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Budaun News: बदायूं में गंगा खतरे का निशान पार, बाढ़ का खतरा
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कछला घाट पर बढ़ा गंगा का जलस्तर। संवाद
कछला/ सहसवान। नरौरा से डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी गंगा नदी में छोड़े जाने से गंगा किनारे के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर ऊपर है। कछला में घाट तक पानी पहुंचने लगा है। वहीं सहसवान के तीन गांव अब टापू बन गए हैं। आगामी 24 घंटे में पानी और बढ़ने की आशंका है।
गंगा में हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बैराजों से तेजी से पानी छोड़ा जा रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। हालत यह है कि नरौरा से रविवार को 1,67,780 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अगले 24 घंटे में यह पानी जिले की सीमा में प्रवेश कर जाएगा, जिससे लोगों की मुसीबत बढ़ सकती है।
हरिद्वार से भी 86 हजार और बिजनौर से 91 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। अभी बाढ़ का पानी आसपास के गांवों के खेतों में भर गया है। पानी ने गांव की ओर अपना रुख शुरू कर दिया है। गंगा में पिछले कई दिन से जलस्तर में उतार-चढ़ाव होने की वजह से कटान होना शुरू हो गया है। ऐसे में ईसमपुर, नगला अजमेरी, गंगा-महावा और चंदनपुर हुसैनपुर बांध पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ईसमपुर, गंगा महावा तटबंध को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा है।
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वहीं, सहसवान के भमरोलिया, तोफीनगला, पशुराम नगला गांव टापू बन गए हैं। बाढ़ के पानी ने गांव को चारों ओर से घेर लिया है। पानी और बढ़ता है तो गांव में भर जाएगा।
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गंगा में हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बैराजों से तेजी से पानी छोड़ा जा रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। हालत यह है कि नरौरा से रविवार को 1,67,780 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अगले 24 घंटे में यह पानी जिले की सीमा में प्रवेश कर जाएगा, जिससे लोगों की मुसीबत बढ़ सकती है।
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हरिद्वार से भी 86 हजार और बिजनौर से 91 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। अभी बाढ़ का पानी आसपास के गांवों के खेतों में भर गया है। पानी ने गांव की ओर अपना रुख शुरू कर दिया है। गंगा में पिछले कई दिन से जलस्तर में उतार-चढ़ाव होने की वजह से कटान होना शुरू हो गया है। ऐसे में ईसमपुर, नगला अजमेरी, गंगा-महावा और चंदनपुर हुसैनपुर बांध पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ईसमपुर, गंगा महावा तटबंध को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा है।
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वहीं, सहसवान के भमरोलिया, तोफीनगला, पशुराम नगला गांव टापू बन गए हैं। बाढ़ के पानी ने गांव को चारों ओर से घेर लिया है। पानी और बढ़ता है तो गांव में भर जाएगा।

कछला घाट पर बढ़ा गंगा का जलस्तर। संवाद