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सदर तहसील में भिड़े अधिवक्ता, मारपीट में एक का सिर फूटा

Wed, 26 Feb 2020 01:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2020 01:45 AM IST
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fight between lawyers
बदायूं। सदर तहसील परिसर में मंगलवार को एक तख्त डालने को लेकर अधिवक्ताओं के दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। एक-दूसरे के तख्त लौट दिए गए। इस मारपीट में एक अधिवक्ता का सिर फूट गया, जबकि कई लोगों के गुम चोटें आई हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
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ये विवाद मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे हुआ। बताते हैं कि अधिवक्ता सचिन प्रताप सिंह का पुराना तख्त टूट चुका था। दो दिन पहले उन्होंने उसी जगह पर नया तख्त खरीदकर डाला था। ये तख्त पुराने तख्त की अपेक्षा कुछ ज्यादा बड़ा था। इस पर पड़ोसी अधिवक्ता मुनेंद्र मुनेंद्र ने एतराज जताया था। उन्होंने तख्त को कुछ छोटा कराने को कहा था। मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे जैसे ही अधिवक्ता तहसील पहुंचे कि उनके बीच तख्त को लेकर विवाद शुरू हो गया। उनके बीच बात इतनी बढ़ गई कि गाली गलौज मारपीट में बदल गई। उन्होंने एक-दूसरे के साथ मारपीट कर दी, जिससे तहसील परिसर में अफरातफरी मच गई। कुछ अधिवक्ताओं ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन तब तक अधिवक्ता मुनेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। बाकी अधिवक्ताओं के भी गुम चोटें आईं।
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इसकी सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जैसे-तैसे मामला शांत किया। तुरंत ही घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। इस मामले में पुलिस ने अधिवक्ता मुनेंद्र कुमार की ओर से सचिन प्रताप सिंह, प्रमोद कुमार और चांद मियां समेत 10 अज्ञात के खिलाफ धारा 147, 148, 323, 504, 506 के तहत एफआईआर दर्ज की है। वहीं अधिवक्ता सचिन प्रताप सिंह ने अधिवक्ता मुनेंद्र कुमार, नगेंद्र कुमार, हरेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार के खिलाफ धारा 323, 504, 506 और एससी एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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अधिवक्ताओं के तख्त और वाहनों से भरा पड़ा है तहसील परिसर
सदर तहसील शहर के बीचोबीच स्थित होने के कारण जगह भी सीमित रह गई है। एसडीएम आफिस के सामने बाइक स्टैंड बना हुआ है। जबकि उनके कोर्ट के सामने अधिवक्ताओं के बिस्तर पड़े हुए हैं। उनकी गाड़ी आराम से खड़ी हो जाती है लेकिन तहसीलदार की गाड़ी उनके कार्यालय तक पहुंचने में दिक्कत होती है। अधिवक्ताओं के तख्त छोड़कर जो जगह बचती है, वहां दिन में बाइक आकर खड़ी हो जाती हैं। जिससे तहसील परिसर में बिल्कुल जगह नहीं बचती है। कभी-कभी बाइक तहसीलदार की गाड़ी खड़ी होती है, वहां लगा दी जाती हैं। जिससे अक्सर बाइक के इंडीकेटर टूटते रहते हैं। थोड़ी जगह के विवाद हो जाता है। अधिवक्ताओं के बीच हुआ विवाद भी इसी जगह को लेकर हुआ था।

सदर तहसील में तख्त डालने को लेकर अधिवक्ताओं के बीच मारपीट हुई है। दोनों पक्षों ने तहरीर दी थी, जिससे एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कार्रवाई मामले की जांच के बाद होगी।
- प्रमोद कुमार, प्रभारी इंस्पेक्टर कोतवाली
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