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Budaun News: अपनों के खून से ही रंग रहे हाथ
Mon, 23 Oct 2023 12:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 23 Oct 2023 12:45 AM IST
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बदायूं। प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के मामले में भले ही सरकार संगठित अपराध के सफाए का दावा कर रही हो लेकिन यहां अपने ही अपनों का खून बहाकर रिश्तों का कत्ल करने में सबसे आगे रहे हैं। जिले में एक या दो नहीं बल्कि तमाम ऐसे अपराध सामने आए हैं, जहां कहीं पत्नी ने खुद ही अपना सुहाग उजाड़ दिया तो कहीं बेटे अपने बाप की गर्दन उड़ाने से नहीं चूके। जिले में ही एक जनवरी 2022 से लेकर अब तक करीब पंद्रह से ज्यादा लोगों की हत्याएं केवल अपनों ने ही की हैं।
अभी कुछ दिन पहले 24 सितंबर को फैजगंज बेहटा क्षेत्र के गांव किशनपुर में दिव्यांग रक्षपाल की गोली मारकर हत्या हुई थी। हत्याकांड में उनके सगे भाई महेंद्र और भतीजों का हाथ था। वह केवल उनकी जमीन हथियाना चाहते थे। उझानी क्षेत्र के गांव बुर्राफरीदपुर में सगी मां ने 16 साल के बेटे हिमांशु की अपने प्रेमी से गला घोंटकर हत्या करवा दी। इसी साल 13 अगस्त की रात बिल्सी में घर के बाहर सोते समय तेजेंद्र सागर की हत्या उनकी पत्नी मिथलेश ने फरसे से गला काटकर कर दी थी। उसका कहना था कि तेजेंद्र रोजाना शराब पीकर गालीगलौज करते थे और बहू पर भी बुरी नीयत रखते थे।
पिता को जमीन के लिए कुल्हाड़ी से काटा था : वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव लखनपुरा में 22 अगस्त 2022 को 50 वर्षीय ताराचंद की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या सगे बेटे संजीव ने की थी। आरोपी का कहना था कि पिता ने अपनी जमीन का सौदा अपने चचेरे भाई को कर दिया था। इसका वह विरोध कर रहा था।
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दौलत के लिए करवा दी थी पिता की हत्या : 18 अक्तूबर 2022 को वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव अमरौली में सेवानिवृत्त शिक्षक सत्यपाल सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे विपिन प्रताप सिंह और उनकी पत्नी गीता ने संपत्ति को लेकर हत्या कराई थी। उन्होंने एक रिश्तेदार से मिलकर दो शूटरों को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी।
दुश्मनों को फंसाने के लिए मां को ही मार डाला : फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव कनुआ खेड़ा में 30 अक्तूबर 2022 को 65 वर्षीय जावित्री देवी की कांता से काटकर हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे किशन सिंह और अर्जुन सिंह एक लड़की की हत्या के आरोप में जेल में थे। उनका एक बेटा सत्यवीर मुरादाबाद और एक बेटा धर्मवीर चंदौसी में रहता था। उनमें सत्यवीर ने दुश्मनों को फंसाने के लिए मां की हत्या कर दी थी।
फावड़े से काट डाली थी भाई की पत्नी और साली : जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव शेखूपुरा में 11 अक्तूबर 2022 की रात लज्जावती और उनकी सात वर्षीय बहन मंजू की फावड़े से काटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस का कहना था कि लज्जावती के पति कमल सिंह, उनके भाई देशराज उर्फ जंडैल, बहोरी अपने अविवाहित भाई रमेश से रुपये मांगते थे। रुपये न देने पर उससे मारपीट करते थे। लज्जावती विरोध करती थी। इसके अलावा वह उसकी जमीन हड़पना चाहतेे थे।
कम हो रहा भावनात्मक लगाव, बिगड़ रहे रिश्ते : वरिष्ठ मनोचिकित्सक एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नरवीर यादव ने बताया कि आज के समय में हर व्यक्ति व्यस्त है। युवा पीढ़ी मोबाइल में खोती जा रही है। उसे रिश्तों की पहचान नहीं हो रही तो परिवार वाले भी व्यस्तता के चलते बच्चों को समय नहीं दे पा रहे हैं। खासकर किशोरावस्था में बच्चों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। अन्यथा वह रिश्तों की कद्र करना ही भूल जाएंगे। परिवार में भावनात्मक लगाव होना जरूरी है। अगर भावनात्मक रिश्ते नहीं बनेंगे तो उसका गलत प्रभाव पड़ेगा। फिर छोटी-छोटी चीजों को लेकर विवाद होगा। इस प्रकार की घटनाएं ज्यादातर देहात क्षेत्रों में होती है। वहां शिक्षा का अभाव भी इसका प्रमुख कारण है। शिक्षा से व्यक्ति का मानसिक विकास होता है, जिससे उसमें रिश्ते निभाने की भी समझ आती है।
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अभी कुछ दिन पहले 24 सितंबर को फैजगंज बेहटा क्षेत्र के गांव किशनपुर में दिव्यांग रक्षपाल की गोली मारकर हत्या हुई थी। हत्याकांड में उनके सगे भाई महेंद्र और भतीजों का हाथ था। वह केवल उनकी जमीन हथियाना चाहते थे। उझानी क्षेत्र के गांव बुर्राफरीदपुर में सगी मां ने 16 साल के बेटे हिमांशु की अपने प्रेमी से गला घोंटकर हत्या करवा दी। इसी साल 13 अगस्त की रात बिल्सी में घर के बाहर सोते समय तेजेंद्र सागर की हत्या उनकी पत्नी मिथलेश ने फरसे से गला काटकर कर दी थी। उसका कहना था कि तेजेंद्र रोजाना शराब पीकर गालीगलौज करते थे और बहू पर भी बुरी नीयत रखते थे।
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पिता को जमीन के लिए कुल्हाड़ी से काटा था : वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव लखनपुरा में 22 अगस्त 2022 को 50 वर्षीय ताराचंद की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या सगे बेटे संजीव ने की थी। आरोपी का कहना था कि पिता ने अपनी जमीन का सौदा अपने चचेरे भाई को कर दिया था। इसका वह विरोध कर रहा था।
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दौलत के लिए करवा दी थी पिता की हत्या : 18 अक्तूबर 2022 को वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव अमरौली में सेवानिवृत्त शिक्षक सत्यपाल सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे विपिन प्रताप सिंह और उनकी पत्नी गीता ने संपत्ति को लेकर हत्या कराई थी। उन्होंने एक रिश्तेदार से मिलकर दो शूटरों को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी।
दुश्मनों को फंसाने के लिए मां को ही मार डाला : फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव कनुआ खेड़ा में 30 अक्तूबर 2022 को 65 वर्षीय जावित्री देवी की कांता से काटकर हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे किशन सिंह और अर्जुन सिंह एक लड़की की हत्या के आरोप में जेल में थे। उनका एक बेटा सत्यवीर मुरादाबाद और एक बेटा धर्मवीर चंदौसी में रहता था। उनमें सत्यवीर ने दुश्मनों को फंसाने के लिए मां की हत्या कर दी थी।
फावड़े से काट डाली थी भाई की पत्नी और साली : जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव शेखूपुरा में 11 अक्तूबर 2022 की रात लज्जावती और उनकी सात वर्षीय बहन मंजू की फावड़े से काटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस का कहना था कि लज्जावती के पति कमल सिंह, उनके भाई देशराज उर्फ जंडैल, बहोरी अपने अविवाहित भाई रमेश से रुपये मांगते थे। रुपये न देने पर उससे मारपीट करते थे। लज्जावती विरोध करती थी। इसके अलावा वह उसकी जमीन हड़पना चाहतेे थे।
कम हो रहा भावनात्मक लगाव, बिगड़ रहे रिश्ते : वरिष्ठ मनोचिकित्सक एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नरवीर यादव ने बताया कि आज के समय में हर व्यक्ति व्यस्त है। युवा पीढ़ी मोबाइल में खोती जा रही है। उसे रिश्तों की पहचान नहीं हो रही तो परिवार वाले भी व्यस्तता के चलते बच्चों को समय नहीं दे पा रहे हैं। खासकर किशोरावस्था में बच्चों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। अन्यथा वह रिश्तों की कद्र करना ही भूल जाएंगे। परिवार में भावनात्मक लगाव होना जरूरी है। अगर भावनात्मक रिश्ते नहीं बनेंगे तो उसका गलत प्रभाव पड़ेगा। फिर छोटी-छोटी चीजों को लेकर विवाद होगा। इस प्रकार की घटनाएं ज्यादातर देहात क्षेत्रों में होती है। वहां शिक्षा का अभाव भी इसका प्रमुख कारण है। शिक्षा से व्यक्ति का मानसिक विकास होता है, जिससे उसमें रिश्ते निभाने की भी समझ आती है।