फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Four people get life imprisonment for slitting throat of a young woman

प्रेम विवाह करने पर मिली मौत: दातागंज थाने के पास युवती की गला रेतकर की थी हत्या, पिता-पुत्रों सहित चार को सजा

Thu, 17 Sep 2026 10:27 PM IST
Akash Dubey संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: Akash Dubey Updated Thu, 17 Sep 2026 10:27 PM IST
सार

प्रेम विवाह करने वाली अर्चना की उसके भाइयों रवित, पुष्पेंद्र और पिता चंद्रपाल, कुंवरपाल ने चाकू से हत्या की। न्यायालय ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

विज्ञापन
Four people get life imprisonment for slitting throat of a young woman
दोषियों को उम्रकैद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र की बीडीए कॉलोनी निवासी देवेंद्र सिंह के साथ आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह करने वाली युवती अर्चना की दातागंज थाने से पहले सड़क पर चाकू से गला रेतकर हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कु. रिंकू की कोर्ट ने मृतका के भाइयों में रवित कुमार, पुष्पेंद्र, पिता चंद्रपाल और कुंवरपाल (गोद लेने वाले पिता) निवासी पलिया गूजर को दोषी करार दिया। कोर्ट ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास के कैद की सजा सुनाई। दोषियों में चंद्रपाल और कुंवरपाल जुड़वा भाई हैं और दोनों भाइयों पर तमिल फिल्म भी बन चुकी है। दोनों ने एक ही महिला से शादी की है। उसी से जन्मी अर्चना थी। मुख्य दोषी पर 26 हजार और तीन दोषियों पर 25-25 हजार का जुर्माना डाला।

विज्ञापन


वादी देवेंद्र सिंह उर्फ हैप्पी पुत्र स्वर्गीय रामेश्वर सिंह ने दातागंज थाने में 28 जुलाई 2021 को दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि वह अर्चना युगल भारती उम्र 22 से बहुत प्रेम करता था। वह भी मुझसे प्रेम करती थी। हम दोनों ने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी, क्योंकि हम दोनों ही बालिग थे। अर्चना के परिवारीजनों एवं भाई रवित कुमार ने मेरे व मेरे भाइयों के खिलाफ एक झूठा मुकदमा थाना दातागंज में धारा 366 में लिखाया था। जिसके लिए हमने उच्च न्यायालय की शरण ली थी। उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में अपनी पत्नी अर्चना युगल भारती का धारा 164 का बयान दर्ज कराने दातागंज आए थे। वहीं समय करीब 10 बजे थाने से पहले सड़क पर रवित कुमार, पुष्पेंद्र व उनके पिता चंद्रपाल व कुंवरपाल घात लगाकर खड़े थे। इन सभी लोगों ने एक राय होकर गाड़ी को रोक लिया व हम लोगों पर जान से मारने की नियत से हमला कर दिया। 

विज्ञापन

रवित कुमार ने सबके सहयोग से चाकू से अर्चना के गले पर वार कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके गले से बहुत सा खून निकलने लगा। हम लोग चिल्लाए, तभी पुलिस आ गई। रवित और पुष्पेंद्र को चाकू के साथ पकड़ लिया। बाकी लोग भाग गए थे। पुलिस के सहयोग से अस्पताल ले गए, जहां पर अर्चना की मृत्यु हो गई। रवित कुमार, पुष्पेंद्र पुत्रगण चंद्रपाल-कुंवरपाल व चंद्र पाल व कुंवरपाल पुत्रगण रामसिंह निवासी पलिया गूजर ने मेरे व मेरे भाई भानु प्रताप सिंह के सामने पत्नी अर्चना की चाकू से गला रेतकर हत्या की। 

विज्ञापन

दातागंज पुलिस ने घटना के दौरान ही रवित व पुष्पेंद्र को गिरफ्तार कर चाकू बरामद दिखाया था। पुलिस ने विवेचना करने के बाद चारों अभियुक्तों के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई शुरू की। पांच साल के बाद कोर्ट ने बृहस्पतिवार को ऑनर किलिंग के प्रकरण में चारों अभियुक्तों को सजा सुनाई। कोर्ट ने हत्या में आजीवन कारावास की कैद के साथ 25-25 हजार का जुर्माना लगाया। जुर्माना न भरने पर तीन तीन माह की अतिरिक्त कैद भोगनी होगी। चाकू बरामद होने के मामले में दोषसिद्ध रवित पर एक हजार का जुर्माना भी लगाया।

विज्ञापन

देवेंद्र की पलिया गूजर में ननिहाल, आने-जाने से हुआ था अर्चना से प्यार
पलिया गूजर गांव की रहने वाली युवती अर्चना बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह व देवेंद्र सिंह एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। देवेंद्र की पलिया गूजर में ननिहाल है। उसका वहां आना-जाना था। उसी दौरान दोनों में प्यार हो गया था। परिजनों के पाबंदी लगाने पर अर्चना देवेंद्र के साथ उसके घर बरेली में चली गई थी और वहां प्रेम विवाह कर लिया था। इससे अर्चना का परिवार बेहद नाराज हो था। उच्च न्यायालय आदेश के बाद जब पुलिस सुरक्षा में अर्चना को दातागंज थाने ले जाया जा रहा था, तभी थाना से पहले अभियुक्तों ने गाड़ी को फिल्मी स्टाइल में रोका और अर्चना पर हमला कर दिया था।

दोषसिद्ध अभियुक्त जुड़वा एक ही शक्ल, कद काठी के, एक जैसे ही पहनते थे कपड़े
बेटी की हत्या के दोषसिद्ध अभियुक्त जुड़वा भाइयों में चंद्रपाल और कुंवरपाल की कहानी काफी चर्चित रही है। दोनों एक ही शक्ल, कद काठी के हैं। दोनों एक जैसे ही कपड़े पहनते थे। नहाना-खाना पीने के साथ एक साथ ही दोनों सोते थे। दोनों भाई राजनीति से भी जुड़े रहे। वह कांग्रेस के जिला महामंत्री भी रहे। दोनों भाइयों के साथ बतौर पत्नी रह रही महिला जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुकी थी। आरोपी बेटा प्रधान का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गया था। दोनों जुड़वा भाइयों पर एक तमिल फिल्म भी बनी। बताया जा रहा है कि दोनों जुड़वां भाइयों के गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी थी। पुलिस ने पहले कुंवरपाल को गिरफ्तार किया। वहां से कुछ दूर चंद्रपाल ने कुंवरपाल को गिरफ्तार देख खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों में एक विशेषता ये थी कि वे एक-दूसरे से अलग नहीं रह सकते थे। इधर, बताते हैं कि दोनों की पत्नी एक है तो उससे जन्मे बच्चों के पिता के नाम आगे चंद्रपाल-कुंवरपाल लिखा जाता है।

रिश्तेदारों ने घर से निकले की दी थी हत्यारोपियों को सूचना
अर्चना अपने पति देवेंद्र के साथ रात साढ़े 12 बजे दातागंज कोतवाली में बयान दर्ज कराने जा रही थी। इसकी जानकारी उसके पति देवेंद्र के कुछ रिश्तेदारों को थी। ननिहाल होने के नाते युवती के मायके में भी देवेंद्र के दो-चार रिश्तेदार थे। उन्हीं में से किसी ने आरोपियों को दोनों की दातागंज कोतवाली जाने की सटीक सूचना दी थी। पहले से जानकारी होने पर हत्यारोपियों ने थाने से पहले ही कुछ दूर उनको रास्ते में रोक लिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed