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शादी से एक दिन पहले युवती की मौत, नदी किनारे नहीं होने दिया अंतिम संस्कार
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दातागंज (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र में कुड़े गांव की युवती की शादी से एक दिन पहले बीमारी से मौत हो गई। परिवार वाले उसके शव को अंतिम संस्कार करने पड़ोसी गांव के नजदीक नदी किनारे ले गए लेकिन ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार नहीं करने दिया। इस पर काफी देर तक बहस चलती रही। आखिरकार परिवार वालों ने युवती के शव का रामगंगा किनारे अंतिम संस्कार किया।
कुड़े गांव निवासी हरपाल अपने परिवार के साथ फरीदाबाद में रह रहे थे। बताते हैं कि 19 वर्षीय बेटी आरती की तबियत बिगड़ने पर उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां मंगलवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार वाले किसी तरह आरती के शव को गांव ले आए। रात भर शव घर पर रखा रहा। बुधवार सुबह परिवार वाले युवती के शव को पड़ोसी गांव सिरसा में नदी किनारे अंतिम संस्कार को ले गए। परिवार परिवार वाले मोहल्ले के लोगों के साथ शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे, उसी वक्त सिरसा गांव के दर्जनों लोग पहुंच गए। उन्होंने नदी किनारे शव का अंतिम संस्कार करने पर एतराज जताया। इस पर काफी देर तक उनके बीच बहस चलती रही। जब गांव वाले नहीं माने तो परिवार वाले शव को रामगंगा किनारे ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार वालों के मुताबिक उन्होंने आरती का विवाह तय कर दिया था। गुरुवार को उसकी बरात आनी थी लेकिन उससे पहले ही आरती की मौत हो गई।
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कुड़े गांव निवासी हरपाल अपने परिवार के साथ फरीदाबाद में रह रहे थे। बताते हैं कि 19 वर्षीय बेटी आरती की तबियत बिगड़ने पर उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां मंगलवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार वाले किसी तरह आरती के शव को गांव ले आए। रात भर शव घर पर रखा रहा। बुधवार सुबह परिवार वाले युवती के शव को पड़ोसी गांव सिरसा में नदी किनारे अंतिम संस्कार को ले गए। परिवार परिवार वाले मोहल्ले के लोगों के साथ शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे, उसी वक्त सिरसा गांव के दर्जनों लोग पहुंच गए। उन्होंने नदी किनारे शव का अंतिम संस्कार करने पर एतराज जताया। इस पर काफी देर तक उनके बीच बहस चलती रही। जब गांव वाले नहीं माने तो परिवार वाले शव को रामगंगा किनारे ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार वालों के मुताबिक उन्होंने आरती का विवाह तय कर दिया था। गुरुवार को उसकी बरात आनी थी लेकिन उससे पहले ही आरती की मौत हो गई।
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