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अस्थायी बैरक में पूर्व विधायक योगेंद्र सागर ने जागकर काटी रात

Tue, 02 Nov 2021 12:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 02 Nov 2021 12:28 AM IST
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Former MLA Yogendra Sagar woke up and spent the night in the temporary barracks
बदायूं। छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुके पूर्व विधायक योगेंद्र सागर ने पहली रात जागकर काटी। चार दिन तक के लिए उसे अस्थायी जेल की बैरक में रखा गया है। कचहरी तिराहे पर सड़क किनारे स्थित बैरक में वाहनों की आवाजाही से उसे देर रात तक नींद नहीं आई। ठंड लगने पर कंबल दिया गया।
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शनिवार दोपहर पूर्व विधायक योगेंद्र सागर को छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। शाम पांच बजे तक कोविड-19 टेस्ट और मेडिकल परीक्षण की कार्रवाई चलती रही। तब कहीं उसे चार दिन के लिए जेल के सामने अस्थायी जेल की बैरक ले जाया गया। शाम को जेल में उड़द चना की दाल और रोटी बनी थी। पूर्व विधायक समेत अस्थायी बैरक में बंद पांच और बंदियों को यही खाना दिया गया। चूंकि पूर्व विधायक की पहली रात थी। इससे विधायक को ज्यादा परेशानी महसूस हुई। वो सुख सुविधाएं नहीं मिलीं जो अब तक घर पर मिल रही थीं। अस्थायी बैरक में जमीन पर लगे बिछौने पर सोना पड़ा। ओढ़ने के लिए एक कंबल दिया गया। सूत्रों के मुताबिक देर रात तक सागर ने अन्य बंदियों से बात की। इसके बाद वह अपने बिछौने पर लेट गया। नजदीक में सड़क पर वाहनों की आवाजाही हो रही थी। वाहनों के हॉर्न बज रहे थे। इससे सागर को नींद नहीं आई। मच्छरों का भी प्रकोप रहा। रात एक बजे के बाद जब ट्रैफिक शांत हुआ, तब कहीं झपकी ली लेकिन सुबह चार बजे से फिर ट्रैफिक शुरू हो गया था। इससे फिर नींद में खलल पड़ गई। रविवार सुबह जेल में दाल चावल बने थे। पूर्व विधायक ने भी दाल चावल खाए। रविवार के शाम को पूड़ी सब्जी और हलवा दिया गया।
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कोरोना काल में बनी थी अस्थायी जेल
कोरोना संक्रमण काल के दौरान अस्थायी जेल का निर्माण किया गया था। जेल प्रशासन को डर था कि अगर एक भी बंदी कोरोना पॉजिटिव आ गया तो अन्य बंदियों में कोरोना संक्रमण फैल जाएगा। इससे शुरुआती दौर में बंदियों को 14 दिन बाहर रखने का प्रावधान था लेकिन इस समय केवल चार दिन रखा जाता है। इसके बाद बंदियों को जेल के अंदर क्वारंटीन बैरक नंबर 12 में रखा जाता है। यहां भी चार दिन का प्रावधान है। उसके बाद बंदी को दूसरी बैरक में शिफ्ट कर दिया जाता है।
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पूर्व विधायक का कराया गया मेडिकल चेकअप
रविवार को अस्थायी जेल में एक डॉक्टर और एक फॉर्मासिस्ट को भेजकर पूर्व विधायक समेत अन्य बंदियों को मेडिकल चेकअप कराया गया। अभी विधायक ने कोई खास बीमारी नहीं बताई है। पूर्व विधायक का दोबारा मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।

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जेल में सभी के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाता है। पूर्व विधायक को वही खाना दिया गया है जो अन्य बंदियों को दिया गया। रात उड़द चना की दाल और रोटी थी। रविवार सुबह दाल चावल दिए गए। रविवार शाम को पूड़ी, सब्जी और हलवा दिया गया। क्योंकि जेल के मीनू में बड़े त्योहार, पहले, तीसरे और आखिरी रविवार को पूड़ी, सब्जी और हलवा दिया जाता है। - डॉ. विनय कुमार, जेल अधीक्षक
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