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Budaun News: रिजल्ट में छात्राओं ने लड़कों को पछाड़ा
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रिजल्ट आने के बाद में सेल्फी लेती छात्राएं। संवाद
बदायूं। जिले में घोषित 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में इस बार छात्राओं का दबदबा साफ नजर आया। हालांकि 10वीं में हुमाम आफताब ने टॉप कर लड़कों का परचम लहराया, लेकिन टॉप-10 सूची में छात्राओं की संख्या और प्रदर्शन दोनों ही ज्यादा मजबूत रहे।
10वीं की टॉप सूची पर नजर डालें तो हूरिया खान, काव्य असवाल, नियति दीक्षित, पूर्वी सक्सेना और छवि गौर ने उच्च अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं 12वीं में तो छात्राओं ने पूरी तरह बाजी मार ली। अनामिका ने 98.25 प्रतिशत अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि गरिमा सिंह दूसरे स्थान पर रहीं।
इसके अलावा रश्मि शर्मा, रिधि सक्सेना, मृदुला और इशिका प्रकाश ने भी शानदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों का मानना है कि छात्राओं में बढ़ती जागरूकता, मेहनत और पढ़ाई के प्रति गंभीरता इस सफलता का मुख्य कारण है। अभिभावकों का सहयोग और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल भी इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।
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वहीं लड़कों का प्रदर्शन भी अच्छा रहा, लेकिन टॉप रैंकिंग में उनकी संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। सारांश साहू, विधान गुप्ता और जतिन कुमार ने बेहतर अंक हासिल किए, लेकिन समग्र परिणामों में छात्राएं आगे रहीं। शिक्षकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से छात्राओं का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। वे न केवल पढ़ाई में बल्कि अनुशासन और निरंतरता में भी आगे हैं। यह परिणाम समाज में बदलती सोच और बेटियों की शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास को भी दर्शाता है।
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10वीं की टॉप सूची पर नजर डालें तो हूरिया खान, काव्य असवाल, नियति दीक्षित, पूर्वी सक्सेना और छवि गौर ने उच्च अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं 12वीं में तो छात्राओं ने पूरी तरह बाजी मार ली। अनामिका ने 98.25 प्रतिशत अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि गरिमा सिंह दूसरे स्थान पर रहीं।
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इसके अलावा रश्मि शर्मा, रिधि सक्सेना, मृदुला और इशिका प्रकाश ने भी शानदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों का मानना है कि छात्राओं में बढ़ती जागरूकता, मेहनत और पढ़ाई के प्रति गंभीरता इस सफलता का मुख्य कारण है। अभिभावकों का सहयोग और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल भी इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।
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वहीं लड़कों का प्रदर्शन भी अच्छा रहा, लेकिन टॉप रैंकिंग में उनकी संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। सारांश साहू, विधान गुप्ता और जतिन कुमार ने बेहतर अंक हासिल किए, लेकिन समग्र परिणामों में छात्राएं आगे रहीं। शिक्षकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से छात्राओं का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। वे न केवल पढ़ाई में बल्कि अनुशासन और निरंतरता में भी आगे हैं। यह परिणाम समाज में बदलती सोच और बेटियों की शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास को भी दर्शाता है।