित समझदार है, जो माता-पिता के खोने के बाद गुमसुम होकर अपने छोटे भाई को अपनी गोदी में और बहन को अपने पास बैठाये हुआ था। घर आने वाले लोगों की तीनों बच्चों को देखकर आंखें नम हो रही थीं। संवाद
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महिला के ससुर सोहन पाल ने बताया कि उनके बेटे रिंकू की 20 सितंबर को मौत हो गई थी। बेटे की मौत से 15 दिन पहले बहू प्रवेश तीनों बच्चों को छोड़कर मायके उझानी थाना क्षेत्र के गांव फुलासी चली गई थी। बेटे के कई बार बुलाने पर वह नहीं आई थी। इसके बाद बेटे ने कुछ खा लिया था और उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद से बहू ससुराल में रह रही थी।
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रिंकू की मौत के मामले में बिल्सी में किया जा रहा समझौता
राजेश ने रिंकू के ससुराल वालों पर भाई को विषाक्त पदार्थ देकर मार डालने का आरोप लगाया था। इन्हीं आरोपों को लेकर दोनों पक्षों में बिल्सी के गांव कटिन्ना में रिश्तेदार के यहां समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी दौरान सोहनपाल को फोन पर जानकारी मिली कि उनकी बहू प्रवेश की भी मौत हो गई है। सूचना पर मायके और ससुराल पक्ष के लोगों ने घर पहुंचकर सूचना पुलिस को दी।
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परिजनोंं की सूचना पर महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तहरीर मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। आलोक सिद्धू, सीओ बिल्सी
बाबा-दादी की मजदूरी के भरोसे रह गया तीनों मासूमों का भविष्य
बदायूं। तीन मासूमों के ऊपर से पिता का साया उठे अभी 14 दिन भी नहीं बीते थे कि उनके ऊपर से माता का भी साया उठ गया। 20 सितंबर को पिता की मौत होने के बाद 4 अक्टूबर को मां की भी मौत होने से तीन मासूमों का भविष्य अब बाबा-दादी और परिवार के लोगों के भरोसे रह गया है। तीन बच्चों में दो मासूमों को तो यह जानकारी भी नहीं है कि उनकी मां और पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।
तीनों मासूम एक कोने में बैठकर घर आने वाले लोगों को देख रहे थे। तीनों में सबसे बड़े बेटे अक्षित की उम्र 12 वर्ष है। सात वर्ष की बेटी नीतू और फिर उससे छोटा दो वर्ष का बेटा गौरव है। अक्षित समझदार है, जो माता-पिता के खोने के बाद गुमसुम होकर अपने छोटे भाई को अपनी गोदी में और बहन को अपने पास बैठाये हुआ था। घर आने वाले लोगों की तीनों बच्चों को देखकर आंखें नम हो रही थीं। संवाद

घटना की जानकारी देते सोहनपाल। संवाद

घटना की जानकारी देते सोहनपाल। संवाद