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गंगा एक्सप्रेस-वे : करकटपुर में ग्रामीणों का हंगामा, काम रुकवाया
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करकटपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे का काम रुकवाने के दौरान विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : BADAUN
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वजीरगंज। बिसौली तहसील के अंतर्गत आने वाली गांव करकटपुर में बुधवार को हंगामा करते हुए ग्रामीणों ने गंगा एक्सप्रेस-वे का काम रुकवा दिया। गांव में कार्यदायी संस्था एसजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड की मशीनों को भी घेर लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि गलत पैमाइश पर भूमि का समतलीकरण किया जा रहा है। जिन किसानों की भूमि का बैनामा एक्सप्रेस-वे के लिए नहीं हुआ है उनकी भूमि को भी समतल किया जा रहा है।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का काम दस अप्रैल को शुरू हुआ था। गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसील के 85 गांवों से होता हुआ गुजरेगा और बदायूं में करीब 95 किमी दूरी तय करेगा। एक्सप्रेस-वे बिसौली तहसील के सबसे ज्यादा 38 गांव से होकर गुजरेगा। इसके अलावा दातागंज तहसील के 27, सदर के 18 और बिल्सी तहसील के दो गांव शामिल हैं। भूमि समतलीकरण का काम शुरू होने के साथ ही गलत स्थानों पर निशान लगाकर काम शुरू करने का विरोध भी शुरू हो गया था। बाद में प्रशासन ने राजस्व टीमों से पैमाइश कराई तो पता लगा कि गलत रेखांकन कर निशान लगाकर काम चालू करा दिया गया है।
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राजस्व टीमें गठित करने के बाद फिर से पैमाइश कराई गई। इस दौरान काम ठप रहा। नए सिरे से पैमाइश के बाद अब फिर से काम शुरू हुआ तो तो विरोध भी होने लगा है। बिसौली तहसील के बजीरगंज ब्लॉक के तहत आने वाले गांव करकटपुर में बुधवार को ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। काम में लगीं मशीनों को घेर लिया और काम रुकवा दिया। सूचना तहसील प्रशासन को दी गई, लेकिन देर शाम तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
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कहीं तय जमीन से ज्यादा तो कहीं बिना जमीन खरीदे हो रहा काम
करकटपुर के बाशिंदों का कहना है कि भले नए सिरे से पैमाइश की गई है लेकिन अब भी गलत स्थानों पर काम हो रहा है। कहीं तय जमीन से ज्यादा का समतलीकरण किया जा रहा है तो कहीं ऐसे किसानों की जमीन पर काम शुरू कर दिया गया है जिनकी जमीन एक्सप्रेस-वे के लिए खरीदी नहीं गई है। ऐसे लोग भी हैं जिनकी जमीन का बैनामा एक्सप्रेस-वे के लिए कराया गया है लेकिन वहां काम नहीं हो रहा। गांव के ओमकार और सत्यपाल का कहना है कि उनकी साढ़े चार बीघा जमीन अतिरिक्त जा रही है। इसी तरह उदयवीर, अरविंद, विपिन की साढ़े सात बीघा, उर्मिला देवी, बबली की पांच बीघा अतिरिक्त जमीन पर काम किया जा रहा है। मदन लाल का कहना है कि उनकी 12 बीघा जमीन का बैनामा कराया गया, लेकिन काम 15 बीघा में हो रहा है। योगेश, जगदीश, शिवशंकर, सुभाष, ओमवती, विनय कुमार आदि की जमीन को लेकर भी यही स्थिति है।
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जिन गांवों में ग्रामीणों की शिकायत थी वहां नए सिरे से पैमाइश कराई गई थी। करकटपुर में भी पैमाइश हुई थी। नया प्रकरण अभी मेरी जानकारी में नहीं है। अगर ग्रामीणों की पैमाइश को लेकर कोई शिकायत आती है तो उसका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।
-ज्योति शर्मा, एसडीएम दातागंज
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ग्रामीणों का आरोप है कि गलत पैमाइश पर भूमि का समतलीकरण किया जा रहा है। जिन किसानों की भूमि का बैनामा एक्सप्रेस-वे के लिए नहीं हुआ है उनकी भूमि को भी समतल किया जा रहा है।
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मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का काम दस अप्रैल को शुरू हुआ था। गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसील के 85 गांवों से होता हुआ गुजरेगा और बदायूं में करीब 95 किमी दूरी तय करेगा। एक्सप्रेस-वे बिसौली तहसील के सबसे ज्यादा 38 गांव से होकर गुजरेगा। इसके अलावा दातागंज तहसील के 27, सदर के 18 और बिल्सी तहसील के दो गांव शामिल हैं। भूमि समतलीकरण का काम शुरू होने के साथ ही गलत स्थानों पर निशान लगाकर काम शुरू करने का विरोध भी शुरू हो गया था। बाद में प्रशासन ने राजस्व टीमों से पैमाइश कराई तो पता लगा कि गलत रेखांकन कर निशान लगाकर काम चालू करा दिया गया है।
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राजस्व टीमें गठित करने के बाद फिर से पैमाइश कराई गई। इस दौरान काम ठप रहा। नए सिरे से पैमाइश के बाद अब फिर से काम शुरू हुआ तो तो विरोध भी होने लगा है। बिसौली तहसील के बजीरगंज ब्लॉक के तहत आने वाले गांव करकटपुर में बुधवार को ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। काम में लगीं मशीनों को घेर लिया और काम रुकवा दिया। सूचना तहसील प्रशासन को दी गई, लेकिन देर शाम तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
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कहीं तय जमीन से ज्यादा तो कहीं बिना जमीन खरीदे हो रहा काम
करकटपुर के बाशिंदों का कहना है कि भले नए सिरे से पैमाइश की गई है लेकिन अब भी गलत स्थानों पर काम हो रहा है। कहीं तय जमीन से ज्यादा का समतलीकरण किया जा रहा है तो कहीं ऐसे किसानों की जमीन पर काम शुरू कर दिया गया है जिनकी जमीन एक्सप्रेस-वे के लिए खरीदी नहीं गई है। ऐसे लोग भी हैं जिनकी जमीन का बैनामा एक्सप्रेस-वे के लिए कराया गया है लेकिन वहां काम नहीं हो रहा। गांव के ओमकार और सत्यपाल का कहना है कि उनकी साढ़े चार बीघा जमीन अतिरिक्त जा रही है। इसी तरह उदयवीर, अरविंद, विपिन की साढ़े सात बीघा, उर्मिला देवी, बबली की पांच बीघा अतिरिक्त जमीन पर काम किया जा रहा है। मदन लाल का कहना है कि उनकी 12 बीघा जमीन का बैनामा कराया गया, लेकिन काम 15 बीघा में हो रहा है। योगेश, जगदीश, शिवशंकर, सुभाष, ओमवती, विनय कुमार आदि की जमीन को लेकर भी यही स्थिति है।
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जिन गांवों में ग्रामीणों की शिकायत थी वहां नए सिरे से पैमाइश कराई गई थी। करकटपुर में भी पैमाइश हुई थी। नया प्रकरण अभी मेरी जानकारी में नहीं है। अगर ग्रामीणों की पैमाइश को लेकर कोई शिकायत आती है तो उसका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।
-ज्योति शर्मा, एसडीएम दातागंज