{"_id":"595fcb9a4f1c1b71718b4598","slug":"five-thousand-traders-booked-in-gst","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच हजार व्यापारियों ने जीएसटी में कराया रजिस्ट्रेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच हजार व्यापारियों ने जीएसटी में कराया रजिस्ट्रेशन
महीपाल गंगवार बदायूं।
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:05 AM IST
विज्ञापन
gst
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- वाणिज्यकर में अभी दो हजार और व्यापारियोें का रजिस्ट्रेशन होना बाकी
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों में शुरू में खलबली रही लेकिन अब बदायूं के व्यापारियों ने जीएसटी को अपना लिया है। इसका स्वागत करते हुए हर साल 20 लाख से ज्यादा टर्न ओवर वाले जिले के पांच हजार से ज्यादा व्यापारी वाणिज्यकर में जीएसटी का रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। जबकि जीएसटी के दायरे में जिले में सात हजार व्यापारी आ रहे हैं। अभी दो हजार का और रजिस्ट्रेशन कराना बाकी है। फिर भी इतनी अधिक संख्या में इतने कम समय में रजिस्ट्रेशन से वाणिज्यकर के अफसर खुश दिख रहे हैं।
वाणिज्यकर के अधिकारियों के मुताबिक, इतनी जल्दी पांच हजार रजिस्ट्रेशन इसलिए हो पाए क्योंकि जीएसटी में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बेहद सहज है। इन व्यापारियों ने जीएसटी लागू होने के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और उसके बाद वाणिज्यकर विभाग ने इनको जीएसटी में रजिस्टर्ड कर दिया। बता दें कि अब तक वाणिज्यकर विभाग में ये व्यापारी वैट के अंतर्गत रजिस्टर्ड थे। असिस्टेंट कमिश्नर महेंश चंद्र गंगवार ने बताया कि बाकी दो हजार व्यापारियों में से भी कई ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी चल रही है। जो रह जाएंगे, उनको भी रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
घर बैठे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
सालाना 20 लाख से ज्यादा का टर्नओवर करने वाले जिन व्यापारियों ने वाणिज्यकर में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनको जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। वह बिना सीए और वकील के घर बैठे जीएसटी की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। वाणिज्यकर के असिस्टेंट कमिश्नर महेश चंद्र ने बताया कि अगर सभी दस्तावेज ठीक हुए तो तीन दिन के अंदर जीएसटी नंबर व्यापारी के पास पहुंच जाएगा उसे कार्यालय में चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दस्तावेजों में कोई भी खामी मिलने पर ऑनलाइन पंजीकरण निरस्त हो जाएगा।
विज्ञापन
तहसील स्तर पर चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान
जीएसटी की बारीकियों को समझाने के लिए वाणिज्यकर कार्यालय में जीएसटी हेल्प डेस्क काउंटर खोला गया है। वहीं, तहसील स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया रहा है। जिले की दातागंज, सहसवान, बिल्सी, बिसौली, ककराला, वजीरगंज तहसील में यह अभियान चल रहा है। साथ ही विभाग की तरफ से टोल फ्री नंबर 0583-2224193 जारी किया गया है। जीएसटी से संबंधी किसी भी समस्या के लिए इस नंबर पर कॉल किया जा सकता है।
जीएसटी सरकार की सरल और अच्छी प्रणाली है। 17 तरीके के टैक्स समाप्त कर जीएसटी लागू किया गया है। सारा काम नंबर एक में होने से टैक्स सिस्टम में सुधार होगा। उपभोक्ताओं को इससे बड़ी राहत मिलेगी। जीएसटी संबंधी कोई भी दिक्कत होने पर व्यापारी सीधे कार्यालय आकर जानकारी ले सकते हैं। तहसील स्तर पर जीएसटी कार्यशाला आयोजित की जा रही हैं।
- राज कुमार गोयल, डिप्टी कमिश्नर, वाणिज्य कर
विज्ञापन
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों में शुरू में खलबली रही लेकिन अब बदायूं के व्यापारियों ने जीएसटी को अपना लिया है। इसका स्वागत करते हुए हर साल 20 लाख से ज्यादा टर्न ओवर वाले जिले के पांच हजार से ज्यादा व्यापारी वाणिज्यकर में जीएसटी का रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। जबकि जीएसटी के दायरे में जिले में सात हजार व्यापारी आ रहे हैं। अभी दो हजार का और रजिस्ट्रेशन कराना बाकी है। फिर भी इतनी अधिक संख्या में इतने कम समय में रजिस्ट्रेशन से वाणिज्यकर के अफसर खुश दिख रहे हैं।
वाणिज्यकर के अधिकारियों के मुताबिक, इतनी जल्दी पांच हजार रजिस्ट्रेशन इसलिए हो पाए क्योंकि जीएसटी में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बेहद सहज है। इन व्यापारियों ने जीएसटी लागू होने के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और उसके बाद वाणिज्यकर विभाग ने इनको जीएसटी में रजिस्टर्ड कर दिया। बता दें कि अब तक वाणिज्यकर विभाग में ये व्यापारी वैट के अंतर्गत रजिस्टर्ड थे। असिस्टेंट कमिश्नर महेंश चंद्र गंगवार ने बताया कि बाकी दो हजार व्यापारियों में से भी कई ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी चल रही है। जो रह जाएंगे, उनको भी रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
विज्ञापन
घर बैठे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
सालाना 20 लाख से ज्यादा का टर्नओवर करने वाले जिन व्यापारियों ने वाणिज्यकर में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनको जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। वह बिना सीए और वकील के घर बैठे जीएसटी की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। वाणिज्यकर के असिस्टेंट कमिश्नर महेश चंद्र ने बताया कि अगर सभी दस्तावेज ठीक हुए तो तीन दिन के अंदर जीएसटी नंबर व्यापारी के पास पहुंच जाएगा उसे कार्यालय में चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दस्तावेजों में कोई भी खामी मिलने पर ऑनलाइन पंजीकरण निरस्त हो जाएगा।
विज्ञापन
तहसील स्तर पर चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान
जीएसटी की बारीकियों को समझाने के लिए वाणिज्यकर कार्यालय में जीएसटी हेल्प डेस्क काउंटर खोला गया है। वहीं, तहसील स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया रहा है। जिले की दातागंज, सहसवान, बिल्सी, बिसौली, ककराला, वजीरगंज तहसील में यह अभियान चल रहा है। साथ ही विभाग की तरफ से टोल फ्री नंबर 0583-2224193 जारी किया गया है। जीएसटी से संबंधी किसी भी समस्या के लिए इस नंबर पर कॉल किया जा सकता है।
जीएसटी सरकार की सरल और अच्छी प्रणाली है। 17 तरीके के टैक्स समाप्त कर जीएसटी लागू किया गया है। सारा काम नंबर एक में होने से टैक्स सिस्टम में सुधार होगा। उपभोक्ताओं को इससे बड़ी राहत मिलेगी। जीएसटी संबंधी कोई भी दिक्कत होने पर व्यापारी सीधे कार्यालय आकर जानकारी ले सकते हैं। तहसील स्तर पर जीएसटी कार्यशाला आयोजित की जा रही हैं।
- राज कुमार गोयल, डिप्टी कमिश्नर, वाणिज्य कर