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असमया रफतपुर में फिर कटान, पेड़ गंगा में समाया, ग्रामीण दहशत में
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उसहैत। क्षेत्र के गांव असमया रफतपुर में शनिवार को एक बार फिर कटान में तेजी आ गई। इससे गांव की जमीन कटने लगी है। शनिवार को एक पेड़ भी गंगा में समा गया। साथ ही 40 से 50 बीघा फसल भी गंगा में डूब चुकी है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। वे रात जागकर काटने पर मजबूर हैं।
गंगा के जलस्तर में चार दिन से धीरे-धीरे कमी नजर आ रही थी, जिससे गंगा ने कटान शुरू कर दिया था, लेकिन शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को बैराजों से अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा पानी छोड़ गया। जिससे गंगा का जलस्तर कम होने की जगह वहीं पर रुक गया और कटान में पहले की अपेक्षा और तेजी आ गई। शनिवार को एक पेड़ भी कटान की भेंट चढ़ गया। कटान की रफ्तार बढ़ने से किसानों में बेचैनी शुरू हो गई है। हालत यह है कि किसान रात रात जागकर काट रहे हैं। ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दो ट्रांसफार्मर लगे हैं, जिसमें एक खराब है। दूसरे से बिजली सप्लाई दी जा रही है। लो वोल्टेज की समस्या है, जबकि ऐसे समय में गांव में बिजली की ज्यादा जरूरत है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से उसे ठीक कराने की मांग की है, ताकि कम से कम उनके फोन चार्ज हो सके। रात में गंगा नदी से होने वाले कटान के बारे में अधिकारियों से संपर्क साधा जा सके।
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गंगा के जलस्तर में चार दिन से धीरे-धीरे कमी नजर आ रही थी, जिससे गंगा ने कटान शुरू कर दिया था, लेकिन शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को बैराजों से अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा पानी छोड़ गया। जिससे गंगा का जलस्तर कम होने की जगह वहीं पर रुक गया और कटान में पहले की अपेक्षा और तेजी आ गई। शनिवार को एक पेड़ भी कटान की भेंट चढ़ गया। कटान की रफ्तार बढ़ने से किसानों में बेचैनी शुरू हो गई है। हालत यह है कि किसान रात रात जागकर काट रहे हैं। ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दो ट्रांसफार्मर लगे हैं, जिसमें एक खराब है। दूसरे से बिजली सप्लाई दी जा रही है। लो वोल्टेज की समस्या है, जबकि ऐसे समय में गांव में बिजली की ज्यादा जरूरत है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से उसे ठीक कराने की मांग की है, ताकि कम से कम उनके फोन चार्ज हो सके। रात में गंगा नदी से होने वाले कटान के बारे में अधिकारियों से संपर्क साधा जा सके।
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