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ग्लैंडर फारसी ने दी दस्तक,  घोड़े को मारकर दफनाया

Fri, 17 Feb 2017 11:34 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Fri, 17 Feb 2017 11:34 PM IST
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Glander said knock Persian, Buried the dead horse
ग्लैंडर फारसी ने दी दस्तक,  घोड़े को मारकर दफनाया - फोटो : अमर उजाला

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पहले भी नूरपुर में मारे गये ग्लैंडर से पीड़ित चार घोड़े
बीमारी की पुष्टि होने पर डीएम से ली गई मारने की अनुमति

 अश्व प्रजाति के जानवरों मे होने वाली संक्रामक बीमारी ग्लैंडर फारसी ने दो साल बाद फिर से जिले में दस्तक दे दी है। निजामाबाद गांव में एक घोड़े में ग्लैंडर फारसी की पुष्टि हुई। इसे डीएम के आदेश से शुक्रवार को पशु चिकित्सकों ने जहर के इंजेक्शन लगाकर मारने के बाद गहरे गड्ढे में दफन करवा दिया। 
बता दें कि दो साल पहले पड़ोसी जनपद कासगंज और अलीगढ़ सहित उनकी सीमावर्ती बदायूं के कादरचैक ब्लाक के नूरपुर और उससे सटे लगभग दर्जन भर अश्व प्रजाति के पशुओं मे इस रोग पुष्टि हुई थी, तभी से जिले में अश्व प्रजाति के नखासों पर प्रतिबंध है। ककोड़ा मेला में इसी वजह से घुड़दौड़ भी दो साल से प्रतिबंधित है। कासगंज और अलीगढ़ मेेें ग्लैंडर फारसी का पहला मामला दो साल पहले सामने आने के बाद वहां घोड़ों को मारा गया था, लेकिन बाद में कादरचैक के नूरपुर गांव में जहीर के चार अश्व प्रजाति के पशुओं में इस बीमारी की पुष्टि हुई तो उनको भी मारकर दफनाया गया था। इससे पहले समरेर ब्लाक में भी चार घोड़ों में इस रोग की पुष्टि हुई थी, उनको भी मारा गया था। उसके बाद जिले में बाहर से अश्व प्रजाति के आगमन पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद भी आवागमन बना रहा। हाल ही में जिले में लगीं कई नुमाइयों और ईंट-भट्ठों से भी गधा घोड़ों का आना-जाना रहा है। इस बीच पशु चिकित्सा विभाग ने कई घोड़ों और गधों के सैंपल हरियाणा के हिसार स्थित अश्व अनुसंधान संस्थान में भेजे थे, जिसमें निजामाबाद के ओमप्रकाश के घोड़ा में ग्लैंडर फारसी के लक्षण मिले थे। रिपोर्ट आने पर घोड़े को मार कर दफना दिया गया। इसके लिए तीन सदस्यों की टीम में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अमित सक्सेना, डॉ. विवेक गौरव और पशुधन प्रसार अधिकारी भी रहे।
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जहीर को नहीं मिला अब तक मुआवजा
नूरपुर के जहीर के चार घोड़ों को मारा गया था। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मालिक को मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन नूरपुर के जहीर को अभी तक दो साल मे कोई मुआवजा नही मिल सका है। वही डॉ. अमित सक्सेना ने बताया कि जहीर की फाइल भेजी जा चुकी है। शीघ्र 25 हजार प्रति पशु के हिसाब से मुआवजा मिलेगा।
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ये है ग्लैंडर फारसी के लक्षण 
ग्लैंडर फारसी से पीड़ित पशु के शरीर मे गांठ बनने लगती है। आंख से पानी गिरना शरीर पर फफोले पड़ जाना भी प्राथमिक पहचान है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
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